‘आजकल गुटखा फ्री में नहीं मिलता, तुम नाव की बात करते हो। जो लोग फ्री की बात करते हैं, वो अनपढ़ होते हैं। सम्राट जी को जो कहना था, कह दिए। क्या सम्राट जी नाव पर चढ़ने आएंगे?’ भागलपुर में दैनिक भास्कर रिपोर्टर से बरारी घाट पर तैनात एक पुलिसकर्मी ने ये बातें कही। दरअसल, रविवार को भागलपुर दौरे पर आए मुख्यमंत्री ने कहा था कि जब तक विक्रमशिला सेतु चालू नहीं होता है, तब तक सभी निजी दोपहिया और चारपहिया वाहनों से नाव वाले कोई शुल्क नहीं लेगा। लोग मुफ्त में नदी पार करेंगे। फिलहाल, जिला प्रशासन की ओर से सिर्फ दो स्टीमर नि:शुल्क संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें यात्रियों से कोई किराया नहीं लिया जाता है। इसके अलावा निजी नावों में यात्रा करने पर 50 से 100 रुपए वसूले जा रहे हैं। बाइक पार कराने का किराया 50 रुपए है, जबकि प्रति यात्री भी 50 रुपए लिए जा रहे हैं। रिपोर्टर आम लोगों की तरह बरारी घाट पहुंचा था। सीएम के आदेश और डीएम के दावों की पड़ताल की। इस दौरान सामने आया कि सीएम के आदेश के बावजूद नाविक आम लोगों से किराया वसूल रहे हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले 2 तस्वीरें देखिए पढ़िए रिपोर्टर और व्यवस्था संभाल रहे पुलिसकर्मी के बीच क्या बातचीत हुई रिपोर्टर: नाव हाई लेवल घाट जाएगी क्या? पुलिसकर्मी: हाई लेवल ही जाएगी। रिपोर्टर: ये नाव फ्री वाला है न? पुलिसकर्मी: गुटखा तो फ्री में मिलता नहीं है, आप फ्री की बात कर रहे हैं। ये बात अनपढ़ लोग करते हैं। रिपोर्टर: मुख्यमंत्री ने तो फ्री में यात्रा की बात कही थी। पुलिसकर्मी: सम्राट जी घोषणा करके चले गए, लेकिन नाव चलाने वालों का खर्च कौन उठाएगा? नाव पर कई मजदूर और कर्मचारी काम करते हैं। उन्हें रोज मेहनताना चाहिए। ऐसे में पूरी तरह मुफ्त सेवा देना उनके लिए संभव नहीं है। अब जानिए नाव से यात्रा के दौरान किराया लेने की बात पर क्या बोले नाविक बरारी घाट पर मौजूद नाविक पवन कुमार ने कहा कि एक नाव पर पांच-छह लोग काम करते हैं और उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। यात्री किराया मांगने पर कहते हैं कि मुख्यमंत्री ने मुफ्त सेवा की घोषणा की है, इसलिए वे भुगतान नहीं करेंगे। फिलहाल जो यात्री स्वेच्छा से किराया दे देते हैं, उसी से काम चल रहा है। हम किसी से जबरन किराया नहीं लेते हैं। एक अन्य नाविक ने कहा कि जिला प्रशासन के लोग सही तरीके से पर्चा नहीं दे रहे हैं। चार दिन हो गए हैं, अब तक भुगतान नहीं हुआ है। आप ही बताइए कि क्या पर्चा से नाव चलेगा? क्या पर्चा को नाव के इंजन से सटा देंगे, तो नाव का इंजन स्टार्ट हो जाएगा? नाव पर कई लोग काम करते हैं, उनको मेहनता देना पड़ता है। अगर हम किराया नहीं वसूलेंगे तो कैसे हमारा और नाव पर काम करने वाले लोगों का पेट भरेगा। चार और नाविकों से नवगछिया घाट ले जाने की बात की तो उन्होंने 50 रुपए कराया देने को कहा। अब जानिए मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद किराया लेने पर लोगों ने क्या कहा? नवगछिया हाई लेवल से नाव के जरिए बरारी घाट पहुंचे यात्री मिथुन ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति से 50 किराया वसूला जा रहा है। सरकार की ओर से नि:शुल्क नाव परिचालन का निर्देश दिया गया है, लेकिन नाविक अब भी यात्रियों से पैसे ले रहे हैं। नाव यात्री आनंद ने बताया कि सभी नाव चालक पैसे ले रहे हैं। नाव चालक से पूछा कि क्या किराया देना होगा, तो जवाब मिला-प्रत्येक व्यक्ति को 50 रुपए देना होगा। सिर्फ दिखावे के लिए कहा जा रहा है कि नाव सेवा मुफ्त