हरियाणा में नगर पालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर सफाई कर्मचारियों और फायर ब्रिगेड कर्मियों ने संयुक्त हड़ताल की। जिसमें कालका स्टील में आगजनी के दौरान मारे गए मजदूरों को विधवाओं ने भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से उनको आर्थिक मदद नही दी जा रही है। जबकि उनके परिवार में कोई कमाने वाला नही बचा है। न्यूनतम वेतन और पक्का करने की मांग सफाई कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने पहले भी न्यूनतम वेतन लागू करने पर सहमति जताई थी, लेकिन आज तक इसे लागू नहीं किया गया। कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपए निर्धारित करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, ठेकेदारी प्रथा खत्म करने और पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग दोहराई है। कोर्ट के आदेश की अनदेखी का आरोप कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि 31 दिसंबर 2025 के हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार ने अभी तक नियम लागू नहीं किए हैं। उनका कहना है कि कानूनी आदेशों की अनदेखी कर कर्मचारियों के अधिकारों को दबाया जा रहा है, जिससे उनमें भारी रोष है। फायर ब्रिगेड कर्मचारियों का समर्थन फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने भी सफाई कर्मचारियों के समर्थन में धरना स्थल पर पहुंचकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने बताया कि वे खुद पिछले 25 दिनों से हड़ताल पर हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रही। जोखिम भत्ता, वेतन वृद्धि और ठेका प्रथा खत्म करने की मांगों को लेकर वे लगातार संघर्ष कर रहे हैं। अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने चेतावनी दी है, कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो हड़ताल को अनिश्चितकालीन बना दिया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने अधिकारों के लिए आखिरी दम तक संघर्ष करते रहेंगे।


