भोपाल में अवैध कॉलोनियां बसाकर खरीदारों से किए गए वादे पूरे नहीं करने वाले बिल्डरों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। पहली बार जिला प्रशासन ने ऐसी कॉलोनियों के बंधक प्लॉट कुर्क कर उनकी नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। शुरुआती चरण में गोकुलधाम, द्वारकाधाम और पटेल नगर कॉलोनियों को कार्रवाई के लिए चिन्हित किया गया है। जिला प्रशासन की कॉलोनी सेल को अब तक 50 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से तीन मामलों की सुनवाई पूरी होने के बाद नगर निगम को कार्रवाई की अनुशंसा भेजी गई है। गोकुलधाम और द्वारकाधाम में बंधक प्लॉटों की नीलामी के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं, जबकि पटेल नगर का मामला 22 करोड़ रुपए से अधिक का होने के कारण अंतिम मंजूरी के लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग (यूएडीडी) को भेजा जाएगा। एडीएम सुमित पांडे ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर गठित विशेष कॉलोनी सेल में सभी एसडीएम, नगर निगम, बिल्डिंग परमिशन शाखा और रजिस्ट्रार विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है। शिकायतों की जांच के बाद दोषी कॉलोनाइजरों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। नीलामी की राशि से होंगे विकास कार्य
इन कॉलोनियों के रहवासियों ने सड़क, नाली, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने की शिकायतें की थीं। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद निगम ने बंधक प्लॉटों की नीलामी का निर्णय लिया है। नीलामी से प्राप्त राशि का उपयोग संबंधित कॉलोनियों में अधूरे विकास कार्य पूरे कराने में किया जाएगा। खरीदार नहीं मिले तो दोबारा निकाले टेंडर
गोकुलधाम कॉलोनी का मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा था। कोर्ट के निर्देश पर सुनवाई के बाद यहां 23 बंधक प्लॉटों की नीलामी का रास्ता साफ हुआ। गोकुलधाम और द्वारकाधाम के लिए पहले भी टेंडर जारी किए गए थे, लेकिन कोई खरीदार सामने नहीं आया। अब प्रशासन ने नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। रेरा के आदेश पर भी होगी कार्रवाई
रेरा के आदेश के तहत ग्राम रासलाखेड़ी स्थित आरआरबी रीगल शुभ बिजनेस परियोजना से जुड़ी संपत्तियों पर भी कुर्की की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए आगे भी ऐसे मामलों में सख्ती जारी रहेगी।


