500 लोगों के सामने चाचा में मारा था थप्पड़:गर्लफ्रेंड संग कमरे में पकड़ाया था, 6 साल बाद चचेरे भाई को मारकर लिया बदला; आरोपी का कबूलनामा

500 लोगों के सामने चाचा में मारा था थप्पड़:गर्लफ्रेंड संग कमरे में पकड़ाया था, 6 साल बाद चचेरे भाई को मारकर लिया बदला; आरोपी का कबूलनामा

“मुझे पंचायत में बांधकर लाया गया, जमीन पर बैठाया गया। इसके बाद भरी पंचायत में चाचा ने थप्पड़ मारा, वहां 500 से ज्यादा लोग थे। मैंने चाचा से कहा था मेरी गलती नहीं है, मैंने बस प्यार किया है, लेकिन उन्होंने मेरा साथ देने के बजाय दूसरे गांव वालों का साथ दिया। चाचा को सबक सिखाना था, इसलिए उनके बेटे गुड्डू की हत्या की।” सीवान के पचरुखी थाना क्षेत्र में बीते मंगलवार को हुई गुड्डू सिंह की हत्या में गिरफ्तार आरोपी और चचेरे भाई पिंकू ने पुलिस के सामने ये सारी बातें कही है। पुलिस ने पिंकू से हत्या में इस्तेमाल किए हथियार भी बरामद किया है। आरोपी पिंकू को चाचा ने थप्पड़ क्यों मारा? पंचायत क्यों बुलाई गई थी? उसे बांधकर क्यों लाया गया? क्या आरोपी ने एक थप्पड़ के कारण ही अपने चचेरे भाई की हत्या की, पढ़िए रिपोर्ट… पहले घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें… अब सिलसिलेवार पढ़िए हत्याकांड की पूरी कहानी 2018 में हुई थी पिंकू-पूजा की मुलाकात पचरुखी थाना क्षेत्र के जसौली गांव के सुदामा सिंह के बेटे पिंकू का पड़ोस के गांव हाता की रहने वाली पूजा (बदला हुआ नाम) से प्रेम प्रसंग था। पुलिस को दिए बयान में पिंकू ने कहा कि साल 2018 में वह पहली बार पूजा से मिला था। उस समय 8वीं क्लास में पढ़ रहा था, जबकि पूजा हाई स्कूल में पढ़ रही थी। फिर स्कूल के बाहर और बाजार में मिलने लगे थे। दोनों बालिग होकर शादी करने की तैयारी में थे। पिंकू ने पूजा से कहा था कि अगर घर वाले नहीं मानें, तो तुम घर से भाग जाना। हम दोनों दिल्ली जाकर रहेंगे, लेकिन बिछड़ेंगे नहीं। कोरोना के चलते दूरी बनी, तो घर में मिलने का प्लान बनाया पिंकू का कहना है कि साल 2020 में कोरोना का हल्ला बहुत था। बाहर लोग एक-दूसरे से नहीं मिलते थे। मेरी गर्लफ्रेंड को भी उसके परिजनों ने घर से निकलने से मना कर दिया था। मैं परेशान हो गया था। काफी दिनों से हमारी मुलाकात नहीं हुई थी। अप्रैल 2020 में मैंने उसे मैसेज कर कहा, “आज रात तुमसे मिलने आऊंगा।” गर्लफ्रेंड ने कहा, “बाहर नहीं आ सकती।” इस पर मैंने कहा कि मैं तुम्हारे घर आऊंगा। उसने पहले तो मना किया, लेकिन रात में सबके सो जाने के बाद मिलने की बात पर राजी हो गई। मैंने दोपहर से ही प्लानिंग शुरू कर दी थी। शाम को अपने दो दोस्तों को भी बता दिया था कि आज गर्लफ्रेंड से मिलने उसके घर जाऊंगा। तुम लोग भी साथ रहना, कुछ हो तो मुझे वहां से निकाल लेना। रात 8 बजे मैं घर से खाना खाकर निकला और घर में बता दिया कि दोस्त अखिलेश का बर्थडे है, इसलिए घर देर से आऊंगा। गांव में हम तीनों दोस्त मिले। वहां से बाइक पर सवार होकर हाता (गर्लफ्रेंड के गांव) गए। वहां के कई लोग मुझे जानते थे और यह भी जानते थे कि मेरा इसी गांव की लड़की से संबंध है। गांव में घुसते ही लोगों को शक