पटना सिटी के रहने वाले अंकित कुमार से साइबर अपराधियों ने 74.92 लाख की ठगी कर ली। अंकित ने साइबर थाने की पुलिस को बताया कि सोशल मीडिया पर आरोही मिश्रा नाम की युवती से दोस्ती हुई। आरोही खुद को फैशन डिजाइनर बताती थी और कहती थी कि वह बेंगलुरु में रहती है। आरोही ने उसे शादी का झांसा दिया। अंकित ने भरोसा कर लिया। इसके बाद उसने एक वेबसाइट का लिंक भेजा और कहा कि यहां से ऑनलाइन ट्रेडिंग करने पर मुनाफा होता है। उसने अंकित को प्रॉफिट मिलने का स्क्रीनशॉट भी भेजा। अंकित भरोसा कर उस वेबसाइट के माध्यम से ट्रेडिंग करने लगे। शुरुआत में 20 हजार का निवेश किया। उन्हें प्रॉफिट में 1.16 लाख रुपए दिखाया। इसके बाद उन्होंने कुछ और रुपए निवेश किए। जब पैसे निकालने की बारी आई तब कमीशन, सर्विस चार्ज आदि का झांसा दिया गया। इस तरह उन्होंने 74.92 लाख का निवेश कर दिया। इसके बाद जब उन्होंने आरोही को कॉल किया तो उसका फोन बंद आने लगा। तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने साइबर थाने में केस दर्ज कराया। इधर बाजार समिति के रहने वाले नंदु कुमार से शातिर ने आठ लाख की ठगी कर ली। नंदु ने पुलिस को बताया कि उन्हें टेलीग्राम पर एक ग्रुप से जोड़ा गया। उसमें लोग निवेश करने पर दोगुना मुनाफा मिलने की बात कर रहे थे। नंदु ने भी धीरे धीरे का आठ लाख निवेश कर दिया। इसके बाद उन्हें पता चला कि उनके साथ ठगी हो गई है। वहीं इसी तरह का झांसा देकर परसा बाजार निवासी सोनू से 4.50 लाख की ठगी हो गई। ऐसे ही सुल्तानगंज के आलोक से शातिरों ने एक लाख और मसौढ़ी के राजकुमार से चार लाख की ठगी कर ली। पटना सिटी के रहने वाले अंकित कुमार से साइबर अपराधियों ने 74.92 लाख की ठगी कर ली। अंकित ने साइबर थाने की पुलिस को बताया कि सोशल मीडिया पर आरोही मिश्रा नाम की युवती से दोस्ती हुई। आरोही खुद को फैशन डिजाइनर बताती थी और कहती थी कि वह बेंगलुरु में रहती है। आरोही ने उसे शादी का झांसा दिया। अंकित ने भरोसा कर लिया। इसके बाद उसने एक वेबसाइट का लिंक भेजा और कहा कि यहां से ऑनलाइन ट्रेडिंग करने पर मुनाफा होता है। उसने अंकित को प्रॉफिट मिलने का स्क्रीनशॉट भी भेजा। अंकित भरोसा कर उस वेबसाइट के माध्यम से ट्रेडिंग करने लगे। शुरुआत में 20 हजार का निवेश किया। उन्हें प्रॉफिट में 1.16 लाख रुपए दिखाया। इसके बाद उन्होंने कुछ और रुपए निवेश किए। जब पैसे निकालने की बारी आई तब कमीशन, सर्विस चार्ज आदि का झांसा दिया गया। इस तरह उन्होंने 74.92 लाख का निवेश कर दिया। इसके बाद जब उन्होंने आरोही को कॉल किया तो उसका फोन बंद आने लगा। तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने साइबर थाने में केस दर्ज कराया। इधर बाजार समिति के रहने वाले नंदु कुमार से शातिर ने आठ लाख की ठगी कर ली। नंदु ने पुलिस को बताया कि उन्हें टेलीग्राम पर एक ग्रुप से जोड़ा गया। उसमें लोग निवेश करने पर दोगुना मुनाफा मिलने की बात कर रहे थे। नंदु ने भी धीरे धीरे का आठ लाख निवेश कर दिया। इसके बाद उन्हें पता चला कि उनके साथ ठगी हो गई है। वहीं इसी तरह का झांसा देकर परसा बाजार निवासी सोनू से 4.50 लाख की ठगी हो गई। ऐसे ही सुल्तानगंज के आलोक से शातिरों ने एक लाख और मसौढ़ी के राजकुमार से चार लाख की ठगी कर ली।


