गयाजी डीएम बोले- लू को लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं:हॉस्पिटल में एसी सही रहे; व्हाट्सएप के जरिए सभी कर सकेंगे शिकायत

गयाजी डीएम बोले- लू को लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं:हॉस्पिटल में एसी सही रहे; व्हाट्सएप के जरिए सभी कर सकेंगे शिकायत

गया में संभावित हीट वेव (लू) के खतरे को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारियों, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों और अस्पताल प्रबंधकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि हीट वेव से प्रभावित मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते दुरुस्त कर ली जाएं। अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। सभी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक अस्पताल में पीने के लिए स्वच्छ और ठंडा पानी हर फ्लोर और हर वार्ड में उपलब्ध रहे। इसके साथ ही ओआरएस, आवश्यक दवाइयों और आइस पैक की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। एयर कंडीशनर को लेकर दिए निर्देश हीट वेव वार्ड में एयर कंडीशनर पूरी तरह कार्यरत रहें, यह भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष हीट वेव की संभावना अधिक है और मानसून के देर से आने के आसार हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत रखना अत्यंत आवश्यक है। सभी अस्पतालों में चिकित्सकों की ड्यूटी का रोस्टर तैयार करने और उसकी नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। सिविल सर्जन को टीम गठित कर समय-समय पर जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मरीजों के रेफरल को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। कहा गया है कि किसी भी मरीज को प्राथमिक उपचार दिए बिना रेफर नहीं किया जाएगा। पहले अस्पताल स्तर पर हर संभव उपचार किया जाए, उसके बाद ही आवश्यकता होने पर रेफर किया जाए। विशेष टीम गठित की जाएगी सभी रेफरल मामलों की जांच के लिए विशेष टीम गठित की जाएगी, जो यह सुनिश्चित करेगी कि मरीज को उचित परिस्थिति में ही रेफर किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी मरीजों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक पंचायत में एक-एक वाहन को टैग किया गया है। इन वाहनों के माध्यम से हीट वेव से प्रभावित मरीजों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया जाएगा। संबंधित वाहन चालकों का नाम और मोबाइल नंबर आशा कार्यकर्ताओं और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ साझा करने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में देरी न हो। अस्पतालों के साथ-साथ एंबुलेंस सेवाओं को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया है। सभी एंबुलेंस में एयर कंडीशनर के सुचारू संचालन और आइस पैक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सभी सब सेंटरों पर भी ठंडा पानी, ओआरएस और आइस पैक की व्यवस्था अनिवार्य रूप से रखने को कहा गया है। दूसरी ओर, भीषण गर्मी को देखते हुए बिजली आपूर्ति व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। बोधगया क्षेत्र में स्थित फ्यूस कॉल सेंटर का निरीक्षण किया गया, जहां उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा की गई। कर्मियों को निर्देश दिया गया कि वे हर कॉल का जवाब दें, शिकायतों को समय पर दर्ज करें और उनका समाधान सुनिश्चित करें। अब उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए व्हाट्सएप के माध्यम से भी शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था शुरू की गई है। सभी फ्यूस कॉल सेंटरों को स्मार्टफोन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे शिकायतों का निस्तारण संभव हो सके। गया शहरी क्षेत्र में कुल पांच फ्यूस कॉल सेंटर 24 घंटे कार्यरत हैं, जहां तीनों पालियों में कर्मचारी तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि बिजली संबंधी किसी भी समस्या की स्थिति में वे निर्धारित नंबर पर संपर्क करें या व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कराएं। यदि किसी कारणवश कॉल व्यस्त मिले, तो व्हाट्सएप के जरिए भेजी गई शिकायतों का भी समय पर समाधान किया जाएगा। गया में संभावित हीट वेव (लू) के खतरे को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारियों, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों और अस्पताल प्रबंधकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि हीट वेव से प्रभावित मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते दुरुस्त कर ली जाएं। अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। सभी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक अस्पताल में पीने के लिए स्वच्छ और ठंडा पानी हर फ्लोर और हर वार्ड में उपलब्ध रहे। इसके साथ ही ओआरएस, आवश्यक दवाइयों और आइस पैक की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। एयर कंडीशनर को लेकर दिए निर्देश हीट वेव वार्ड में एयर कंडीशनर पूरी तरह कार्यरत रहें, यह भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष हीट वेव की संभावना अधिक है और मानसून के देर से आने के आसार हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत रखना अत्यंत आवश्यक है। सभी अस्पतालों में चिकित्सकों की ड्यूटी का रोस्टर तैयार करने और उसकी नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। सिविल सर्जन को टीम गठित कर समय-समय पर जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मरीजों के रेफरल को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। कहा गया है कि किसी भी मरीज को प्राथमिक उपचार दिए बिना रेफर नहीं किया जाएगा। पहले अस्पताल स्तर पर हर संभव उपचार किया जाए, उसके बाद ही आवश्यकता होने पर रेफर किया जाए। विशेष टीम गठित की जाएगी सभी रेफरल मामलों की जांच के लिए विशेष टीम गठित की जाएगी, जो यह सुनिश्चित करेगी कि मरीज को उचित परिस्थिति में ही रेफर किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी मरीजों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक पंचायत में एक-एक वाहन को टैग किया गया है। इन वाहनों के माध्यम से हीट वेव से प्रभावित मरीजों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया जाएगा। संबंधित वाहन चालकों का नाम और मोबाइल नंबर आशा कार्यकर्ताओं और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ साझा करने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में देरी न हो। अस्पतालों के साथ-साथ एंबुलेंस सेवाओं को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया है। सभी एंबुलेंस में एयर कंडीशनर के सुचारू संचालन और आइस पैक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सभी सब सेंटरों पर भी ठंडा पानी, ओआरएस और आइस पैक की व्यवस्था अनिवार्य रूप से रखने को कहा गया है। दूसरी ओर, भीषण गर्मी को देखते हुए बिजली आपूर्ति व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। बोधगया क्षेत्र में स्थित फ्यूस कॉल सेंटर का निरीक्षण किया गया, जहां उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा की गई। कर्मियों को निर्देश दिया गया कि वे हर कॉल का जवाब दें, शिकायतों को समय पर दर्ज करें और उनका समाधान सुनिश्चित करें। अब उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए व्हाट्सएप के माध्यम से भी शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था शुरू की गई है। सभी फ्यूस कॉल सेंटरों को स्मार्टफोन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे शिकायतों का निस्तारण संभव हो सके। गया शहरी क्षेत्र में कुल पांच फ्यूस कॉल सेंटर 24 घंटे कार्यरत हैं, जहां तीनों पालियों में कर्मचारी तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि बिजली संबंधी किसी भी समस्या की स्थिति में वे निर्धारित नंबर पर संपर्क करें या व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कराएं। यदि किसी कारणवश कॉल व्यस्त मिले, तो व्हाट्सएप के जरिए भेजी गई शिकायतों का भी समय पर समाधान किया जाएगा।  

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