डीग जिले में मंगलवार को ग्राम रथ अभियान का शुभारंभ किया गया। जिला कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित समारोह में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म और जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने एलईडी मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसका उद्देश्य राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीण अंचलों के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इस अवसर पर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि यह अभियान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के ‘विकसित राजस्थान’ संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने जोर दिया कि विकसित राजस्थान का सपना तभी साकार होगा, जब गांव और वार्ड पूरी तरह से विकसित होंगे। बेढ़म ने बताया कि इस अभियान के तहत 13 विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ सीधे आमजन को उनके घर-आंगन में मिलेगा, जिससे कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने मई माह में प्रस्तावित ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट का भी जिक्र किया और कहा कि राज्य सरकार किसानों को तकनीकी रूप से समृद्ध और सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। जिले में 3 रथ किए रवाना जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने अभियान की विस्तृत प्रशासनिक रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि आज तीन रथों को रवाना किया गया है, जो जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों – डीग-कुम्हेर, कामां और नगर में नियमित भ्रमण करेंगे। प्रत्येक रथ प्रतिदिन 4 से 5 ग्राम पंचायतों को कवर करेगा। इस प्रकार आगामी 15 दिनों में जिले की शत-प्रतिशत ग्राम पंचायतों में राज्य सरकार की योजनाओं का सघन प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा। कलेक्टर ने बताया कि कृषि, सहकारिता और पशुपालन सहित कुल 13 विभागों को इस अभियान से जोड़ा गया है। रथों पर लगी एलईडी स्क्रीन और प्रचार सामग्री के माध्यम से ग्रामीणों को योजनाओं की सजीव जानकारी दी जाएगी। दिन के आखिरी में ग्राम पंचायत पर संध्या चौपाल होगी अभियान को ग्रामीण संस्कृति से जोड़ने के लिए एक विशेष पहल की है। जिला कलेक्टर ने बताया कि प्रत्येक दिन के आखिरी ग्राम पंचायत पर संध्या चौपाल आयोजित की जाएगी, जिसमें कला जत्थों द्वारा पारंपरिक तरीके से सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर जन-जागरूकता फैलाई जाएगी। इस संपूर्ण अभियान की सुव्यवस्थित और प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए जिला स्तर पर अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी और ब्लॉक स्तर पर सभी उपखंड अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। ग्राम रथ के ठहराव के दौरान ग्राम पंचायत स्तर पर राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर लंबित परिवेदनाओं का मौके पर ही निस्तारण एवं सत्यापन किया जाएगा। साथ ही, वर्तमान भीषण गर्मी को देखते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत में पेयजल व्यवस्था की भी जांच की जाएगी।