है, जबकि सभी नाव चालक प्रति यात्री 50 रुपए वसूल रहे हैं। पैसे के लिए नाविक ने बीच गंगा में रोक दी नाव मोहम्मद फखरुद्दीन ने बताया कि नाव से गंगा पार करने के दौरान 50 रुपए किराया के रूप में लिया गया। नाव चालक ने सिर्फ हम से ही किराया नहीं वसूला, बल्कि नाव में सवार सभी लोगों से किराया वसूला। गोपालपुर निवासी सुजीत कुमार अपने बीमार पिता के साथ भागलपुर आ रहे थे। उनका आरोप है कि नाव जैसे ही बीच गंगा में पहुंची, नाविक ने प्रति यात्री 30 से 50 रुपए की मांग शुरू कर दी। विरोध करने पर नाविकों ने कहा कि डीजल खर्च तो देना ही होगा और कुछ देर के लिए नाव को बीच नदी में रोक दिया। तिलकामांझी हटिया रोड में सब्जी बेचने वाले मुकेश मंडल ने बताया कि महादेवपुर से एक बोरा खीरा और एक बोरा परवल लेकर आने पर 100 रुपए लिए गए। जानिए प्रशासन नाविकों को प्रति यात्री कितने रुपए दे रही मुख्यमंत्री के भागलपुर दौरे के अगले दिन यानी सोमवार को डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में बरारी घाट पर नाविकों, जलयान संचालकों और प्रशासनिक टीम के साथ बैठक हुई, जिसमें ये निर्णय लिया गया कि नाविकों को प्रति यात्री और प्रति दोपहिया वाहन 30 रुपए सरकार देगी। राशि नाविकों के खाते में जाएगी। एसपी सिंगला कंपनी को निर्देश दिया कि विक्रमशिला सेतु पर बने बेली ब्रिज के चालू होने तक बरारी घाट और महादेवपुर घाट के बीच सुबह 5 से शाम 5 बजे तक एक-एक जहाज मुफ्त चलाना होगा। जिरिया कंपनी को बरारी घाट और जाह्नवी चौक घाट के बीच दो-दो जहाजों को कम से कम चार फेरे निःशुल्क चलाने होंगे। घाटों पर सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती होगी। तय किया गया कि बरारी घाट से सभी नाव नंबर से खुलेंगी। नाविक क्षमता के हिसाब से यात्रियों को चढ़ाएंगे। नाविकों को कैंप में बैठे अधिकारी से टोकन लेना होगा। टोकन पर अधिकारी यात्रियों व बाइक की संख्या दर्ज करेंगे। नियंत्रण कक्ष से पर्ची मिलने के बाद ही नाविक यात्रियों को लेकर रवाना होंगे। DM ने नाविकों को हिदायत देते हुए कहा- कार्रवाई होगी डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि नाविकों को सख्त हिदायत दी गई है। यात्रियों से एक रुपए भी नहीं लेना है। प्रशासन की ओर से नाविकों के उचित भुगतान के लिए पर्याप्त फंड दिए गए है। कोई रिजस्टर्ड नाविक यात्रियों से पैसे वसूल रहा है तो वो सीधे जेल जाएगा। आखिर में पूरा मामला समझिए 3 मई की आधी रात विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा टूटकर गंगा नदी में गिर गया था। इसके बाद भागलपुर का नवगछिया समेत सीमांचल से कनेक्शन टूट गया था, पुल से आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई। लोगों के आने-जाने के लिए नाव सहारा बनी। शुरुआती दिनों में जिला प्रशासन ने लोगों की सुविधा के लिए स्टीमर सेवा शुरू की, जिससे यात्रियों को राहत मिली। वहीं दूसरी ओर निजी नावों की संख्या भी लगातार बढ़ती गई। प्रारंभिक दौर में नाविक यात्रियों से 300 से 500 रुपए तक वसूल रहे थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए नावों का रजिस्ट्रेशन कराया और यात्री किराया भी निर्धारित किया। 31 मई यानी रविवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भागलपुर पहुंचे। उन्होंने विक्रमशिला सेतु पर बन रहे बेली ब्रिज और समानांतर पुल निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने घोषणा की कि जब तक बेली ब्रिज बनकर तैयार नहीं हो जाता, तब तक लोगों को नि:शुल्क आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। ‘आजकल गुटखा फ्री में नहीं मिलता, तुम नाव की बात करते हो। जो लोग फ्री की बात करते हैं, वो अनपढ़ होते हैं। सम्राट जी को जो कहना था, कह दिए। क्या सम्राट जी नाव पर चढ़ने आएंगे?’ भागलपुर में दैनिक भास्कर रिपोर्टर से बरारी घाट पर तैनात एक पुलिसकर्मी ने ये बातें कही। दरअसल, रविवार को भागलपुर दौरे पर आए मुख्यमंत्री ने कहा था कि जब तक विक्रमशिला सेतु चालू नहीं होता है, तब तक सभी निजी दोपहिया और चारपहिया वाहनों से नाव वाले कोई शुल्क नहीं लेगा। लोग मुफ्त में नदी पार करेंगे। फिलहाल, जिला प्रशासन की ओर से सिर्फ दो स्टीमर नि:शुल्क संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें यात्रियों से कोई किराया नहीं लिया जाता है। इसके अलावा निजी नावों में यात्रा करने पर 50 से 100 रुपए वसूले जा रहे हैं। बाइक पार कराने का किराया 50 रुपए है, जबकि प्रति यात्री भी 50 रुपए लिए जा रहे हैं। रिपोर्टर आम लोगों की तरह बरारी घाट पहुंचा था। सीएम के आदेश और डीएम के दावों की पड़ताल की। इस दौरान सामने आया कि सीएम के आदेश के बावजूद नाविक आम लोगों से किराया वसूल रहे हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले 2 तस्वीरें देखिए पढ़िए रिपोर्टर और व्यवस्था संभाल रहे पुलिसकर्मी के बीच क्या बातचीत हुई रिपोर्टर: नाव हाई लेवल घाट जाएगी क्या? पुलिसकर्मी: हाई लेवल ही जाएगी। रिपोर्टर: ये नाव फ्री वाला है न? पुलिसकर्मी: गुटखा तो फ्री में मिलता नहीं है, आप फ्री की बात कर रहे हैं। ये बात अनपढ़ लोग करते हैं। रिपोर्टर: मुख्यमंत्री ने तो फ्री में यात्रा की बात कही थी। पुलिसकर्मी: सम्राट जी घोषणा करके चले गए, लेकिन नाव चलाने वालों का खर्च कौन उठाएगा? नाव पर कई मजदूर और कर्मचारी काम करते हैं। उन्हें रोज मेहनताना चाहिए। ऐसे में पूरी तरह मुफ्त सेवा देना उनके लिए संभव नहीं है। अब जानिए नाव से यात्रा के दौरान किराया लेने की बात पर क्या बोले नाविक बरारी घाट पर मौजूद नाविक पवन कुमार ने कहा कि एक नाव पर पांच-छह लोग काम करते हैं और उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। यात्री किराया मांगने पर कहते हैं कि मुख्यमंत्री ने मुफ्त सेवा की घोषणा की है, इसलिए वे भुगतान नहीं करेंगे। फिलहाल जो यात्री स्वेच्छा से किराया दे देते हैं, उसी से काम चल रहा है। हम किसी से जबरन किराया नहीं लेते हैं। एक अन्य नाविक ने कहा कि जिला प्रशासन के लोग सही तरीके से पर्चा नहीं दे रहे हैं। चार दिन हो गए हैं, अब तक भुगतान नहीं हुआ है। आप ही बताइए कि क्या पर्चा से नाव चलेगा? क्या पर्चा को नाव के इंजन से सटा देंगे, तो नाव का इंजन स्टार्ट हो जाएगा? नाव पर कई लोग काम करते हैं, उनको मेहनता देना पड़ता है। अगर हम किराया नहीं वसूलेंगे तो कैसे हमारा और नाव पर काम करने वाले लोगों का पेट भरेगा। चार और नाविकों से नवगछिया घाट ले जाने की बात की तो उन्होंने 50 रुपए कराया देने को कहा। अब जानिए मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद किराया लेने पर लोगों ने क्या कहा? नवगछिया हाई लेवल से नाव के जरिए बरारी घाट पहुंचे यात्री मिथुन ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति से 50 किराया वसूला जा रहा है। सरकार की ओर से नि:शुल्क नाव परिचालन का निर्देश दिया गया है, लेकिन नाविक अब भी यात्रियों से पैसे ले रहे हैं। नाव यात्री आनंद ने बताया कि सभी नाव चालक पैसे ले रहे हैं। नाव चालक से पूछा कि क्या किराया देना होगा, तो जवाब मिला-प्रत्येक व्यक्ति को 50 रुपए देना होगा। सिर्फ दिखावे के लिए कहा जा रहा है कि नाव सेवा मुफ्त