श्रीगंगानगर। भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी से जुड़े मारपीट मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। पहले जहां विधायक की ओर से अधिकारी-कर्मचारियों पर मारपीट के आरोप लगाए गए थे, वहीं शुक्रवार को अधिकारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पलटवार किया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद विपक्षी नेता अब विधायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
निष्पक्ष जांच कराने की मांग
पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि हाल ही में श्रीगंगानगर में भाजपा विधायक से जुड़े मामले में अधिकारियों पर मारपीट के गंभीर आरोप सामने आए थे, जिसके बाद कुछ अधिकारियों की गिरफ्तारी भी हुई थी।
पायलट ने आगे कहा कि अब इस मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है, जिसमें एईएन जगनलाल बैरवा ने जमानत मिलने के बाद प्रेस वार्ता में विधायक पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इनमें अभद्र भाषा का इस्तेमाल, कपड़े फाड़ने, प्रताड़ित करने और शरीर पर चोट के निशान दिखाने जैसी बातें शामिल हैं।
पूरा प्रकरण गंभीर प्रकृति का
उन्होंने कहा कि सामने आए वीडियो और तस्वीरों में संबंधित कर्मचारी के साथ बर्बरता और गंभीर चोटें स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं, जो अत्यंत निंदनीय है। यह पूरा प्रकरण गंभीर प्रकृति का है और इसकी उच्चस्तरीय, निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे और आम जनता का कानून व्यवस्था पर भरोसा बना रहे।
वहीं दूसरी तरफ राजस्थान कांग्रेस की कार्य समिति के सदस्य और श्रीगंगानगर से विधानसभा चुनाव के प्रत्याशी अंकुर मगलानी ने मारपीट की एक घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक जयदीप बिहाणी और उनके साथियों पर आरोप लगाया है कि बिहाणी की मानसिक स्थिति बेहतर प्रतीत नहीं होती।
मगलानी ने यहां एक बयान में कहा कि भाजपा के स्थानीय विधायक बिहाणी और उनके गुर्गों ने राजस्थान शहरी अवसंरचना विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के सहायक अभियंता जगन्नाथ बैरवा, परियोजना प्रबंधक शाहनवाज हसन और एलएंडटी के योजना प्रबंधक सोहम परमार के साथ कथित मारपीट की।
‘विधायक सेवा केंद्र’ को बताया यातना केंद्र
उन्होंने कहा कि इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि विधायक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। मगलानी ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि विधायक बिहाणी ने स्वामी दयानंद मार्ग पर अपने निवास के पास स्थित एक दुकान में बनाए गए यातना केंद्र को एसडी कॉलेज परिसर में स्थानांतरित कर दिया है और इसे ‘विधायक सेवा केंद्र’ का नाम दे रखा है।
अपने घर के समीप बने इस यातना केंद्र में शहर के एक प्रतिष्ठित डॉ. श्यामसुंदर को अगवा कर लाने और मारपीट कर उनकी आंख फोड़ देने की घटना को शहरवासी अब तक नहीं भूले हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में विधायक बिहाणी के कुछ गुर्गे पुलिस जांच में दोषी भी पाए जा चुके हैं।


