गोरखनाथ ओवरब्रिज मरम्मत 21 से हो सकता है शुरू:पूरी तरह बंद रहेगा पुल, SP ट्राफिक बोले- जाम से निपटने के लिए तैयार हैं हम

गोरखनाथ ओवरब्रिज मरम्मत 21 से हो सकता है शुरू:पूरी तरह बंद रहेगा पुल, SP ट्राफिक बोले- जाम से निपटने के लिए तैयार हैं हम

गोरखपुर के गोरखनाथ इलाके में स्थित पुराने ओवरब्रिज की मरम्मत को लेकर अब तैयारी शुरू हो गई है। माना जा रहा कि 21 अप्रैल से पूराने पुल पर गाड़ियों का आवाजाही पूरी तरह रोक दी जाएगी। लोक निर्माण विभाग ने योजना बनाई है कि पुल को ठीक करने के लिए करीब एक महीने तक उस पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रखा जाएगा। गोरखपुर ट्राफिक पुलिस ने इसको लेकर जल्द डायवर्जन का रूट धोषित कर देगी। इसके लिए विभाग ने यातायात पुलिस को पत्र भेजकर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। माना जा रहा है कि मरम्मत कार्य के दौरान नए वाले पुल पर जाम की स्थिती बन सकती है। जिसको देखते हुए ट्रैफिक पुलिस के अतिरिक्त जवानों की तैनाती करनी पड़ सकती है। पुलिस पूरी तरह तैयार बोले- एसपी ट्राफिक दैनिक भास्कर से बात करते हुए एसपी ट्राफिक अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि- ‘ देखिए पीडबल्यूडी द्वारा गोरखनाथ के पुराने ओवरब्रिज पर मरम्मत का काम 2-3 दिन के अंदर शुरू हो जाएगा। इस रूट पर काफी यातायात रहता है। उसी को देखते हुए पुराना वाला पुल पूरी तरह से बंद करना पड़ेगा। जिसके वजह से वहाँ जाम की स्थिती बन सकती है, उससे निपटने के लिए हम लोग बड़ी गाड़ियों का डायवर्जन करेंगे। नए वाले पुल पर सिर छोटी गाड़ियां ही जा पाएंगी। लगभग इस प्रक्रिया में एक महीने तक का समय लग सकता है।’ बेयरिंग के साथ अन्य हिस्सों की भी होगी मरम्मत पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन अरविंद कुमार ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि पुल की बेयरिंग की मरम्मत के लिए शासन से बजट स्वीकृत हो चुका है। बेयरिंग के अलावा पुल के कुछ अन्य हिस्सों में भी छोटे-मोटे मरम्मत कार्य की जरूरत है, जिन्हें एक साथ कराया जाएगा। विभाग जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू करने की तैयारी कर रहा है। 40 से 45 दिन तक रहेगा रूट डायवर्जन मरम्मत कार्य के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन से रूट डायवर्जन की अनुमति मांगी गई है। अधिकारियों के मुताबिक काम शुरू होने के बाद करीब 40 से 45 दिनों तक ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा, ताकि मरम्मत कार्य सुरक्षित और तेजी से किया जा सके। 15–20 साल में जरूरी होती है बेयरिंग की सर्विसिंग सेतु निगम के जीएम मिथिलेश कुमार ने बताया कि पुल की बेयरिंग एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। इसकी सर्विसिंग और मरम्मत सामान्य तौर पर हर 15 से 20 साल में करनी पड़ती है। इसी कारण पुल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। जानिए मरम्मत की जरूरत क्यों पड़ी यह ओवरब्रिज साल 1980 में बना था और अब काफी पुराना व जर्जर हो चुका है। हाल ही में निरीक्षण के दौरान पुल के कई हिस्सों में खराबी पाई गई, खासकर एक्सपेंशन जॉइंट्स में दिक्कत सामने आई। लंबे समय से मरम्मत न होने के कारण पुल की हालत लगातार खराब होती जा रही थी, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया था। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी ने कहा कि 21 अप्रैल से मरम्मत का काम शुरू किया जा सकता है। इस दौरान पुल के खराब हिस्सों को ठीक किया जाएगा, जॉइंट्स बदले जाएंगे और अन्य तकनीकी कमियों को भी दूर किया जाएगा ताकि पुल फिर से सुरक्षित और मजबूत बन सके। मरम्मत के समय पुराने ओवरब्रिज पर सभी तरह के वाहनों का आना-जाना पूरी तरह बंद रहेगा। यातायात को प्रभावित होने से बचाने के लिए वाहनों को पास के नए ओवरब्रिज से डायवर्ट किया जाएगा। इस दौरान लोगों को थोड़ी परेशानी हो सकती है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि यह फैसला लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता रंजन सिंह ने बताया कि काम को तय समय में पूरा करने की कोशिश की जाएगी, ताकि जल्द से जल्द यातायात सामान्य हो सके।

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