फतेहपुर के बिंदकी क्षेत्र स्थित गोदहा गांव निवासी सेना के सूबेदार प्रताप सिंह यादव से फर्जी खतौनी के आधार पर दो बार अलग-अलग जमीनों की रजिस्ट्री करके 52 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर नौबस्ता पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है। बूढ़पुर मछरिया में 400 वर्गगज का दिखाया प्लाट सूबेदार प्रताप सिंह यादव वर्तमान में नासिक में तैनात हैं। बताया कि उन्होंने परिचित ओरिया गांव निवासी राम शंकर से प्लाट खरीदने की इच्छा जताई थी। इस पर रामशंकर ने उनकी मुलाकात प्लाटिंग का काम करने वाले लालपुर निवासी प्रताप सिंह से कराई। आरोप है कि दोनों ने उन्हें बूढ़पुर मछरिया में 400 वर्गगज का एक प्लाट दिखाया और उसकी कीमत 44 लाख रुपये बताई। सौदा तय होने के बाद 28 अगस्त 2019 को बैनामा कराया गया। सूबेदार ने 12 लाख रुपए आरटीजीएस से और 32 लाख रुपये नकद अदा किए। आरोप है कि 31 अगस्त को जब वह प्लाट की बाउंड्री कराने पहुंचे तो जानकारी हुई कि प्लाट किसी और का है। जांच करने पर उन्हें दिखाई गई खतौनी भी कूटरचित निकली। इस पर उन्होंने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने कुछ अतिरिक्त धनराशि लेकर उन्हें दूसरी जमीन दे दी। फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेची जमीन पीड़ित का आरोप है कि दूसरी जमीन पर निर्माण कार्य शुरू कराने के दौरान भी कुछ लोग पहुंचे और उसे अपनी भूमि बताते हुए निर्माण रुकवा दिया। इसके बाद उन्हें धोखाधड़ी का अहसास हुआ। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन बेचकर उनसे कुल 52 लाख रुपये हड़प लिए। उन्होंने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने धमकाना शुरु कर दिया। नौबस्ता थाना प्रभारी बहादुर सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।


