14 साल की नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले गया:काका ने भी दिया साथ; दुष्कर्म के मामले में दोनों को 20-20 साल की सजा

14 साल की नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले गया:काका ने भी दिया साथ; दुष्कर्म के मामले में दोनों को 20-20 साल की सजा

14 वर्षीय नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने आरोपी कमलेश उर्फ कालू (22) को 20 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ अलावा 3 वर्ष की सजा सुनाई। वहीं, आरोपी के काका विष्णुदास वैष्णव को भी पॉक्सो एक्ट के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दी गई। दोनों पर कुल 27 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। 1 जनवरी 2025 को नाबालिग के दादा ने एरोड्रम थाने में उसके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के दौरान 29 जनवरी को राजस्थान के राजसमंद जिले से नाबालिग को आरोपी के कब्जे से बरामद किया। जांच में सामने आया कि नाबालिग की पहचान मई 2024 में राजस्थान में एक पारिवारिक विवाह समारोह के दौरान कमलेश से हुई थी। 31 दिसंबर 2024 को कमलेश उसे घूमने के बहाने इंदौर से अपने साथ ले गया। दोनों पहले मुंबई गए, लेकिन वहां ठहरने की व्यवस्था नहीं होने पर राजस्थान चले गए। मकान में भाई-बहन बताकर रुकवाया राजेंद्र सिंह भदौरिया (डिप्टी डायरेक्टर, अभियोजन) ने बताया कि राजस्थान में कमलेश का काका विष्णुदास उन्हें अपने साथ ले गया। उसने दोनों को एक मकान में भाई-बहन बताते हुए कमरा दिलाया। बाद में नाबालिग वहीं कमलेश के साथ रहने लगी। पुलिस ने सूचना मिलने पर मकान से उसे बरामद किया। विवेचना के दौरान विष्णुदास पर आरोपियों को सहयोग करने और अपराध के लिए उकसाने का मामला भी दर्ज किया गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में चालान पेश किया। 14 गवाह और वैज्ञानिक साक्ष्यों से मामला साबित केस में अभियोजन की ओर से 14 गवाहों के बयान कराए गए। अभियोजन ने गवाहों के कथनों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोप साबित किए। साक्ष्यों से सहमत होते हुए विशेष पॉक्सो न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया। पीड़िता को 6 लाख रुपए मुआवजे की अनुशंसा कोर्ट ने पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत नाबालिग को हुई शारीरिक और मानसिक क्षति को ध्यान में रखते हुए 6 लाख रुपए की प्रतिकर राशि दिए जाने की अनुशंसा भी की है। शासन की ओर से सुनील मणी त्रिपाठी (विशेष लोक अभियोजक) ने पैरवी की।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *