ABVP के राष्ट्रिय बैठक में चार प्रस्ताव पास:पेपर लीक और धांधली करने वालों पर हो कड़ी कार्रवाई की उठी मांग

ABVP के राष्ट्रिय बैठक में चार प्रस्ताव पास:पेपर लीक और धांधली करने वालों पर हो कड़ी कार्रवाई की उठी मांग

गोरखपुर में मंगलवार को एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने एक प्रेस कांफ्रेंस की। इस दौरान जानकारी देते हुए गोरक्ष प्रांत मंत्री शशिकांत मंगलम गुप्ता ने बताया कि संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की बैठक 29 से 31 मई तक भुवनेश्वर में हुई। इसमें शिक्षा में सुधार, महिलाओं की सुरक्षा, शहरी माओवाद और दुनिया के मौजूदा हालातों पर चार मुख्य प्रस्ताव पास किए गए हैं। साथ ही पेपर लीक और धांधली करने वालों पर कड़ी कार्रवाई, खाली पड़े कुलपति के पदों पर तुरंत हो नियुक्ति, भारतीय भाषाओं में परीक्षा जैसे अन्य मांग भी रखें गए। इस बैठक में देश भर से 400 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में पास हुए ये चार मुख्य प्रस्ताव साल भर चलेंगे ये देशव्यापी अभियान
उन्होंने बताया कि एबीवीपी आने वाले साल में कई बड़े अभियान चलाएगी। ‘इंटर-स्टेट स्टूडेंट लाइफ दर्शन’ (SEIL) के 60 साल पूरे होने पर पूरे भारत में ‘SEIL@60’ प्रोग्राम होंगे। इसके साथ ही ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ (मोबाइल छोड़ खेलकूद से जुड़ना), ‘वंदे मातरम् के 150 साल’, इमरजेंसी (आपातकाल) के 50 साल, गुरु तेग बहादुर के बलिदान के 350 साल और संत रविदास जयंती के 650 साल पूरे होने पर साल भर कार्यक्रम चलेंगे। पेपर लीक और धांधली करने वालों पर हो कड़ी कार्रवाई
एबीवीपी ने साफ कहा कि नीट-यूजी (NEET-UG), सीयूईटी (CUET) और सीबीएसई (CBSE) जैसी बड़ी परीक्षाओं में जो गड़बड़ियाँ और पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, वे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। संगठन ने मांग की है कि दोषियों पर तुरंत और कड़ी कार्रवाई हो, एनटीए (NTA) की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो और आगे से ऐसा न हो, इसके लिए एक पूरी तरह से सुरक्षित और पारदर्शी परीक्षा सिस्टम बनाया जाए। तीन भाषाओं वाली नीति और भारतीय भाषाओं में परीक्षा की मांग
बैठक में सीबीएसई (CBSE) की त्रि-भाषा नीति की तारीफ की गई। एबीवीपी ने मांग की है कि देश की सभी बड़ी परीक्षाएं भारतीय भाषाओं में भी जरूरी रूप से कराई जाएं, ताकि छात्रों को अपनी भाषा में आगे बढ़ने का मौका मिले। रिसर्च और नए आविष्कारों के लिए कंपनियों को लिखेंगे चिट्ठी
एबीवीपी का मानना है कि यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में रिसर्च, नए आविष्कारों (नवाचार) और पेटेंट को बढ़ावा देने के लिए बड़ी कंपनियों (उद्योग जगत) को निवेश बढ़ाना चाहिए। इसके लिए आईआईटी और यूनिवर्सिटीज में मिलकर मॉडर्न लैब बनाई जानी चाहिए। भारतीय भाषाओं में रिसर्च पेपर लिखने वालों को इनाम और मदद मिलनी चाहिए। इसके लिए एबीवीपी का एक डेलीगेशन (प्रतिनिधिमंडल) देश की बड़ी कंपनियों के मालिकों से मुलाकात करेगा और उन्हें लेटर लिखेगा। खाली पड़े कुलपति के पदों पर तुरंत हो नियुक्ति
संगठन ने देश की 13 से ज्यादा सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में खाली पड़े वीसी के पदों को तुरंत भरने की मांग की है। एबीवीपी इस मामले में दखल देने के लिए राष्ट्रपति जी को एक चिट्ठी लिखेगा, क्योंकि वीसी न होने से पढ़ाई और प्रशासनिक काम प्रभावित हो रहे हैं। संगठन में इन पदाधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
बैठक के आखिरी हिस्से में नई सांगठनिक जिम्मेदारियों की घोषणा की गई। इसमें पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम शाही और गोरक्ष प्रांत के प्रांत संगठन मंत्री पुनीत अग्रवाल के पदों को दोबारा तय किया गया। वहीं, बस्ती विभाग के संगठन मंत्री आकाश गौण को प्रमोट करके काशी प्रांत का प्रांत संगठन मंत्री बनाया गया है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोरक्ष प्रांत मंत्री शशिकांत मंगलम गुप्ता के साथ राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सम्पदा द्विवेदी, प्रांत मीडिया संयोजक शिवम पांडेय और महानगर मंत्री अभिषेक मौर्या भी मौजूद रहे।

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