खेलते समय धोबिया पोखर में गिरी बच्ची; मौत:दरभंगा में दादी बोली- पोस्टमार्टम के लिए एंबुलेंस नहीं मिला, चंदा जुटा कर शव हॉस्पिटल लाए

खेलते समय धोबिया पोखर में गिरी बच्ची; मौत:दरभंगा में दादी बोली- पोस्टमार्टम के लिए एंबुलेंस नहीं मिला, चंदा जुटा कर शव हॉस्पिटल लाए

दरभंगा के जाले थाना क्षेत्र के खड़का बसंत गांव में आज डेढ़ साल की मासूम बच्ची की पोखर में डूबने से मौत हो गई। मृत बच्ची की पहचान अमरजीत राम की बेटी अन्नू कुमारी के रूप में हुई है। दोपहर में खाना खाने के बाद अन्नू कुमारी घर के पास खेलने निकली थी। इसी दौरान वह धोबिया पोखर के पास पहुंच गई और अनजाने में पानी में गिर गई। काफी देर तक नजर नहीं आने पर परिवार के लोगों ने खोजबीन शुरू की। इसी बीच ग्रामीणों ने बच्ची को पोखर से बाहर निकाला। पिता अमरजीत राम का कहना है कि जब बच्ची को पानी से निकाला गया, तब उसमें हल्की सांस चल रही थी। परिजनों ने तत्काल एंबुलेंस के लिए फोन किया, लेकिन समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। इलाज में देरी के कारण मासूम ने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर निजी एंबुलेंस की व्यवस्था की मृतका की दादी ने बताया कि वह मिट्टी लेने गई थीं और लौटने पर उन्हें हादसे की जानकारी मिली। पड़ोसी रोशन कुमार राम ने बताया कि घटना के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) ले जाने के लिए भी कोई सरकारी गाड़ी उपलब्ध नहीं था। बाद में ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर निजी एंबुलेंस की व्यवस्था की, तब जाकर शव को अस्पताल भेजा जा सका। परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर परिजनों ने आरोप लगाया कि अगर समय पर सरकारी एंबुलेंस मिल जाती, तो शायद बच्ची की जान बचाई जा सकती थी और बाद में भी उन्हें चंदा जुटाने की मजबूरी नहीं होती। मृतक का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर बताया जा रहा है। जाले थानाध्यक्ष संदीप कुमार पाल ने बताया कि पोखर में डूबने से बच्ची की मौत हुई है। पुलिस मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए DMCH भेज दिया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद वे जाले थाना में घंटों तक पोस्टमार्टम के लिए गाड़ी का इंतजार करते रहे, लेकिन समय पर व्यवस्था नहीं हो सकी। इस घटना ने एक बार फिर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरभंगा के जाले थाना क्षेत्र के खड़का बसंत गांव में आज डेढ़ साल की मासूम बच्ची की पोखर में डूबने से मौत हो गई। मृत बच्ची की पहचान अमरजीत राम की बेटी अन्नू कुमारी के रूप में हुई है। दोपहर में खाना खाने के बाद अन्नू कुमारी घर के पास खेलने निकली थी। इसी दौरान वह धोबिया पोखर के पास पहुंच गई और अनजाने में पानी में गिर गई। काफी देर तक नजर नहीं आने पर परिवार के लोगों ने खोजबीन शुरू की। इसी बीच ग्रामीणों ने बच्ची को पोखर से बाहर निकाला। पिता अमरजीत राम का कहना है कि जब बच्ची को पानी से निकाला गया, तब उसमें हल्की सांस चल रही थी। परिजनों ने तत्काल एंबुलेंस के लिए फोन किया, लेकिन समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। इलाज में देरी के कारण मासूम ने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर निजी एंबुलेंस की व्यवस्था की मृतका की दादी ने बताया कि वह मिट्टी लेने गई थीं और लौटने पर उन्हें हादसे की जानकारी मिली। पड़ोसी रोशन कुमार राम ने बताया कि घटना के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) ले जाने के लिए भी कोई सरकारी गाड़ी उपलब्ध नहीं था। बाद में ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर निजी एंबुलेंस की व्यवस्था की, तब जाकर शव को अस्पताल भेजा जा सका। परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर परिजनों ने आरोप लगाया कि अगर समय पर सरकारी एंबुलेंस मिल जाती, तो शायद बच्ची की जान बचाई जा सकती थी और बाद में भी उन्हें चंदा जुटाने की मजबूरी नहीं होती। मृतक का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर बताया जा रहा है। जाले थानाध्यक्ष संदीप कुमार पाल ने बताया कि पोखर में डूबने से बच्ची की मौत हुई है। पुलिस मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए DMCH भेज दिया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद वे जाले थाना में घंटों तक पोस्टमार्टम के लिए गाड़ी का इंतजार करते रहे, लेकिन समय पर व्यवस्था नहीं हो सकी। इस घटना ने एक बार फिर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।  

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