हो गया पिंकू ने पुलिस को बताया कि जो लोग मुझे जानते थे, उन्हें शक हो गया था। उस समय मैंने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया था। रात करीब 12 बजे मेरे दोनों दोस्त मुझे उसके घर के पास छोड़कर करीब 500 मीटर की दूरी पर एक सुनसान जगह पर खड़े हो गए। मैं उसके घर के पीछे इंतजार करने लगा। वह बाहर आई और मुझे अंदर लेकर गई। गर्लफ्रेंड के कमरे में करीब 10 मिनट बैठने के बाद ही बाहर से आवाज आई। मैं घबरा गया। मैंने अपने दोस्तों को फोन किया, लेकिन उनलोगों ने फोन नहीं उठाया। दरवाजे पर 5-6 लोग खड़े थे। इनमें तीन गर्लफ्रेंड के परिवार के थे, जबकि 2-3 लोग गांव के थे। उन लोगों ने मेरी गर्लफ्रेंड को अलग कमरे में बंद कर दिया और मुझे पीटना शुरू कर दिया। पंचायत के सामने बांधकर लाया गया घटना की रात रातभर बांधकर रखा गया। अगले दिन सुबह मेरे चाचा सुभाष को फोन कर बुलाया गया। चाचा ने अपने साथ 10 लोगों को लेकर आए थे। मुझे लगा कि वे मेरा बदला लेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गांव में पंचायत बैठी। इसमें करीब 500 लोगों की भीड़ थी। मेरी गर्लफ्रेंड को भी बुलाया गया। मुझे बांधकर ही पंचायत के सामने पेश किया और जमीन पर बैठा दिया। मेरे चाचा ने मुझसे पूछा कि तुमने ऐसा क्यों किया? इस पर मैंने जवाब दिया कि मैंने कोई गलती नहीं की, मैंने बस प्यार किया है। इसी बात पर चाचा ने मुझे जोरदार थप्पड़ मार दिया। वहां चाचा ने मेरा साथ देने के बजाय उन्हीं गांव वालों का साथ दिया। गांव लौटते ही हत्या करने की ठान ली पंचायत ने मुझे चेतावनी देकर छोड़ दिया। घर लौटा तो चाचा ने गांव में भी मुझे अपमानित किया। इसी पर मैंने उन्हें सबक सिखाने की ठान ली। मैंने 2020 से ही चाचा और पंचायत में शामिल तीन लोगों को मारने की प्लानिंग की, जिन्होंने मुझे घर से पकड़ा था। मैं पिछले पांच सालों से तीनों को मारने की कोशिश कर रहा था, लेकिन सफल नहीं हो सका। कई बार दोस्तों ने भी धोखा दिया। आखिर में मुझे चाचा के बेटे को मारना पड़ा। क्योंकि वही आसान टारगेट लगा। हत्या के दिन क्या हुआ.. मृतक गुड्डू के भाई अभिषेक ने कहा कि 20 दिन पहले मेरा भाई गुड्डू पापा को लेकर सऊदी अरब से लौटा था। मेरे पिता कैंसर के आखिरी स्टेज में हैं। बीते मंगलवार को गुड्डू भैया पापा को लेकर पटना अस्पताल में दिखाने गए थे। वहां से शाम 5 बजे दोनों लौटे थे। आने के बाद भैया बाजार गए। करीब शाम 6 बजे के आसपास मेरे गांव के ही एक व्यक्ति ने मुझे फोन कर कहा कि तुम्हारे भाई का किसी से झगड़ा हुआ है। मैं वहां गया तो भैया खून से लथपथ थे। उन्हें गोली मारी गई थी। आनन-फानन में हमलोग उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन वो बच नहीं पाए। हथियार दिलाने वाला दोस्त परवेज भी गिरफ्तार रविवार को सदर-1 एसडीपीओ अजय कुमार सिंह ने मामले में मुख्य आरोपी पिंकू कुमार और हथियार उपलब्ध कराने वाले परवेज आलम को गिरफ्तार किया है। पिंकू का पहले से कोई क्रिमिनल ब्रैकग्राउंड नहीं मिला है, जबकि परवेज आलम के ऊपर पहले से भी कई केस हैं। दोनों से पूछताछ के बाद जेल भेज दिया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल