हाल ही में दिल्ली में हुए अग्निकांड के बाद गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) एक बार फिर भवनों की सुरक्षा की जांच करने निकलेगा। प्राधिकरण की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में जाएंगी। वहां जांचा जाएगा कि सुरक्षा के मानक पूरे किए गए हैं या नहीं। भवनों का मानचित्र देखा जाएगा। बेसमेंट की जांच की जाएगी। बरसात को देखते हुए निर्माण स्थलों पर सुरक्षा के इंतजाम भी चेक किए जाएंगे। दावा है कि बेसमेंट का उपयोग मानचित्र के विपरीत पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। जिस अभियान पर प्राधिकरण की टीमें निकलने वाली हैं, पहले भी उस तरह के कई अभियान चलाए जा चुके हैं लेकिन इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा। प्राधिकरण के पास यानी तारामंडल क्षेत्र में ही कई ऐसे भवन हैं, जहां बेसमेंट में स्वीकृत मानकों के विपरीत उपयोग किया जा रहा है। इन बेसमेंट को प्राधिकरण की टीमें चेक कर चुकी हैं, नोटिस दिया जा चुका है लेकिन आज भी उनका उपयोग
पुराने रूप में जारी है। पहले जानिए अभियान में क्या करेंगे GDA की ओर से अभियान के दौरान व्यावसायिक, संस्थागत, बहुमंजिला भवनों एवं सार्वजनिक भवनों का निरीक्षण किया जाएगा। इसमें यह देखेंगे कि मानचित्र स्वीकृत है या नहीं। बेसमेंट का उपयोग मानचित्र के अनुसार किया जा रहा है या नहीं। यह प्रयास किया जाएगा कि मानसून अवधि में नए बेसमेंट की खुदाई से बचा जाए। अपरिहार्य परिस्थितियों में ही खुदाई कराई जाए और ऐसा करते समय वहां जल निकासी, बैरिकेडिंग एवं सुरक्षा के अन्य आवश्यक उपाय जरूर किए जाएं।
जो नए भवन बन रहे हैं, उनका निर्माण नियमानुसार किया जा रहा है या नहीं, इसे भी देखा जाएगा। बेसमेंट एवं भवन में अग्निशमन मानकों का ध्यान रखा गया है या नहीं, इसे भी चेक किया जाएगा। बेसमेंट में जलभराव, संरचनात्मक कमजोरी या अन्य सुरक्षा जोखिम पाए जाने पर सुधार के लिए कार्यवाही करने को कहा जाएगा। GDA के ही भवन में भरा रहता है पानी GDA की ओर से शहर की हृदय स्थली गोलघर में टावर का निर्माण कराया गया था। यहां के व्यापारियों की मानें तो यहां संरचना से जुड़े कई दोष हैं, जिससे बेसमेंट में लगातार पानी भरा रहता है। अग्निशमन के मानकों के अनुसार भी यहां सुरक्षा के उपाय नजर नहीं आते। इसी तरह GDA द्वारा पास मानचित्र के बाद बनी कुछ बहुमंजिला इमारतों में भी प्राधिकरण की टीमों ने ही अग्निशमन मानकों की कमियां पायी हैं लेकिन उसपर कोई कार्रवाई नहीं की।
हालांकि प्राधिकरण के अधिकारियों का दावा है कि यह अभियान काफी गंभीरता से चलाया जाएगा। सभी भवन स्वामियों से अपने भवनों का मानचित्र पास रखने को कहा गया है। जहां कमियां मिलेंगी, वहां कार्रवाई की जाएगी।


