भास्कर न्यूज | सालमारी बलिया बेलौन क्षेत्र के निस्ता पंचायत स्थित नेकुला गांव बुधवार को पूरी तरह भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। अवसर था श्री श्री 108 हरिनाम संकीर्तन के भव्य आयोजन का, जिसकी शुरुआत 501 महिलाओं द्वारा निकाली गई विशाल कलश शोभायात्रा के साथ हुई। दोपहर करीब 3 बजे जब भगवा वस्त्र धारण किए हुए महिलाएं हाथों में “जय श्री राम” के ध्वज लेकर निकलीं, तो पूरा इलाका जयकारों से गूंज उठा। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि क्षेत्र की सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बन गया। ढोल-नगाड़ों और शंखध्वनि के बीच निकली यह शोभायात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए महानंदा नदी के तट पर पहुंची। वहां विद्वान पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच पवित्र जल भरा गया, जिसे सिर पर धारण कर महिलाएं पुनः यज्ञ स्थल पर लौटीं। इस दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। स्थानीय ग्रामीणों ने जगह-जगह कलश यात्रियों का स्वागत किया और सेवा शिविरों के माध्यम से जलपान की व्यवस्था की। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि बुधवार को अधिवास के साथ ही इस अनुष्ठान की औपचारिक शुरुआत हो गई है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 7 मई को विधिवत यज्ञ का शुभारंभ होगा, जिसमें क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। चार दिनों तक चलने वाले इस महाकुंभ का समापन 10 को होगा। आयोजन को सफल बनाने में हरदेव घोष, हरिपद घोष, जय प्रकाश यादव और सोमनाथ आदि कई थे। महानंदा तट से शुरू हुआ अनुष्ठान नेकुला गांव में आयोजित इस चार दिवसीय हरिनाम संकीर्तन को लेकर ग्रामीणों में अपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। बुधवार को महानंदा नदी के पवित्र जल से कलश भरकर यज्ञ की नींव रखी गई, जो 10 मई को धुलौट के साथ संपन्न होगी। आयोजन समिति के अनुसार, इस दौरान प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना और अष्टयाम संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा, जिससे पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहेगा। गांव के युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक ने इस आयोजन को भव्य बनाने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी उठाई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि गांव में आपसी भाईचारा और सामाजिक समरसता की जड़ें भी मजबूत होती हैं। 10 मई तक भक्ति की धारा में डूबा रहेगा पूरा इलाका भास्कर न्यूज | सालमारी बलिया बेलौन क्षेत्र के निस्ता पंचायत स्थित नेकुला गांव बुधवार को पूरी तरह भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। अवसर था श्री श्री 108 हरिनाम संकीर्तन के भव्य आयोजन का, जिसकी शुरुआत 501 महिलाओं द्वारा निकाली गई विशाल कलश शोभायात्रा के साथ हुई। दोपहर करीब 3 बजे जब भगवा वस्त्र धारण किए हुए महिलाएं हाथों में “जय श्री राम” के ध्वज लेकर निकलीं, तो पूरा इलाका जयकारों से गूंज उठा। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि क्षेत्र की सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बन गया। ढोल-नगाड़ों और शंखध्वनि के बीच निकली यह शोभायात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए महानंदा नदी के तट पर पहुंची। वहां विद्वान पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच पवित्र जल भरा गया, जिसे सिर पर धारण कर महिलाएं पुनः यज्ञ स्थल पर लौटीं। इस दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। स्थानीय ग्रामीणों ने जगह-जगह कलश यात्रियों का स्वागत किया और सेवा शिविरों के माध्यम से जलपान की व्यवस्था की। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि बुधवार को अधिवास के साथ ही इस अनुष्ठान की औपचारिक शुरुआत हो गई है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 7 मई को विधिवत यज्ञ का शुभारंभ होगा, जिसमें क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। चार दिनों तक चलने वाले इस महाकुंभ का समापन 10 को होगा। आयोजन को सफल बनाने में हरदेव घोष, हरिपद घोष, जय प्रकाश यादव और सोमनाथ आदि कई थे। महानंदा तट से शुरू हुआ अनुष्ठान नेकुला गांव में आयोजित इस चार दिवसीय हरिनाम संकीर्तन को लेकर ग्रामीणों में अपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। बुधवार को महानंदा नदी के पवित्र जल से कलश भरकर यज्ञ की नींव रखी गई, जो 10 मई को धुलौट के साथ संपन्न होगी। आयोजन समिति के अनुसार, इस दौरान प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना और अष्टयाम संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा, जिससे पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहेगा। गांव के युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक ने इस आयोजन को भव्य बनाने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी उठाई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि गांव में आपसी भाईचारा और सामाजिक समरसता की जड़ें भी मजबूत होती हैं। 10 मई तक भक्ति की धारा में डूबा रहेगा पूरा इलाका


