बिहार सरकार के मंत्रिपरिषद में नालंदा के कद्दावर नेता श्रवण कुमार और युवा चेहरा निशांत कुमार को शामिल किए जाने के निर्णय से जिले के जनता दल यूनाइटेड कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह और हर्ष का माहौल है। कार्यकर्ताओं ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि श्रवण कुमार और निशांत कुमार के मंत्री बनने से न केवल संगठन को नई मजबूती मिलेगी, बल्कि विकास के कार्यों में भी तेजी आएगी। जदयू कार्यकर्ताओं का मानना है कि पार्टी में निष्ठावान कार्यकर्ताओं को सम्मान देने की परंपरा को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर दोहराया है। कार्यकर्ता बोले- सेवा, समर्पण और सादगी के पर्याय माने जाते श्रवण कुमार के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे पार्टी के स्थापना काल से ही एक सच्चे सिपाही की तरह डटे रहे हैं। लगातार आठवीं बार नालंदा विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित होने वाले श्रवण कुमार राजनीति में सेवा, समर्पण और सादगी के पर्याय माने जाते हैं। जेपी आंदोलन से लेकर समता पार्टी की स्थापना और आज तक के हर राजनीतिक उतार-चढ़ाव में वे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में शामिल रहे हैं। जननायक कर्पूरी ठाकुर के सानिध्य में राजनीति का ककहरा सीखने वाले श्रवण कुमार के व्यक्तित्व में लोहिया, जयप्रकाश और नीतीश कुमार के विचारों का समावेश झलकता है। क्षेत्र की जनता के बीच उनकी छवि एक ऐसे सुलभ नेता की है, जिसका दरवाजा हर खासो-आम के लिए हमेशा खुला रहता है। युवाओं और छात्रों में विशेष जोश दिखा वहीं, मंत्रिपरिषद में शामिल किए गए निशांत कुमार को लेकर युवाओं और छात्रों में विशेष जोश देखा जा रहा है। पेशे से इंजीनियर और उच्च शिक्षित निशांत कुमार अपनी सादगी और ऊर्जावान कार्यशैली के कारण युवाओं के बीच अत्यंत लोकप्रिय हैं। उनके चयन से यह संदेश गया है कि पार्टी युवाओं की मेधा और सक्रियता को पूरा मान-सम्मान दे रही है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि श्रवण कुमार के अनुभव और निशांत कुमार की युवा ऊर्जा का संगम बिहार के विकास और सुशासन के संकल्प को और अधिक प्रभावी बनाएगा। इस महत्वपूर्ण निर्णय को लेकर जिले के समस्त कार्यकर्ताओं ने सर्वमान्य नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति हृदय से आभार प्रकट किया है। कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे सरकार की नीतियों, न्याय के साथ विकास के मॉडल और मुख्यमंत्री के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाएंगे। उनका मानना है कि ये दोनों नेता मुख्यमंत्री की ओर से पिछले 20 साल में किए गए ऐतिहासिक कार्यों को आगे बढ़ाएंगे और ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान किए गए वादों को पूरा करने में अपनी अहम भूमिका निभाएंगे।
बधाई देने वालों में मुख्य रूप से वरिष्ठ नेता राजेंद्र प्रसाद, जिलाध्यक्ष मोहम्मद अरशद, जदयू प्रवक्ता डॉ. धनंजय कुमार देव, गुलरेज अंसारी, संजयकांत सिन्हा, रंजीत कुमार, मुन्ना कुमार, मुकेश सिंह, जयराम सिंह, संजय कुशवाहा, डॉ. अरविंद कुमार, शैलेश कुमार, जनार्दन पंडित, अजय चंद्रवंशी, युवाध्यक्ष धीरज पटेल, प्रतीम राज उर्फ सन्नी पटेल, संजीत यादव, सुनील रविदास, निरंजना गुप्ता, राहुल कुशवाहा, इमरान रिजवी, मिंटू चौधरी, अरविंद पटेल, पंकज कुमार सोनी लाल, अमित कुमार रिक्की, हिलसा मुख्य पार्षद धनंजय कुमार, सर्वेश कुमार, शैलेन्द्र गराई, डॉ. सुनील दत्त, विकास शर्मा, राहुल रंजन कुशवाहा, त्रिनयन कुमार, सचिन पटेल, बब्लू पटेल और संजीत पासवान सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे। बिहार