भास्कर न्यूज |सीतामढ़ी अग्निशमन सेवा सप्ताह के छठें दिन रविवार को शहर में सुरक्षा जागरूकता का विशेष अभियान चलाया गया। अनुमंडल अग्निशमनालय सीतामढ़ी सदर की ओर से जिला अग्निशमन पदाधिकारी अमृतांशु के नेतृत्व में विभिन्न स्थानों पर मॉक ड्रिल और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान स्टाइल बाजार, कारगिल चौक और ओम साइन फर्नीचर परिसर में आग लगने की स्थिति से निपटने का लाइव प्रदर्शन किया गया। अग्निशमन कर्मियों ने मॉक ड्रिल के माध्यम से बताया कि आपात स्थिति में सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से बड़े हादसों को टाला जा सकता है। बताया गया कि अग्निशमन सप्ताह (14-20 अप्रैल) के दौरान, अग्निशमन कर्मियों ने विभिन्न स्थानों पर मॉक ड्रिल आयोजित कर रही है। इस अभ्यास के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि आपातकालीन स्थिति में सूझबूझ, धैर्य और त्वरित कार्रवाई से बड़े हादसों को रोका जा सकता है और जान-माल की क्षति को सीमित किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान पंपलेट और लीफलेट बांटकर आम लोगों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। दुकानदारों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को फायर सेफ्टी उपकरणों के उपयोग, इमरजेंसी एग्जिट की जानकारी और त्वरित प्रतिक्रिया के उपाय विस्तार से समझाए गए। जिला अग्निशमन पदाधिकारी अमृतांशु ने कहा कि भीड़भाड़ वाले स्थानों, खासकर मॉल और बाजारों में अग्नि सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। बताया गया कि भीड़भाड़ वाले स्थानों, जैसे मॉल, बाजारों और व्यावसायिक परिसरों में अग्नि सुरक्षा न केवल महत्वपूर्ण है, बल्कि कानूनी रूप से अनिवार्य भी है। इन स्थानों पर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी, ज्वलनशील सामग्रियों की भरमार और जटिल बिजली प्रणालियों के कारण आग लगने का जोखिम बहुत अधिक होता है, जिससे व्यापक जन-धन की हानि हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए हर व्यक्ति को सतर्क और तैयार रहना चाहिए। उन्होंने लोगों से बिजली उपकरणों का सावधानीपूर्वक उपयोग करने, समय-समय पर वायरिंग की जांच कराने और घरों व प्रतिष्ठानों में अग्निशामक यंत्र रखने की अपील की। साथ ही आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना देने और आसपास के लोगों को सतर्क करने की सलाह दी। इस दौरान लोगों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। अग्निशमन कर्मियों ने व्यवहारिक प्रशिक्षण के जरिए यह सुनिश्चित किया कि लोग केवल जानकारी ही नहीं, बल्कि आपदा से निपटने के लिए मानसिक रूप से भी तैयार रहें। भास्कर न्यूज |सीतामढ़ी अग्निशमन सेवा सप्ताह के छठें दिन रविवार को शहर में सुरक्षा जागरूकता का विशेष अभियान चलाया गया। अनुमंडल अग्निशमनालय सीतामढ़ी सदर की ओर से जिला अग्निशमन पदाधिकारी अमृतांशु के नेतृत्व में विभिन्न स्थानों पर मॉक ड्रिल और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान स्टाइल बाजार, कारगिल चौक और ओम साइन फर्नीचर परिसर में आग लगने की स्थिति से निपटने का लाइव प्रदर्शन किया गया। अग्निशमन कर्मियों ने मॉक ड्रिल के माध्यम से बताया कि आपात स्थिति में सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से बड़े हादसों को टाला जा सकता है। बताया गया कि अग्निशमन सप्ताह (14-20 अप्रैल) के दौरान, अग्निशमन कर्मियों ने विभिन्न स्थानों पर मॉक ड्रिल आयोजित कर रही है। इस अभ्यास के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि आपातकालीन स्थिति में सूझबूझ, धैर्य और त्वरित कार्रवाई से बड़े हादसों को रोका जा सकता है और जान-माल की क्षति को सीमित किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान पंपलेट और लीफलेट बांटकर आम लोगों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। दुकानदारों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को फायर सेफ्टी उपकरणों के उपयोग, इमरजेंसी एग्जिट की जानकारी और त्वरित प्रतिक्रिया के उपाय विस्तार से समझाए गए। जिला अग्निशमन पदाधिकारी अमृतांशु ने कहा कि भीड़भाड़ वाले स्थानों, खासकर मॉल और बाजारों में अग्नि सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। बताया गया कि भीड़भाड़ वाले स्थानों, जैसे मॉल, बाजारों और व्यावसायिक परिसरों में अग्नि सुरक्षा न केवल महत्वपूर्ण है, बल्कि कानूनी रूप से अनिवार्य भी है। इन स्थानों पर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी, ज्वलनशील सामग्रियों की भरमार और जटिल बिजली प्रणालियों के कारण आग लगने का जोखिम बहुत अधिक होता है, जिससे व्यापक जन-धन की हानि हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए हर व्यक्ति को सतर्क और तैयार रहना चाहिए। उन्होंने लोगों से बिजली उपकरणों का सावधानीपूर्वक उपयोग करने, समय-समय पर वायरिंग की जांच कराने और घरों व प्रतिष्ठानों में अग्निशामक यंत्र रखने की अपील की। साथ ही आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना देने और आसपास के लोगों को सतर्क करने की सलाह दी। इस दौरान लोगों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। अग्निशमन कर्मियों ने व्यवहारिक प्रशिक्षण के जरिए यह सुनिश्चित किया कि लोग केवल जानकारी ही नहीं, बल्कि आपदा से निपटने के लिए मानसिक रूप से भी तैयार रहें।


