गैस डिलीवरी सिस्टम फेल:एजेंसियों पर लंबी कतारें, 1 से 4 हजार वेटिंग

गैस डिलीवरी सिस्टम फेल:एजेंसियों पर लंबी कतारें, 1 से 4 हजार वेटिंग

राजधानी में रसोई गैस की किल्लत बनी हुई है। कई एजेंसियों के बाहर रोज लंबी कतारें लग रही हैं और उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहा। हालात ऐसे हैं कि होम डिलीवरी लगभग ठप हो गई है और लोगों को खुद एजेंसी पहुंचकर गैस लेना पड़ रहा है। शहर की कुछ एजेंसियों पर करीब 1 हजार तो कुछ पर 4 हजार से ज्यादा सिलेंडरों की डिलीवरी पेंडिंग है। यानी जिन घरों तक गैस पहुंचनी थी, वहां सप्लाई नहीं हो पा रही। भोपाल में 46 गैस एजेंसियां और करीब 5.50 लाख उपभोक्ता होने के बावजूद डिलीवरी सिस्टम कमजोर नजर आ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत इंडेन और एचपी की एजेंसियों पर है, जहां ट्रक से पॉइंट पर सिलेंडर बांटे जा रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि वे होम डिलीवरी का भुगतान करते हैं, फिर भी लाइन में लगना पड़ रहा है। आईओसीएल भोपाल प्लांट में फिलहाल 1500 एमटी स्टॉक है, जबकि रविवार के लिए 800 एमटी लोडिंग (पीएलटी) की योजना है। शहर में रोज 8 से 10 हजार सिलेंडरों की डिलीवरी हो रही है, इसके बावजूद बैकलॉग बना हुआ है। इंडेन-एचपी एजेंसियों पर सबसे ज्यादा दिक्कत… अफसर बोले- अब सख्ती होगी…
एडीएम सुमित पांडे ने बताया कि सप्लाई और डिलीवरी के बीच गैप बढ़ा है। हर एजेंसी से बैकलॉग की डिटेल मांगी गई है। जिन एजेंसियों पर ज्यादा कनेक्शन हैं, वहां दिक्कत ज्यादा है। उन्होंने कहा कि ऑयल कंपनियों को होम डिलीवरी पर फोकस करने के निर्देश दिए गए हैं। अब पॉइंट से डिलीवरी पर सख्ती से कार्रवाई होगी। डिलीवरी सिस्टम सुधारने के लिए एजेंसियों को स्टाफ बढ़ाने और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं। कहां कितना बैकलॉग: सैनी, प्रियंका, हैप्पी इंडेन, अर्चना, राय, जानवी, रघु गैस एजेंसी: 4 से 7 दिन। ओल्ड सिटी, होशंगाबाद रोड, कोलार रोड की एजेंसियों के उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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