है, जबकि सभी नाव चालक प्रति यात्री 50 रुपए वसूल रहे हैं। पैसे के लिए नाविक ने बीच गंगा में रोक दी नाव मोहम्मद फखरुद्दीन ने बताया कि नाव से गंगा पार करने के दौरान 50 रुपए किराया के रूप में लिया गया। नाव चालक ने सिर्फ हम से ही किराया नहीं वसूला, बल्कि नाव में सवार सभी लोगों से किराया वसूला। गोपालपुर निवासी सुजीत कुमार अपने बीमार पिता के साथ भागलपुर आ रहे थे। उनका आरोप है कि नाव जैसे ही बीच गंगा में पहुंची, नाविक ने प्रति यात्री 30 से 50 रुपए की मांग शुरू कर दी। विरोध करने पर नाविकों ने कहा कि डीजल खर्च तो देना ही होगा और कुछ देर के लिए नाव को बीच नदी में रोक दिया। तिलकामांझी हटिया रोड में सब्जी बेचने वाले मुकेश मंडल ने बताया कि महादेवपुर से एक बोरा खीरा और एक बोरा परवल लेकर आने पर 100 रुपए लिए गए। जानिए प्रशासन नाविकों को प्रति यात्री कितने रुपए दे रही मुख्यमंत्री के भागलपुर दौरे के अगले दिन यानी सोमवार को डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में बरारी घाट पर नाविकों, जलयान संचालकों और प्रशासनिक टीम के साथ बैठक हुई, जिसमें ये निर्णय लिया गया कि नाविकों को प्रति यात्री और प्रति दोपहिया वाहन 30 रुपए सरकार देगी। राशि नाविकों के खाते में जाएगी। एसपी सिंगला कंपनी को निर्देश दिया कि विक्रमशिला सेतु पर बने बेली ब्रिज के चालू होने तक बरारी घाट और महादेवपुर घाट के बीच सुबह 5 से शाम 5 बजे तक एक-एक जहाज मुफ्त चलाना होगा। जिरिया कंपनी को बरारी घाट और जाह्नवी चौक घाट के बीच दो-दो जहाजों को कम से कम चार फेरे निःशुल्क चलाने होंगे। घाटों पर सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती होगी। तय किया गया कि बरारी घाट से सभी नाव नंबर से खुलेंगी। नाविक क्षमता के हिसाब से यात्रियों को चढ़ाएंगे। नाविकों को कैंप में बैठे अधिकारी से टोकन लेना होगा। टोकन पर अधिकारी यात्रियों व बाइक की संख्या दर्ज करेंगे। नियंत्रण कक्ष से पर्ची मिलने के बाद ही नाविक यात्रियों को लेकर रवाना होंगे। DM ने नाविकों को हिदायत देते हुए कहा- कार्रवाई होगी डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि नाविकों को सख्त हिदायत दी गई है। यात्रियों से एक रुपए भी नहीं लेना है। प्रशासन की ओर से नाविकों के उचित भुगतान के लिए पर्याप्त फंड दिए गए है। कोई रिजस्टर्ड नाविक यात्रियों से पैसे वसूल रहा है तो वो सीधे जेल जाएगा। आखिर में पूरा मामला समझिए 3 मई की आधी रात विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा टूटकर गंगा नदी में गिर गया था। इसके बाद भागलपुर का नवगछिया समेत सीमांचल से कनेक्शन टूट गया था, पुल से आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई। लोगों के आने-जाने के लिए नाव सहारा बनी। शुरुआती दिनों में जिला प्रशासन ने लोगों की सुविधा के लिए स्टीमर सेवा शुरू की, जिससे यात्रियों को राहत मिली। वहीं दूसरी ओर निजी नावों की संख्या भी लगातार बढ़ती गई। प्रारंभिक दौर में नाविक यात्रियों से 300 से 500 रुपए तक वसूल रहे थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए नावों का रजिस्ट्रेशन कराया और यात्री किराया भी निर्धारित किया। 31 मई यानी रविवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भागलपुर पहुंचे। उन्होंने विक्रमशिला सेतु पर बन रहे बेली ब्रिज और समानांतर पुल निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने घोषणा की कि जब तक बेली ब्रिज बनकर तैयार नहीं हो जाता, तब तक लोगों को नि:शुल्क आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।


