Bundi : केडीए के भूमि अधिग्रहण के खिलाफ कोटा में किसानों ने किया प्रदर्शन

बूंदी. कोटा विकास प्राधिकरण कार्यालय के सामने दशहरा मैदान में सोमवार दोपहर जिले के किसानों, ग्रामीणों और गैर राजनीतिक मंच के लोगों ने ‘केडीए भगाओ बूंदी बचाओ’ संघर्ष समिति के बैनर तले विरोध प्रदर्शन किया। केडीए की सीमा विस्तार के बाद इसकी जद में आए जिले के गांवों के किसानों ने केडीए की ओर से किए जा रहे भूमि अधिग्रहण का विरोध जताया। इस दौरान किसान केडीए मुर्दाबाद, हमारी जमीनें अधिग्रहण मत करो, केडीए काला कानून वापस लो… के नारे लगा रहे थे।

इसके बाद प्रदर्शनकारी दशहरा मैदान से रैली के रूप में केडीए कार्यालय पहुंचे, जहां प्रतिनिधिमंडल ने केडीए आयुक्त बचनेश अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा और एवं जिले के 63 गांव सहित अन्य गांवों में की जा रही तोडफ़ोड़ की कार्रवाई तत्काल बंद करने सहित इसी मसले से जुड़ी विभिन्न मांगों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री के नाम एवं केडीए आयुक्त के नाम दो अलग अलग ज्ञापन दिए गए। इस पर केडीए आयुक्त ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। समिति के संरक्षक व पूर्व सांसद रामनारायण मीणा और अध्यक्ष रूपेश शर्मा के नेतृत्व में आंदोलन किया गया।

सभा में मीणा ने कहा कि केडीए की ओर से बूंदी जिले के गांव में अधिग्रहण बिना किसी सर्वे, ग्राम पंचायतों एवं ग्राम सभाओं की सहमति के किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों की जबरन बेदखली को बेहद अन्यायपूर्ण बताते हुए इस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग की। शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम विधानसभा सत्र में केडीए के क़ानून को सरकार में विधानसभा में ड्राफ्ट तैयार कर जबरन लागू करवाकर जिले के 63 गांव का नुकसान किया है। इससे यहां पीढिय़ों से निवास कर रहे लोगों के अस्तित्व अहम व अस्मिता पर संकट आ गया है। किसानों का नुकसान किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सभा को पार्षद संदीप देवगन, देवराज गोचर, पर्यावरणविद बि_ल सनाढ्य, आदिवासी मीणा सामाजिक सुधार संघ के संभागीय अध्यक्ष रघुवीर मीणा डाहरा, मीणा समाज के पूर्व जिलाध्यक्ष गजानंद मीणा, केवट समाज के प्रदेशाध्यक्ष उमाशंकर कहार, पूर्व जिला परिषद सदस्य हनुमान सिंह भाकल, सरपंच संघ के अध्यक्ष आनंदीलाल मीणा, पूर्व उप प्रधान नरेंद्र पुरी, मंडी समिति के पूर्व उपाध्यक्ष देवा गुर्जर, जल उपयोक्ता संगम के अध्यक्ष ब्रह्मानंद मीणा समेत अन्य ने भी संबोधित किया।

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