मधेपुरा में पेट्रोल-डीजल मूल्य वृद्धि के खिलाफ किसानों का प्रोटेस्ट:बोले-मजदूरों-नौजवानों का भविष्य अंधकारमय,कर्ज माफ करने की मांग

मधेपुरा में पेट्रोल-डीजल मूल्य वृद्धि के खिलाफ किसानों का प्रोटेस्ट:बोले-मजदूरों-नौजवानों का भविष्य अंधकारमय,कर्ज माफ करने की मांग

मधेपुरा में सोमवार को किसानों, मजदूरों और नौजवानों ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों सहित विभिन्न मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS), अखिल भारतीय नौजवान संघ (AIYF) और भारतीय खेत मजदूर यूनियन (BKMU) के राज्यव्यापी आह्वान पर समाहरणालय रोड स्थित बीपी मंडल चौक पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारी भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, बीज अधिनियम एवं विद्युत अधिनियम-2025, चार लेबर कोड, महंगाई, बेरोजगारी और गरीबों के आशियानों पर बुलडोजर कार्रवाई का विरोध कर रहे थे। इस प्रदर्शन का नेतृत्व किसान सभा के जिला सचिव मुकुंद प्रसाद यादव, खेत मजदूर यूनियन के जिला संयोजक अंबिका मंडल और नौजवान संघ के जिला संयोजक बूटीश स्वर्णकार ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान सभा के जिला अध्यक्ष रमण कुमार ने की। खेती, किसानी और रोजगार पर संकट सभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रमोद प्रभाकर ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अमेरिका समर्थित कॉर्पोरेट नीतियों के कारण देश की खेती, किसानी और रोजगार व्यवस्था संकट में है, जिससे किसानों, मजदूरों और नौजवानों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। प्रभाकर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, बीज अधिनियम और विद्युत अधिनियम-2025 को देश की संप्रभुता और स्वतंत्रता के खिलाफ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महंगाई, बेरोजगारी और कृषि संकट से जूझ रही आम जनता की समस्याओं से मुंह मोड़ रही है। भूमिहीनों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई बंद हो उन्होंने इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध पर भी चिंता व्यक्त की, इसे विश्व शांति और मानवता के खिलाफ बताया। प्रभाकर ने गरीबों और भूमिहीनों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई बंद करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि किसानों और मजदूरों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भाकपा जिला मंत्री विद्याधर मुखिया ने फसल बीमा लागू करने, 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसानों और मजदूरों को छह हजार रुपये मासिक पेंशन देने तथा किसानों का कर्ज माफ करने की मांग उठाई। किसान नेता रमेश कुमार शर्मा, अनिल भारती और शैलेंद्र कुमार सुमन ने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों की नहीं, बल्कि कंपनियों की सरकार बन चुकी है। नेताओं ने किसानों और मजदूरों पर हमले बंद करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा। मधेपुरा में सोमवार को किसानों, मजदूरों और नौजवानों ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों सहित विभिन्न मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS), अखिल भारतीय नौजवान संघ (AIYF) और भारतीय खेत मजदूर यूनियन (BKMU) के राज्यव्यापी आह्वान पर समाहरणालय रोड स्थित बीपी मंडल चौक पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारी भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, बीज अधिनियम एवं विद्युत अधिनियम-2025, चार लेबर कोड, महंगाई, बेरोजगारी और गरीबों के आशियानों पर बुलडोजर कार्रवाई का विरोध कर रहे थे। इस प्रदर्शन का नेतृत्व किसान सभा के जिला सचिव मुकुंद प्रसाद यादव, खेत मजदूर यूनियन के जिला संयोजक अंबिका मंडल और नौजवान संघ के जिला संयोजक बूटीश स्वर्णकार ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान सभा के जिला अध्यक्ष रमण कुमार ने की। खेती, किसानी और रोजगार पर संकट सभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रमोद प्रभाकर ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अमेरिका समर्थित कॉर्पोरेट नीतियों के कारण देश की खेती, किसानी और रोजगार व्यवस्था संकट में है, जिससे किसानों, मजदूरों और नौजवानों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। प्रभाकर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, बीज अधिनियम और विद्युत अधिनियम-2025 को देश की संप्रभुता और स्वतंत्रता के खिलाफ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महंगाई, बेरोजगारी और कृषि संकट से जूझ रही आम जनता की समस्याओं से मुंह मोड़ रही है। भूमिहीनों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई बंद हो उन्होंने इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध पर भी चिंता व्यक्त की, इसे विश्व शांति और मानवता के खिलाफ बताया। प्रभाकर ने गरीबों और भूमिहीनों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई बंद करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि किसानों और मजदूरों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भाकपा जिला मंत्री विद्याधर मुखिया ने फसल बीमा लागू करने, 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसानों और मजदूरों को छह हजार रुपये मासिक पेंशन देने तथा किसानों का कर्ज माफ करने की मांग उठाई। किसान नेता रमेश कुमार शर्मा, अनिल भारती और शैलेंद्र कुमार सुमन ने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों की नहीं, बल्कि कंपनियों की सरकार बन चुकी है। नेताओं ने किसानों और मजदूरों पर हमले बंद करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।  

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