मऊगंज जिले के शाहपुर थाना परिसर से एक रील वायरल होने के बाद कानून व्यवस्था और पुलिस सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस वीडियो में कुछ युवक थाना परिसर से बाहर निकलते हुए गैंगस्टर स्टाइल में रील बनाते दिख रहे हैं। वीडियो में स्लो मोशन एंट्री, फिल्मी अंदाज और आपराधिक संवादों का इस्तेमाल किया गया है। सबसे अधिक नाराजगी उस ऑडियो को लेकर है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराओं 302 और 307 का जिक्र करते हुए जेल जाने को ‘सम्मान’ और ‘रुतबा’ बताया गया है। लोगों का मानना है कि ऐसी रीलें युवाओं में आपराधिक मानसिकता को बढ़ावा देती हैं और कानून के प्रति डर को कम करती हैं। जिस थाना परिसर को कानून और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है, वहीं इस तरह की रील का शूट होना पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है। स्थानीय लोगों ने पूछा है कि आखिर इतनी संवेदनशील जगह पर कैमरे के सामने यह गतिविधि कैसे हुई और इसे रोकने का प्रयास क्यों नहीं किया गया। वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा भी सामने आया है। कई यूजर्स ने इसे ‘अपराध का महिमामंडन’ बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि लाइक्स और फॉलोअर्स की होड़ में युवा अब कानून और सामाजिक मर्यादाओं को भी नजरअंदाज कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सोशल मीडिया पर बढ़ती गैंगस्टर संस्कृति समाज के लिए चिंताजनक संकेत है। अब यह देखना होगा कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।


