शिमला में जनगणना का पहला चरण 16 जून से:रामपुर में प्रगणकों-सुपरवाइजरों को विशेष प्रशिक्षण,15 जुलाई तक घर-घर जुटाएंगे डेटा

शिमला में जनगणना का पहला चरण 16 जून से:रामपुर में प्रगणकों-सुपरवाइजरों को विशेष प्रशिक्षण,15 जुलाई तक घर-घर जुटाएंगे डेटा

भारत सरकार का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘जनगणना-2027’ इस बार बिल्कुल नए और हाईटेक अंदाज में नजर आने वाला है। इसी सिलसिले में रामपुर के मिनी सचिवालय सभागार में रविवार को जनगणना सुपरवाइजरों और प्रगणकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। तीन चरणों में होने वाले इस बड़े कार्यक्रम के पहले चरण का धमाकेदार आगाज एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह ने किया। सभागार में चल रहे इस ट्रेनिंग कैंप में प्रगणकों को घर-घर जाकर सटीक डेटा जुटाने के गुर सिखाए जा रहे हैं। यह ट्रेनिंग सेशन 4 जून से 12 जून तक चलेगा, जहां कर्मचारियों को फील्ड में उतरने के लिए तैयार किया जा रहा है। इस तारीख से खटखटाया जाएगा आपका दरवाजा एसडीएम हर्ष अमरेंद्र सिंह ने बताया कि जनगणना का पहला फेज 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक चलेगा। इस दौरान प्रगणक आपके घर पहुंचकर मकान सूचीकरण और आवास जनगणना का काम पूरा करेंगे। इसके ठीक बाद दूसरा चरण शुरू होगा, जिसमें लोगों की सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय प्रोफाइल से जुड़ी बेहद महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जाएंगी। 33 पॉइंट और लेआउट मैप: ऐसे मिलेगी ट्रेनिंग पूरी बारीकी: कर्मचारियों को प्रश्नावली के 33 प्रमुख बिंदुओं को बिना किसी गलती के दर्ज करना सिखाया जा रहा है। मैपिंग: इसके साथ ही लेआउट मैप तैयार करने, प्रशासनिक नियमों और कानूनी पहलुओं की ट्रेनिंग भी दी जा रही है। ऑन-स्पॉट समाधान: फील्ड में काम के दौरान आने वाली तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतों को कैसे चुटकियों में हल करना है, इस पर भी खास फोकस है। ऐप और डिजिटल तकनीक का ‘कमांडो एक्शन’गोपनीयता और पारदर्शिता एसडीएम ने साफ किया कि जनगणना-2027 पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी होगी। इसमें मोबाइल ऐप्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे डेटा के हेर-फेर की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। उन्होंने सभी कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी कि जनगणना अधिनियम के तहत जनता के आंकड़ों की गोपनीयता हर हाल में बरकरार रहनी चाहिए। एसडीएम ने इस महाभियान को देश की तरक्की और भावी विकास योजनाओं की ‘रीढ़’ बताया। उन्होंने सभी प्रगणकों और सुपरवाइजरों में जोश भरते हुए आह्वान किया कि वे इस राष्ट्रीय कार्य को महज एक ड्यूटी न समझें, बल्कि पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ एक मिशन की तरह पूरा करें।

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