बहादुरगढ़ नगर परिषद की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। भाजपा नेता बहादुरगढ़ नगर परिषद पूर्व वाइस चेयरमैन पाले राम शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि भाजपा के ही कुछ नेता कांग्रेस, इनेलो और जेजेपी नेताओं के साथ मिलकर नगर परिषद चेयरपर्सन सरोज राठी को हटाने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के भीतर जातिगत राजनीति और गुटबाजी लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते पार्टी के समर्पित नेताओं और कार्यकर्ताओं को किनारे किया जा रहा है। पाले राम शर्मा ने पत्र में लिखा कि पहले भाजपा महिला उप प्रदेशाध्यक्ष नीना राठी को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर किया गया, फिर पूर्व जिला अध्यक्ष विक्रम कादियान को भी बाहर का रास्ता देखना पड़ा। इसके बाद ब्लॉक समिति की महिला चेयरपर्सन गौतम के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया और अब नगर परिषद चेयरपर्सन सरोज राठी अगला निशाना हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ नेताओं ने कांग्रेस और अन्य दलों के पार्षदों के साथ मिलकर 22 पार्षदों को लामबंद कर लिया है और जल्द ही सरोज राठी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के शपथ पत्र डीसी को सौंपे जा सकते हैं। शर्मा का कहना है कि कुछ पार्षदों को भेंट और लालच देकर अपने पक्ष में किया जा रहा है, जबकि दो-तीन पार्षद अभी भी दबाव के बावजूद साथ आने को तैयार नहीं हैं। पत्र में यह भी कहा गया कि नगर परिषद के पास 100 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाएं हैं और इन्हीं योजनाओं पर कब्जे की राजनीति हो रही है। शर्मा ने आरोप लगाया कि सरोज राठी ने नगर परिषद में खुली लूट को काफी हद तक रोकने का प्रयास किया, जिसके चलते उन्हें लगातार राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ा। पाले राम शर्मा ने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि यदि सरोज राठी को हटाया गया तो बहादुरगढ़ और झज्जर में भाजपा के सच्चे कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट जाएगा। उन्होंने पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक पर भी “ओछी राजनीति” करने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी के लिए जीवन समर्पित करने वाले कार्यकर्ताओं की लगातार अनदेखी हो रही है।