देसी पिस्टल, एक मैगजीन, दो जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। “मुझे पंचायत में बांधकर लाया गया, जमीन पर बैठाया गया। इसके बाद भरी पंचायत में चाचा ने थप्पड़ मारा, वहां 500 से ज्यादा लोग थे। मैंने चाचा से कहा था मेरी गलती नहीं है, मैंने बस प्यार किया है, लेकिन उन्होंने मेरा साथ देने के बजाय दूसरे गांव वालों का साथ दिया। चाचा को सबक सिखाना था, इसलिए उनके बेटे गुड्डू की हत्या की।” सीवान के पचरुखी थाना क्षेत्र में बीते मंगलवार को हुई गुड्डू सिंह की हत्या में गिरफ्तार आरोपी और चचेरे भाई पिंकू ने पुलिस के सामने ये सारी बातें कही है। पुलिस ने पिंकू से हत्या में इस्तेमाल किए हथियार भी बरामद किया है। आरोपी पिंकू को चाचा ने थप्पड़ क्यों मारा? पंचायत क्यों बुलाई गई थी? उसे बांधकर क्यों लाया गया? क्या आरोपी ने एक थप्पड़ के कारण ही अपने चचेरे भाई की हत्या की, पढ़िए रिपोर्ट… पहले घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें… अब सिलसिलेवार पढ़िए हत्याकांड की पूरी कहानी 2018 में हुई थी पिंकू-पूजा की मुलाकात पचरुखी थाना क्षेत्र के जसौली गांव के सुदामा सिंह के बेटे पिंकू का पड़ोस के गांव हाता की रहने वाली पूजा (बदला हुआ नाम) से प्रेम प्रसंग था। पुलिस को दिए बयान में पिंकू ने कहा कि साल 2018 में वह पहली बार पूजा से मिला था। उस समय 8वीं क्लास में पढ़ रहा था, जबकि पूजा हाई स्कूल में पढ़ रही थी। फिर स्कूल के बाहर और बाजार में मिलने लगे थे। दोनों बालिग होकर शादी करने की तैयारी में थे। पिंकू ने पूजा से कहा था कि अगर घर वाले नहीं मानें, तो तुम घर से भाग जाना। हम दोनों दिल्ली जाकर रहेंगे, लेकिन बिछड़ेंगे नहीं। कोरोना के चलते दूरी बनी, तो घर में मिलने का प्लान बनाया पिंकू का कहना है कि साल 2020 में कोरोना का हल्ला बहुत था। बाहर लोग एक-दूसरे से नहीं मिलते थे। मेरी गर्लफ्रेंड को भी उसके परिजनों ने घर से निकलने से मना कर दिया था। मैं परेशान हो गया था। काफी दिनों से हमारी मुलाकात नहीं हुई थी। अप्रैल 2020 में मैंने उसे मैसेज कर कहा, “आज रात तुमसे मिलने आऊंगा।” गर्लफ्रेंड ने कहा, “बाहर नहीं आ सकती।” इस पर मैंने कहा कि मैं तुम्हारे घर आऊंगा। उसने पहले तो मना किया, लेकिन रात में सबके सो जाने के बाद मिलने की बात पर राजी हो गई। मैंने दोपहर से ही प्लानिंग शुरू कर दी थी। शाम को अपने दो दोस्तों को भी बता दिया था कि आज गर्लफ्रेंड से मिलने उसके घर जाऊंगा। तुम लोग भी साथ रहना, कुछ हो तो मुझे वहां से निकाल लेना। रात 8 बजे मैं घर से खाना खाकर निकला और घर में बता दिया कि दोस्त अखिलेश का बर्थडे है, इसलिए घर देर से आऊंगा। गांव में हम तीनों दोस्त मिले। वहां से बाइक पर सवार होकर हाता (गर्लफ्रेंड के गांव) गए। वहां के कई लोग मुझे जानते थे और यह भी जानते थे कि मेरा इसी गांव की लड़की से संबंध है। गांव में घुसते ही लोगों को शक हो गया पिंकू ने पुलिस को बताया कि जो लोग मुझे जानते थे, उन्हें शक हो गया था। उस समय मैंने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया था। रात करीब 12 बजे