मेरठ में चौधरी चरण सिंह विश्विद्यालय के ललित कला संस्थान में वर्ल्ड आर्ट डे के अवसर पर चित्र प्रदर्शनी एवं कलाकार सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। ‘अभिव्यक्ति का उद्यान: कला के माध्यम से समुदाय का पोषण’ थीम पर आधारित इस कार्यक्रम ने कला के जरिए समाज में जागरूकता का सशक्त संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यवाहक कुलपति प्रोफेसर हरि कृष्ण, प्रोफेसर बीरबल सिंह, प्रोफेसर जे. ए. सिद्दीकी एवं संयोजिका प्रोफेसर अलका तिवारी ने दीप प्रज्वलन कर किया। अतिथियों का स्वागत पौधे, पटका और चित्र भेंट कर सम्मानपूर्वक किया गया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर हरि कृष्ण ने कहा कि कला केवल सौंदर्यबोध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में संवाद स्थापित करने और सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता लाने का प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार चित्रों की सराहना करते हुए कहा कि इन कृतियों में ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना स्पष्ट रूप से झलकती है। कार्यक्रम संयोजिका प्रोफेसर अलका तिवारी ने मेरठ में स्थायी आर्ट गैलरी की आवश्यकता पर जोर देते हुए जिला प्रशासन से पहल की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय और युवा कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मंच मिलेगा। इस दौरान प्रोफेसर अलका तिवारी, डॉ. पूर्णिमा वशिष्ठ, डॉ. शालिनी धाम, डॉ. रीता सिंह, सुश्री दीपांजलि, सुश्री कृतिका और मोहम्मद खालिद को वरिष्ठ कलाकार के रूप में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण तब रहा, जब मुख्य अतिथि सहित सभी अतिथियों ने कोरे कैनवास पर रंग भरकर थीम को सजीव रूप दिया। इस सामूहिक चित्रकारी ने आयोजन में नई ऊर्जा भर दी।कार्यक्रम में मनन, आर्यन, दक्ष, परी, अक्षिता, तुषार, अवनी, तरुणा, ज्योति, रिद्धिमा, मेघा, आंचल, लकी, निशु, आशु, सार्थक, अदिति, अंजलि, कनिष्का और सिद्धांत सहित अनेक विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।


