पिता ने बेटी का मां की साड़ी से घोंटा गला:25 मिनट की मर्डर मिस्ट्री सुलझी; मगरमच्छ के खाने के लिए लिए नदी में फेंक दी लाश

पिता ने बेटी का मां की साड़ी से घोंटा गला:25 मिनट की मर्डर मिस्ट्री सुलझी; मगरमच्छ के खाने के लिए लिए नदी में फेंक दी लाश

ग्वालियर के सिरोल में सात दिन पहले लापता हुई मासूम की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। 13 वर्षीय नाबालिग की हत्या उसके पिता ने ही की थी। असल में 24 मई की रात छात्रा पढ़ रही थी। रात 11 बजे मां-पिता की नींद खुली तो वह कमरे में नहीं थी। मां-पिता उसकी तलाश करने निकल गए। 30 मिनट बाद लौटे तो घर की अंदर से कुंडी लगी थी। पिता दीवार फांदकर अंदर पहुंचा तो बेटी को चांटे मारे। गुस्से में गला घोंटकर मार दिया। इसके बाद उसको मां की साड़ी से फंदे पर लटका दिया। फिर बाहर आकर कुंडी खोली। पिता ने सबको बताया कि उसने फांसी लगा ली है। मोबाइल फ्लाइट मोड पर डालकर शव को भिंड के मौ में सिंध नदी में फेंक आया था। पिता को अनुमान था कि बेटी का शव मगरमच्छ खा जाएंगे, जिससे उसकी मौत का राज कभी सामने नहीं आ पाएगा। जब पुलिस ने शव बरामद किया तो शरीर का काफी हिस्सा मगरमच्छ खा गए थे। अब पूरी कहानी आरोपी ने पुलिस के सामने उगल दी है। 29 मई की रात बरामद किया शव ग्वालियर में 24 मई से लापता 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा का शव पुलिस ने उसके पिता की निशानदेही पर भिंड मौ स्थित सिंध नदी के घाट से 29 मई की रात को बरामद किया था।। शव को “मगरमच्छ’ खा गए थे और बहुत की क्षत-विक्षत हालत में मिला था। नाबालिग बेटी के सौतेले पिता ने पुलिस को एक कहानी सुनाई थी, जिसमें उसने बेटी के 24 मई की रात 11 बजे घर से गायब हो गई थी और कुछ देर बाद वापस आकर फांसी लगा ली थी। जिस पर वह काफी डर गया था और शव को फंदे सहित उतारकर सिंध नदी में फेंका था। प्रारंभिक पड़ताल में ही पिता की कहानी पुलिस को गड़बड़ नजर आ रही थी। जिस पर पुलिस ने घटना स्थल की फॉरेंसिक जांच कराई थी। वैज्ञानिक साक्ष्य और मृतका के पिता की सुनाई कहानी बिल्कुल भी मैच नहीं कर रही थी। इसके बाद पुलिस ने मृतका के मां-पिता को हिरासत में लेकर अलग-अलग पूछताछ शुरू की थी। पुलिस ने फॉरेंसिक साक्ष्य व कई सारे सबूत जब आरोपी राजेश जाटव के सामने पेश किए तो वह टूट गया और उसने हत्या का खुलासा किया है। रहस्य बने वो 25 मिनट से ही सुलझी कहानी
नाबालिग छात्रा सिरोल इलाके में रहती थी। पिता ने कहानी सुनाई थी कि 24 मई की रात 9.30 बजे पत्नी अपनी दोनों छोटी बेटियों के साथ सो गई थी। बड़ी बेटी रूम में पढ़ रही थी। सौतेले पिता घर के अंदर बरामदे में सो रहा था। तभी रात 11 बजे लाइट चली गई। जिस पर नाबालिग की मां उठी तो उसे बेटी कहीं नहीं मिली। काफी देर तलाश करने के बाद जब पति-पत्नी घर लौटे तो अंदर से दरवाजा बंद था। मतलब बेटी आ गई थी। जिस पर पिता दीवार फांदकर अंदर गया। करीब 25 मिनट बाद दरवाजा अंदर से खोला और पत्नी व अन्य बच्चों को बताया कि बेटी ने अंदर साड़ी से फंदा बनाकर फांसी लगा ली है। इसके बाद वह उसे सिंध नहीं में फेंक आए। पुलिस को पिता के 25 मिनट घर के अंदर रहने की कहानी ने उलझा रखा था। पुलिस जांच कर रही थी कि क्या कोई 25 मिनट मंे हत्या कर शव को फांसी पर लटकाकर बाहर आ सकता है। फॉरेंसिक जांच में 25 मिनट में ऐसा होना संभव पाया गया। इसके बाद पुलिस ने मृतका के मां-पिता से अलग-अलग पूछताछ की तो खुलासा हो गया। सिरोल थाना पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक नाबालिग के पिता ने हत्या कबूल कर ली है। आरोपी से विस्तार से पूछताछ की जा रही है। पुलिस शव का डीएनए टेस्ट भी करा रही है, जिससे साफ हो सके कि सिंध नदी से मिला शव लापता नाबालिग छात्रा का ही है। यह खबर भी पढ़ें… 5 दिन से लापता 5वीं की छात्रा का शव मिला ​ग्वालियर के सिरोल इलाके से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई 12 साल की बच्ची का शव शुक्रवार रात भिंड के मौ इलाके में मिला है। शव सिंध नदी किनारे क्षत-विक्षत हालत में था। आशंका है कि उसका काफी हिस्सा मगरमच्छ खा गए। पिता और मां को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पूरी खबर पढ़ें…

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