रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में शनिवार भारतीय एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक दिन रहा। पंजाब के 25 साल के स्प्रिंटर गुरिंदरवीर सिंह ने एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता की पुरुषों की 100 मीटर रेस 10.09 सेकेंड में पूरी की और नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया। यह पहली बार है, जब किसी भारतीय ने 100 मीटर रेस 10.10 सेकेंड से कम समय में पूरी की है। रेस जीतने के बाद गुरिंदरवीर ने जोश में अपना बिब नंबर उतार दिया और ट्रैक पर जूते फेंक दिए। इवेंट के बाद गुरिंदरवीर ने कहा- ‘लोग कहते थे कि भारतीयों के पास 100 मीटर के लिए जीन नहीं हैं। मैं सबको गलत साबित करना चाहता था। भारतीय जीन बहुत मजबूत हैं और यह सिर्फ शुरुआत है।’ गुरिंदरवीर की जीत के बाद की तीन PHOTOS… इस सीजन एशिया के दूसरे सबसे तेज धावक बने गुरिंदरवीर का यह समय इस सीजन में एशिया का दूसरा सबसे तेज समय है। वह जापान के फुकुतो कोमुरो (10.08 सेकेंड) से सिर्फ .01 सेकेंड पीछे रहे। उन्होंने 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स का क्वालिफिकेशन मार्क (10.16 सेकेंड) भी आसानी से पार कर लिया। सीनियर फेडरेशन कप में गुरिंदरवीर ने अपने चिर प्रतिद्वंद्वी अनिमेष कुजूर को पीछे छोड़ दिया। प्रतियोगिता में 3 बार टूटा नेशनल रिकॉर्ड यहां पंजाब के गुरिंदरवीर और ओडिशा के अनिमेष के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। अनिमेष पिछले साल बनाए 10.18 सेकेंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ प्रतियोगिता के प्रबल दावेदार थे। लेकिन शुक्रवार को 25 वर्षीय गुरिंदरवीर ने शुरुआती सेमीफाइनल हीट में इसे 10.17 सेकेंड तक कम कर दिया। इसके महज 5 मिनट बाद 22 वर्षीय अनिमेष ने दूसरे सेमीफाइनल हीट में 10.15 सेकेंड का समय निकालकर नेशनल रिकॉर्ड वापस हासिल कर लिया। फाइनल में गुरिंदरवीर ने इसे फिर अपने नाम कर लिया। फाइनल में अनिमेष से 0.11 सेकेंड तेज दौड़े गुरिंदरवीर गुरिंदरवीर ने फाइनल में अनिमेष से 0.11 सेकेंड तेज दौड़ लगाई। उन्होंने अपने युवा प्रतिद्वंद्वी से करीब दो फीट आगे रहते हुए फिनिश लाइन पार की। रिलायंस फाउंडेशन के प्रणव गुरव 10.29 सेकेंड के साथ तीसरे स्थान पर रहे। गुरिंदरवीर ने मैच के बाद कहा- ‘बहुत अच्छी फीलिंग है। जैसी ट्रेनिंग चल रही थी, वैसे रिजल्ट भी मिल रहे हैं। आगे भी ट्रेनिंग अच्छी रहेगी और अच्छे रिजल्ट मिलेंगे। ट्रेनिंग में जिन चीजों की कमी थी, उन्हें सुधारा। कमजोरियां दूर कीं, स्ट्रेन्थ बढ़ाई। आखिरी मिनट में फिजिकल से ज्यादा मेंटल गेम होता है। जो अपने आप को मानसिक रूप से मजबूत रख पाएगा, वो जीतेगा।’ उसेन बोल्ट के नाम है वर्ल्ड रिकॉर्ड 100 मीटर दौड़ का वर्ल्ड रिकॉर्ड जमैका के उसेन बोल्ट के नाम दर्ज है। उन्होंने यह रिकॉर्ड 2009 की वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में बनाया था। 4 बड़े रिकॉर्ड्स ओलिंपिक गेम्स में 1984 से अब तक अश्वेत ही 100 मीटर चैंपियन 1896 में मॉडर्न ओलिंपिक की शुरुआत हुई थी। 1928 तक 100 मीटर के चैंपियन श्वेत एथलीट रहे। 1932 में एडी टोलन पहले अश्वेत ओलिंपिक 100 मीटर चैंपियन बने। 1984 से 2024 तक ओलिंपिक में अश्वेत एथलीट ही 100 मीटर चैंपियन रहे। 2020 टोक्यो ओलिंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट लेमॉन्ट मार्सेल जैकब्स के पिता अफ्रीकी मूल के थे, जबकि मां इटैलियन थीं। इसलिए उन्हें भी ब्लैक एथलीट में गिना गया। विशाल ने 400 मीटर में रिकॉर्ड बनाया गुरिंदरवीर सिंह के अलावा विशाल ने पुरुषों की 400 मीटर दौड़ 44.98 सेकेंड में पूरी कर अपना ही नेशनल रिकॉर्ड तोड़ दिया। वे 45 सेकेंड से कम समय में यह रेस पूरी करने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। विशाल की यह टाइमिंग इस सीजन में एशिया में सबसे तेज है। रेस में तमिलनाडु के राजेश रमेश (45.31s) दूसरे और उत्तर प्रदेश के जय कुमार (45.47s) तीसरे स्थान पर रहे। ————————————— स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… टेस्ट मैच के बीच लाल की जगह गुलाबी गेंद, दोनों कप्तानों की सहमित जरूरी ICC क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में बड़े बदलावों की तैयारी कर रही है। सबसे अहम प्रस्ताव लाल बॉल से शुरू हुए किसी टेस्ट मैच के बीच गुलाबी गेंद का इस्तेमाल करना है। गेंद उन स्थितियों में बदली जाएगी जब खराब रोशनी के कारण खेल रोक दिया गया हो। पढ़ें पूरी खबर
गुरिंदरवीर 100 मीटर में भारत के सबसे तेज धावक:10.09 सेकेंड में जीते; दो बार नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा, पर्ची दिखाई- अभी काम पूरा नहीं