सरकार के मंत्रिपरिषद में नालंदा के कद्दावर नेता श्रवण कुमार और युवा चेहरा निशांत कुमार को शामिल किए जाने के निर्णय से जिले के जनता दल यूनाइटेड कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह और हर्ष का माहौल है। कार्यकर्ताओं ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि श्रवण कुमार और निशांत कुमार के मंत्री बनने से न केवल संगठन को नई मजबूती मिलेगी, बल्कि विकास के कार्यों में भी तेजी आएगी। जदयू कार्यकर्ताओं का मानना है कि पार्टी में निष्ठावान कार्यकर्ताओं को सम्मान देने की परंपरा को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर दोहराया है। कार्यकर्ता बोले- सेवा, समर्पण और सादगी के पर्याय माने जाते श्रवण कुमार के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे पार्टी के स्थापना काल से ही एक सच्चे सिपाही की तरह डटे रहे हैं। लगातार आठवीं बार नालंदा विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित होने वाले श्रवण कुमार राजनीति में सेवा, समर्पण और सादगी के पर्याय माने जाते हैं। जेपी आंदोलन से लेकर समता पार्टी की स्थापना और आज तक के हर राजनीतिक उतार-चढ़ाव में वे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में शामिल रहे हैं। जननायक कर्पूरी ठाकुर के सानिध्य में राजनीति का ककहरा सीखने वाले श्रवण कुमार के व्यक्तित्व में लोहिया, जयप्रकाश और नीतीश कुमार के विचारों का समावेश झलकता है। क्षेत्र की जनता के बीच उनकी छवि एक ऐसे सुलभ नेता की है, जिसका दरवाजा हर खासो-आम के लिए हमेशा खुला रहता है। युवाओं और छात्रों में विशेष जोश दिखा वहीं, मंत्रिपरिषद में शामिल किए गए निशांत कुमार को लेकर युवाओं और छात्रों में विशेष जोश देखा जा रहा है। पेशे से इंजीनियर और उच्च शिक्षित निशांत कुमार अपनी सादगी और ऊर्जावान कार्यशैली के कारण युवाओं के बीच अत्यंत लोकप्रिय हैं। उनके चयन से यह संदेश गया है कि पार्टी युवाओं की मेधा और सक्रियता को पूरा मान-सम्मान दे रही है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि श्रवण कुमार के अनुभव और निशांत कुमार की युवा ऊर्जा का संगम बिहार के विकास और सुशासन के संकल्प को और अधिक प्रभावी बनाएगा। इस महत्वपूर्ण निर्णय को लेकर जिले के समस्त कार्यकर्ताओं ने सर्वमान्य नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति हृदय से आभार प्रकट किया है। कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे सरकार की नीतियों, न्याय के साथ विकास के मॉडल और मुख्यमंत्री के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाएंगे। उनका मानना है कि ये दोनों नेता मुख्यमंत्री की ओर से पिछले 20 साल में किए गए ऐतिहासिक कार्यों को आगे बढ़ाएंगे और ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान किए गए वादों को पूरा करने में अपनी अहम भूमिका निभाएंगे।
बधाई देने वालों में मुख्य रूप से वरिष्ठ नेता राजेंद्र प्रसाद, जिलाध्यक्ष मोहम्मद अरशद, जदयू प्रवक्ता डॉ. धनंजय कुमार देव, गुलरेज अंसारी, संजयकांत सिन्हा, रंजीत कुमार, मुन्ना कुमार, मुकेश सिंह, जयराम सिंह, संजय कुशवाहा, डॉ. अरविंद कुमार, शैलेश कुमार, जनार्दन पंडित, अजय चंद्रवंशी, युवाध्यक्ष धीरज पटेल, प्रतीम राज उर्फ सन्नी पटेल, संजीत यादव, सुनील रविदास, निरंजना गुप्ता, राहुल कुशवाहा, इमरान रिजवी, मिंटू चौधरी, अरविंद पटेल, पंकज कुमार सोनी लाल, अमित कुमार रिक्की, हिलसा मुख्य पार्षद धनंजय कुमार, सर्वेश कुमार, शैलेन्द्र गराई, डॉ. सुनील दत्त, विकास शर्मा, राहुल रंजन कुशवाहा, त्रिनयन कुमार, सचिन पटेल, बब्लू पटेल और संजीत पासवान सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।


