अलवर: धर्मांतरण के आरोपी पादरी को पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहुजा ने जड़ा थप्पड़

अलवर: धर्मांतरण के आरोपी पादरी को पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहुजा ने जड़ा थप्पड़

अलवर में कथित रूप से धर्मांतरण कराने के आरोप में गिरफ्तार दिल्ली के पादरी राजकुमार को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया। तंवर कॉलोनी से गिरफ्तार किए गए पादरी राजकुमार को जब पुलिस अदालत में पेश करने ले जा रही थी, तभी कोर्ट परिसर में हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। वहां मौजूद पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहुजा ने पुलिस अभिरक्षा में ही आरोपी पादरी राजकुमार को एक थप्पड़ मर दिया।

आहुजा ने पादरी को सरेआम फटकार लगाते हुए हिंदुओं के धर्मांतरण को लेकर अपनी भारी नाराजगी जताई। अचानक हुई इस घटना के बाद से पुलिसकर्मियों ने तुरंत पादरी को आहुजा से दूर किया और सुरक्षा घेरे में लेकर दूसरी जगह बैठाया, जिसके बाद उसे अदालत के सामने पेश किया गया।

गुरुवार को विहिप कार्यकर्ताओं ने घर में दी थी दबिश

इस पूरे मामले की शुरुआत गुरुवार दोपहर को हुई थी। अलवर शहर की तंवर कॉलोनी में कथित रूप से धर्म परिवर्तन कराए जाने की भनक विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ताओं को लगी थी। विहिप के प्रांत संरक्षक प्रेम सिंह राजावत ने बताया कि संगठन को पिछले काफी समय से इस इलाके में संदिग्ध धार्मिक गतिविधियां चलने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी इनपुट के आधार पर गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे कार्यकर्ताओं ने तंवर कॉलोनी के एक मकान में अचानक दबिश दी।

प्रार्थना सभा की आड़ में चल रहा था खेल, पादरी के फटे कपड़े

जब विहिप कार्यकर्ता घर के भीतर दाखिल हुए, तो वहां ईसा मसीह की विशेष प्रार्थना सभा चल रही थी। अचानक हिंदूवादी संगठन के लोगों को देखकर वहां मौजूद करीब 15 लोग पिछले दरवाजे से रफूचक्कर हो गए। कार्यकर्ताओं ने मौके से मुख्य पादरी को दबोच लिया। इस दौरान वहां भारी भीड़ जमा हो गई और जमकर हंगामा हुआ। गुस्से में आई भीड़ ने पादरी के साथ धक्का-मुक्की कर दी, जिससे उसके कपड़े तक फट गए। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पादरी को भीड़ से छुड़ाकर हिरासत में ले लिया।

धार्मिक साहित्य और पुस्तकें मिली

दावा किया जा रहा है कि प्रार्थना सभा में लोगों को हिंदू देवी-देवताओं से दूरी बनाने के लिए भड़काया जाता था। पुलिस को पादरी के पास से धार्मिक साहित्य और पुस्तकें मिली हैं। पकड़े गए पादरी की पहचान दिल्ली निवासी राजकुमार के रूप में हुई है, जिसकी दिल्ली में कपड़ों की दुकान है। उसने कुबूल किया है कि वह पिछले 4-5 सालों से लगातार अलवर आकर लोगों को जुटा रहा था। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

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