French Open में Qualifier Maja Chwalińska का तूफानी सफर, Grand Slam फाइनल में बनाई ऐतिहासिक जगह

French Open में Qualifier Maja Chwalińska का तूफानी सफर, Grand Slam फाइनल में बनाई ऐतिहासिक जगह

फ्रेंच ओपन के महिला एकल वर्ग में इस बार एक नई कहानी लिखी जा रही है। पोलैंड की 24 वर्षीय माजा ख्वालिंस्का ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली है और टेनिस जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। क्वालीफायर दौर से सफर शुरू करने वाली इस खिलाड़ी ने सेमीफाइनल में रूस की डायना श्नाइडर को सीधे सेटों में 7-6 (4), 6-4 से हराकर इतिहास रच दिया है।गौरतलब है कि ओपन युग की शुरुआत 1968 में हुई थी। मौजूद जानकारी के अनुसार तब से अब तक पुरुष और महिला वर्ग को मिलाकर केवल दो खिलाड़ी ही क्वालीफायर दौर से निकलकर किसी ग्रैंड स्लैम एकल फाइनल तक पहुंच सके हैं। माजा ख्वालिंस्का अब इस सूची में ब्रिटेन की एमा रादुकानू के साथ शामिल हो गई हैं। एमा रादुकानू ने 2021 में अमेरिकी ओपन का खिताब क्वालीफायर के रूप में जीतकर इतिहास बनाया था।बता दें कि माजा ख्वालिंस्का फ्रेंच ओपन के पेशेवर युग में क्वालीफायर से फाइनल तक पहुंचने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनी हैं। यह उपलब्धि उन्हें टेनिस इतिहास के विशेष खिलाड़ियों की श्रेणी में खड़ा करती है।सेमीफाइनल मुकाबले में ख्वालिंस्का ने दबाव के क्षणों में बेहतरीन खेल दिखाया। पहला सेट टाईब्रेकर तक पहुंचा, जहां उन्होंने संयम बनाए रखा और बढ़त हासिल की। दूसरे सेट में भी उन्होंने अपनी लय बरकरार रखी और पहले ही मैच अंक पर जोरदार फोरहैंड शॉट लगाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया है।जीत के बाद भावुक नजर आईं ख्वालिंस्का ने कहा कि यह किसी सपने जैसा लग रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें अभी भी विश्वास नहीं हो रहा कि वह ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंच चुकी हैं। जीत के बाद वह कोर्ट पर भावनाओं से भर गईं और कुछ समय तक अपनी खुशी को संभाल नहीं सकीं हैं।मौजूद जानकारी के अनुसार ख्वालिंस्का ने मुख्य प्रतियोगिता में जगह बनाने के लिए तीन क्वालीफाइंग मुकाबले जीते थे। यह उनके करियर का केवल तीसरा ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट है। इससे पहले किसी भी ग्रैंड स्लैम में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वर्ष 2022 के विंबलडन में दूसरे दौर तक पहुंचने का है।अब फाइनल में उनका सामना रूस की 19 वर्षीय मीरा आंद्रीवा से होगा। आंद्रीवा ने दूसरे सेमीफाइनल में मार्ता कोस्त्युक को 6-1, 6-3 से हराकर अपने करियर के पहले ग्रैंड स्लैम फाइनल में प्रवेश किया है। बता दें कि दो वर्ष पहले आंद्रीवा फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंची थीं, लेकिन यह उनका पहला फाइनल होगा।ख्वालिंस्का का मौजूदा टूर्नामेंट में प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने क्वालीफायर सहित अब तक खेले गए नौ मुकाबलों में केवल एक सेट गंवाया है। इसके अलावा मुख्य प्रतियोगिता में चार शीर्ष-50 खिलाड़ियों को भी बाहर का रास्ता दिखाया है।गौरतलब है कि इस सफलता का असर उनकी विश्व रैंकिंग पर भी दिखाई देगा। यदि वह खिताब जीतने में सफल रहती हैं तो उनकी रैंकिंग 114वें स्थान से सीधे 14वें स्थान तक पहुंच सकती है। वहीं पुरस्कार राशि के लिहाज से भी यह टूर्नामेंट उनके लिए बेहद लाभदायक साबित हुआ है। फाइनल में पहुंचने के साथ ही उन्हें बड़ी पुरस्कार राशि सुनिश्चित हो चुकी है और खिताब जीतने पर यह राशि और बढ़ जाएगी।डायना श्नाइडर ने हार के बाद ख्वालिंस्का की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पोलैंड की खिलाड़ी ने शानदार खेल दिखाया और पूरे कोर्ट पर उनकी गति तथा कवरेज असाधारण रही है। श्नाइडर के अनुसार कई बार ऐसा लगा कि अंक समाप्त हो चुका है, लेकिन ख्वालिंस्का हर बार गेंद तक पहुंचने में सफल रहीं हैं। 

