रायबरेली जिले की सदर तहसील क्षेत्र के ब्लॉक राही अंतर्गत ग्राम सरायं मुगल में जिला पंचायत निधि से लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई मार्केट बदहाली का शिकार हो गई है। करीब 10 वर्ष पहले ग्रामीणों के रोजगार और स्थानीय बाजार व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार कराई गई यह मार्केट अब खंडहर में तब्दील होती नजर आ रही है। हालत यह है कि जहां कभी दुकानदार बैठते थे, वहां अब मवेशी बांधे जा रहे हैं और पूरा परिसर गंदगी व कूड़े से पट चुका है। ग्रामीणों सुरेश कुमार, पवन कुमार, चंद्रभान, निजामुद्दीन और मोहम्मद साबिर अली के मुताबिक मार्केट में करीब 10 पक्की दुकानें बनाई गई थीं। इसके अलावा बड़े शेड, शौचालय, लोहे के मजबूत गेट, बाउंड्रीवाल और पानी के लिए हैंडपंप भी लगाया गया था। शुरुआती दिनों में यहां सब्जी मंडी और छोटी दुकानें चलनी शुरू हुई थीं और बाजार में चहल-पहल भी रहती थी। रखरखाव के अभाव में उजड़ गई मार्केट स्थानीय लोगों का कहना है कि समय बीतने के साथ प्रशासन और जिला पंचायत की अनदेखी के कारण यह मार्केट वीरान होती चली गई। रखरखाव न होने से भवन जर्जर हो गए हैं, गेट टूटने की कगार पर पहुंच चुके हैं और शौचालय पूरी तरह बेकार पड़ा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद सरकारी संपत्ति को संभालने के लिए कोई जिम्मेदार आगे नहीं आया। ग्रामीणों ने जांच और पुनर्निर्माण की मांग की ग्रामीणों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि जनता के टैक्स के पैसे से बनी मार्केट को यूं ही बर्बाद होने के लिए छोड़ दिया गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत और संचालन की व्यवस्था की जाती तो यह मार्केट ग्रामीणों के रोजगार का बड़ा केंद्र बन सकती थी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने और मार्केट का पुनर्निर्माण कर इसे दोबारा संचालित कराने की मांग की है।


