औरंगाबाद जिले के ओबरा थाना क्षेत्र में वट सावित्री पूजा के दौरान लापता हुए चार वर्षीय मासूम अद्विक का 36 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चे के पिता ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अपहरण की आशंका जताई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच में जुटी हुई है। घटना शनिवार की है। देवी मंदिर के पास वट सावित्री पूजा के लिए काफी भीड़ जुटी हुई थी। अद्विक अपनी मां नेहा कुमारी के साथ मंदिर पहुंचा था। मां वट वृक्ष की परिक्रमा कर रही थी और बच्चा पास में खड़ा था। अचानक लापता हो गया। काफी खोजबीन के बाद भी कुछ नहीं मिला। एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें एक महिला बच्चे को ले जाते दिख रही है। अचानक नजरों से ओझल हो गया मां नेहा कुमारी ने बताया पूजा के दौरान लगातार अपने बेटे पर नजर रखे हुई थी। तीन फेरे तक दिखाई देता रहा, लेकिन चौथे फेरे के दौरान अचानक वह नजरों से ओझल हो गया। जैसे ही बेटे को सामने नहीं देखा, वह घबरा गई और जोर-जोर से उसका नाम लेकर पुकारने लगी। आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की, लेकिन कहीं कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद वहां मौजूद एक व्यक्ति से मोबाइल लेकर अपने पति सुधीर प्रसाद को फोन किया। रोते हुए बताया कि बाबू नहीं मिल रहा है। सूचना मिलते ही पिता मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों के साथ काफी देर तक बच्चे की तलाश करते रहे, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। लापता बच्चे की मां ने प्रशासन से बेटे को जल्द खोजने की गुहार लगाई है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अद्विक उनकी इकलौती संतान है। अगर बच्चे को कुछ हुआ तो वह इसे बर्दाश्त नहीं कर पाएंगी। प्रशासन को तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए। किसी राजनेता का बेटा होता तो पुलिस तुरंत कार्रवाई करती बच्चे के पिता और व्यवसायी सुधीर प्रसाद ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि घटना को 36 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक बच्चे की बरामदगी नहीं हो सकी है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि किसी बड़े नेता या वीआईपी का बच्चा गायब हुआ होता तो प्रशासन तुरंत जिले की नाकेबंदी कर देता। कुछ ही घंटों में बच्चा मिल जाता। एक आम आदमी के बच्चे के मामले में प्रशासन की सक्रियता नजर नहीं आ रही है। सीसीटीवी फुटेज में महिला के साथ जाते दिखा इधर मामले में नया मोड़ तब आया जब घटना से जुड़ा एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया। फुटेज में मासूम अद्विक एक अज्ञात महिला के साथ मंदिर परिसर से बाहर निकलते हुए दिखाई दे रहा है। महिला ने नीले रंग की साड़ी पहन रखी है। पुलिस अब उस महिला की पहचान करने में जुटी हुई है। छानबीन में जुटी है पुलिस मामले को लेकर दाउदनगर एसडीपीओ अशोक कुमार दास ने बताया कि बच्चे की मां मंदिर में पूजा कर रही थी और बच्चा पास में बैठा हुआ था। पूजा समाप्त होने के बाद जब मां लौटी तो बच्चा वहां नहीं था। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है। एक फुटेज में बच्चा मंदिर से बाहर निकलते हुए दिखाई दिया है। अन्य फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। जिले की डीआईयू टीम को भी जांच में लगाया गया है। जल्द ही बरामद कर लिया जाएगा। औरंगाबाद जिले के ओबरा थाना क्षेत्र में वट सावित्री पूजा के दौरान लापता हुए चार वर्षीय मासूम अद्विक का 36 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चे के पिता ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अपहरण की आशंका जताई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच में जुटी हुई है। घटना शनिवार की है। देवी मंदिर के पास वट सावित्री पूजा के लिए काफी भीड़ जुटी हुई थी। अद्विक अपनी मां नेहा कुमारी के साथ मंदिर पहुंचा था। मां वट वृक्ष की परिक्रमा कर रही थी और बच्चा पास में खड़ा था। अचानक लापता हो गया। काफी खोजबीन के बाद भी कुछ नहीं मिला। एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें एक महिला बच्चे को ले जाते दिख रही है। अचानक नजरों से ओझल हो गया मां नेहा कुमारी ने बताया पूजा के दौरान लगातार अपने बेटे पर नजर रखे हुई थी। तीन फेरे तक दिखाई देता रहा, लेकिन चौथे फेरे के दौरान अचानक वह नजरों से ओझल हो गया। जैसे ही बेटे को सामने नहीं देखा, वह घबरा गई और जोर-जोर से उसका नाम लेकर पुकारने लगी। आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की, लेकिन कहीं कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद वहां मौजूद एक व्यक्ति से मोबाइल लेकर अपने पति सुधीर प्रसाद को फोन किया। रोते हुए बताया कि बाबू नहीं मिल रहा है। सूचना मिलते ही पिता मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों के साथ काफी देर तक बच्चे की तलाश करते रहे, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। लापता बच्चे की मां ने प्रशासन से बेटे को जल्द खोजने की गुहार लगाई है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अद्विक उनकी इकलौती संतान है। अगर बच्चे को कुछ हुआ तो वह इसे बर्दाश्त नहीं कर पाएंगी। प्रशासन को तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए। किसी राजनेता का बेटा होता तो पुलिस तुरंत कार्रवाई करती बच्चे के पिता और व्यवसायी सुधीर प्रसाद ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि घटना को 36 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक बच्चे की बरामदगी नहीं हो सकी है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि किसी बड़े नेता या वीआईपी का बच्चा गायब हुआ होता तो प्रशासन तुरंत जिले की नाकेबंदी कर देता। कुछ ही घंटों में बच्चा मिल जाता। एक आम आदमी के बच्चे के मामले में प्रशासन की सक्रियता नजर नहीं आ रही है। सीसीटीवी फुटेज में महिला के साथ जाते दिखा इधर मामले में नया मोड़ तब आया जब घटना से जुड़ा एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया। फुटेज में मासूम अद्विक एक अज्ञात महिला के साथ मंदिर परिसर से बाहर निकलते हुए दिखाई दे रहा है। महिला ने नीले रंग की साड़ी पहन रखी है। पुलिस अब उस महिला की पहचान करने में जुटी हुई है। छानबीन में जुटी है पुलिस मामले को लेकर दाउदनगर एसडीपीओ अशोक कुमार दास ने बताया कि बच्चे की मां मंदिर में पूजा कर रही थी और बच्चा पास में बैठा हुआ था। पूजा समाप्त होने के बाद जब मां लौटी तो बच्चा वहां नहीं था। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है। एक फुटेज में बच्चा मंदिर से बाहर निकलते हुए दिखाई दिया है। अन्य फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। जिले की डीआईयू टीम को भी जांच में लगाया गया है। जल्द ही बरामद कर लिया जाएगा।