फ्रेंच ओपन के महिला एकल वर्ग में इस बार एक नई कहानी लिखी जा रही है। पोलैंड की 24 वर्षीय माजा ख्वालिंस्का ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली है और टेनिस जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। क्वालीफायर दौर से सफर शुरू करने वाली इस खिलाड़ी ने सेमीफाइनल में रूस की डायना श्नाइडर को सीधे सेटों में 7-6 (4), 6-4 से हराकर इतिहास रच दिया है।
गौरतलब है कि ओपन युग की शुरुआत 1968 में हुई थी। मौजूद जानकारी के अनुसार तब से अब तक पुरुष और महिला वर्ग को मिलाकर केवल दो खिलाड़ी ही क्वालीफायर दौर से निकलकर किसी ग्रैंड स्लैम एकल फाइनल तक पहुंच सके हैं। माजा ख्वालिंस्का अब इस सूची में ब्रिटेन की एमा रादुकानू के साथ शामिल हो गई हैं। एमा रादुकानू ने 2021 में अमेरिकी ओपन का खिताब क्वालीफायर के रूप में जीतकर इतिहास बनाया था।
बता दें कि माजा ख्वालिंस्का फ्रेंच ओपन के पेशेवर युग में क्वालीफायर से फाइनल तक पहुंचने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनी हैं। यह उपलब्धि उन्हें टेनिस इतिहास के विशेष खिलाड़ियों की श्रेणी में खड़ा करती है।
सेमीफाइनल मुकाबले में ख्वालिंस्का ने दबाव के क्षणों में बेहतरीन खेल दिखाया। पहला सेट टाईब्रेकर तक पहुंचा, जहां उन्होंने संयम बनाए रखा और बढ़त हासिल की। दूसरे सेट में भी उन्होंने अपनी लय बरकरार रखी और पहले ही मैच अंक पर जोरदार फोरहैंड शॉट लगाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया है।
जीत के बाद भावुक नजर आईं ख्वालिंस्का ने कहा कि यह किसी सपने जैसा लग रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें अभी भी विश्वास नहीं हो रहा कि वह ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंच चुकी हैं। जीत के बाद वह कोर्ट पर भावनाओं से भर गईं और कुछ समय तक अपनी खुशी को संभाल नहीं सकीं हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार ख्वालिंस्का ने मुख्य प्रतियोगिता में जगह बनाने के लिए तीन क्वालीफाइंग मुकाबले जीते थे। यह उनके करियर का केवल तीसरा ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट है। इससे पहले किसी भी ग्रैंड स्लैम में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वर्ष 2022 के विंबलडन में दूसरे दौर तक पहुंचने का है।
अब फाइनल में उनका सामना रूस की 19 वर्षीय मीरा आंद्रीवा से होगा। आंद्रीवा ने दूसरे सेमीफाइनल में मार्ता कोस्त्युक को 6-1, 6-3 से हराकर अपने करियर के पहले ग्रैंड स्लैम फाइनल में प्रवेश किया है। बता दें कि दो वर्ष पहले आंद्रीवा फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंची थीं, लेकिन यह उनका पहला फाइनल होगा।
ख्वालिंस्का का मौजूदा टूर्नामेंट में प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने क्वालीफायर सहित अब तक खेले गए नौ मुकाबलों में केवल एक सेट गंवाया है। इसके अलावा मुख्य प्रतियोगिता में चार शीर्ष-50 खिलाड़ियों को भी बाहर का रास्ता दिखाया है।
गौरतलब है कि इस सफलता का असर उनकी विश्व रैंकिंग पर भी दिखाई देगा। यदि वह खिताब जीतने में सफल रहती हैं तो उनकी रैंकिंग 114वें स्थान से सीधे 14वें स्थान तक पहुंच सकती है। वहीं पुरस्कार राशि के लिहाज से भी यह टूर्नामेंट उनके लिए बेहद लाभदायक साबित हुआ है। फाइनल में पहुंचने के साथ ही उन्हें बड़ी पुरस्कार राशि सुनिश्चित हो चुकी है और खिताब जीतने पर यह राशि और बढ़ जाएगी।
डायना श्नाइडर ने हार के बाद ख्वालिंस्का की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पोलैंड की खिलाड़ी ने शानदार खेल दिखाया और पूरे कोर्ट पर उनकी गति तथा कवरेज असाधारण रही है। श्नाइडर के अनुसार कई बार ऐसा लगा कि अंक समाप्त हो चुका है, लेकिन ख्वालिंस्का हर बार गेंद तक पहुंचने में सफल रहीं हैं।

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