मेरे दोनों दोस्त मुझे उसके घर के पास छोड़कर करीब 500 मीटर की दूरी पर एक सुनसान जगह पर खड़े हो गए। मैं उसके घर के पीछे इंतजार करने लगा। वह बाहर आई और मुझे अंदर लेकर गई। गर्लफ्रेंड के कमरे में करीब 10 मिनट बैठने के बाद ही बाहर से आवाज आई। मैं घबरा गया। मैंने अपने दोस्तों को फोन किया, लेकिन उनलोगों ने फोन नहीं उठाया। दरवाजे पर 5-6 लोग खड़े थे। इनमें तीन गर्लफ्रेंड के परिवार के थे, जबकि 2-3 लोग गांव के थे। उन लोगों ने मेरी गर्लफ्रेंड को अलग कमरे में बंद कर दिया और मुझे पीटना शुरू कर दिया। पंचायत के सामने बांधकर लाया गया घटना की रात रातभर बांधकर रखा गया। अगले दिन सुबह मेरे चाचा सुभाष को फोन कर बुलाया गया। चाचा ने अपने साथ 10 लोगों को लेकर आए थे। मुझे लगा कि वे मेरा बदला लेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गांव में पंचायत बैठी। इसमें करीब 500 लोगों की भीड़ थी। मेरी गर्लफ्रेंड को भी बुलाया गया। मुझे बांधकर ही पंचायत के सामने पेश किया और जमीन पर बैठा दिया। मेरे चाचा ने मुझसे पूछा कि तुमने ऐसा क्यों किया? इस पर मैंने जवाब दिया कि मैंने कोई गलती नहीं की, मैंने बस प्यार किया है। इसी बात पर चाचा ने मुझे जोरदार थप्पड़ मार दिया। वहां चाचा ने मेरा साथ देने के बजाय उन्हीं गांव वालों का साथ दिया। गांव लौटते ही हत्या करने की ठान ली पंचायत ने मुझे चेतावनी देकर छोड़ दिया। घर लौटा तो चाचा ने गांव में भी मुझे अपमानित किया। इसी पर मैंने उन्हें सबक सिखाने की ठान ली। मैंने 2020 से ही चाचा और पंचायत में शामिल तीन लोगों को मारने की प्लानिंग की, जिन्होंने मुझे घर से पकड़ा था। मैं पिछले पांच सालों से तीनों को मारने की कोशिश कर रहा था, लेकिन सफल नहीं हो सका। कई बार दोस्तों ने भी धोखा दिया। आखिर में मुझे चाचा के बेटे को मारना पड़ा। क्योंकि वही आसान टारगेट लगा। हत्या के दिन क्या हुआ.. मृतक गुड्डू के भाई अभिषेक ने कहा कि 20 दिन पहले मेरा भाई गुड्डू पापा को लेकर सऊदी अरब से लौटा था। मेरे पिता कैंसर के आखिरी स्टेज में हैं। बीते मंगलवार को गुड्डू भैया पापा को लेकर पटना अस्पताल में दिखाने गए थे। वहां से शाम 5 बजे दोनों लौटे थे। आने के बाद भैया बाजार गए। करीब शाम 6 बजे के आसपास मेरे गांव के ही एक व्यक्ति ने मुझे फोन कर कहा कि तुम्हारे भाई का किसी से झगड़ा हुआ है। मैं वहां गया तो भैया खून से लथपथ थे। उन्हें गोली मारी गई थी। आनन-फानन में हमलोग उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन वो बच नहीं पाए। हथियार दिलाने वाला दोस्त परवेज भी गिरफ्तार रविवार को सदर-1 एसडीपीओ अजय कुमार सिंह ने मामले में मुख्य आरोपी पिंकू कुमार और हथियार उपलब्ध कराने वाले परवेज आलम को गिरफ्तार किया है। पिंकू का पहले से कोई क्रिमिनल ब्रैकग्राउंड नहीं मिला है, जबकि परवेज आलम के ऊपर पहले से भी कई केस हैं। दोनों से पूछताछ के बाद जेल भेज दिया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल देसी पिस्टल, एक मैगजीन, दो जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।  

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