भागलपुर में 2 पक्षों में मारपीट, 4 लोग जख्मी:खेत जोतने पर पीटा, 18 कट्ठा जमीन पर कब्जा की कोशिश का आरोप

भागलपुर में 2 पक्षों में मारपीट, 4 लोग जख्मी:खेत जोतने पर पीटा, 18 कट्ठा जमीन पर कब्जा की कोशिश का आरोप

भागलपुर में दो गुटों के बीच झड़प हुई। इस घटना में एक पक्ष से चार लोग घायल हैं। मामला नाथनगर थाना क्षेत्र के पुरानी सराय का है। रविवार को दूसरे पक्ष के लोग खेत को जबरदस्ती ट्रैक्टर से जोतने लगे, जिसका विरोध करने पर मारपीट की गई। इधर, घटना में एक पक्ष से चार लोग घायल हुए, जिन्हें परिजनों की मदद से इलाज के लिए नाथनगर रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। जिस 18 कट्ठा जमीन को लेकर विवाद हुआ, उस जमीन पर 1990 से कोर्ट में मामला विचाराधीन है। पीड़ित पक्ष की तरफ से रसीद भी कट रही है, वहीं दूसरे पक्ष के लोग जबरदस्ती जमीन पर कब्जा करने के लिए गए थे। इसी दौरान मारपीट हुई। जबरन कब्जा जमाने की कोशिश का आरोप पवन मंडल ने बताया कि पुरानी सराय में जिस जमीन को लेकर विवाद हुआ है, उस पर उनका और उनके भाइयों का वैध कब्जा है और मामला कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि उनके पास जमीन से संबंधित सभी कागजात और साल 2026 तक की रसीदें मौजूद हैं। इसके बावजूद बेदानंद नाम का व्यक्ति जबरन जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा था। पवन मंडल ने आगे बताया कि जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो बेदानंद ने करीब 10 बाहरी युवकों को बुला लिया, जो हथियार और लाठी-डंडे से लैस थे। इन लोगों ने आते ही मारपीट शुरू कर दी, जिसमें गोरेलाल मंडल, मुकेश मंडल और किशोर मंडल गंभीर रूप से घायल हो गए। शोर सुनकर जब ग्रामीण मौके पर जुटने लगे, तो सभी हमलावर वहां से फरार हो गए। पवन मंडल ने यह भी कहा कि यदि दूसरे पक्ष के पास जमीन से जुड़े कोई वैध दस्तावेज थे, तो उन्हें सामने रखना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय उन्होंने हिंसा का रास्ता अपनाया। भागलपुर में दो गुटों के बीच झड़प हुई। इस घटना में एक पक्ष से चार लोग घायल हैं। मामला नाथनगर थाना क्षेत्र के पुरानी सराय का है। रविवार को दूसरे पक्ष के लोग खेत को जबरदस्ती ट्रैक्टर से जोतने लगे, जिसका विरोध करने पर मारपीट की गई। इधर, घटना में एक पक्ष से चार लोग घायल हुए, जिन्हें परिजनों की मदद से इलाज के लिए नाथनगर रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। जिस 18 कट्ठा जमीन को लेकर विवाद हुआ, उस जमीन पर 1990 से कोर्ट में मामला विचाराधीन है। पीड़ित पक्ष की तरफ से रसीद भी कट रही है, वहीं दूसरे पक्ष के लोग जबरदस्ती जमीन पर कब्जा करने के लिए गए थे। इसी दौरान मारपीट हुई। जबरन कब्जा जमाने की कोशिश का आरोप पवन मंडल ने बताया कि पुरानी सराय में जिस जमीन को लेकर विवाद हुआ है, उस पर उनका और उनके भाइयों का वैध कब्जा है और मामला कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि उनके पास जमीन से संबंधित सभी कागजात और साल 2026 तक की रसीदें मौजूद हैं। इसके बावजूद बेदानंद नाम का व्यक्ति जबरन जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा था। पवन मंडल ने आगे बताया कि जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो बेदानंद ने करीब 10 बाहरी युवकों को बुला लिया, जो हथियार और लाठी-डंडे से लैस थे। इन लोगों ने आते ही मारपीट शुरू कर दी, जिसमें गोरेलाल मंडल, मुकेश मंडल और किशोर मंडल गंभीर रूप से घायल हो गए। शोर सुनकर जब ग्रामीण मौके पर जुटने लगे, तो सभी हमलावर वहां से फरार हो गए। पवन मंडल ने यह भी कहा कि यदि दूसरे पक्ष के पास जमीन से जुड़े कोई वैध दस्तावेज थे, तो उन्हें सामने रखना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय उन्होंने हिंसा का रास्ता अपनाया।  

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