इंदौर में दृष्टिहीन महिला के नाम से फर्जी रजिस्ट्री:डेढ़ करोड़ के प्लॉट पर कब्जे की साजिश, फर्जी वकील ने रचा खेल, तीन गिरफ्तार

इंदौर में दृष्टिहीन महिला के नाम से फर्जी रजिस्ट्री:डेढ़ करोड़ के प्लॉट पर कब्जे की साजिश, फर्जी वकील ने रचा खेल, तीन गिरफ्तार

इंदौर के द्वारकापुरी इलाके में करीब डेढ़ करोड़ रुपए के भूखंड पर कब्जा करने की सुनियोजित साजिश का खुलासा हुआ है। इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड खुद को वकील बताने वाला एक युवक निकला, जिसने फर्जी दस्तावेज तैयार कर एक ऑटो चालक को प्लॉट का मालिक बना दिया। पुलिस जांच आगे बढ़ी तो मामले में और चौंकाने वाले खुलासे हुए। ऋषि नगर निवासी सौरभ राठौर के मुताबिक, उक्त भूखंड पर पिछले 25 वर्षों से उनके तीन मकान बने थे, जिनसे उन्हें किराया मिलता था। हाल ही में उन्होंने एक बिल्डर के साथ मिलकर निर्माण कार्य शुरू कराया। इसी दौरान राजेंद्र राठौर नाम का व्यक्ति फर्जी दस्तावेज लेकर पहुंचा और खुद को प्लॉट का मालिक बताने लगा। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी राजेंद्र ने प्रेम प्रजापत, तब्बू उर्फ तबरेज और शहनवाज बी के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए। इन दस्तावेजों के आधार पर निर्माण कार्य रुकवाया गया और सौरभ से लाखों रुपए की मांग की गई। इतना ही नहीं, झूठे केस में गंभीर धाराओं में फंसाने की धमकी भी दी गई। फर्जी वकील और ‘मालिक’ गिरफ्तार, जेल भेजे गए द्वारकापुरी थाना प्रभारी मनीष मिश्रा ने बताया कि मामले में राजेंद्र राठौर और प्रेम प्रजापत के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया गया है। प्रेम खुद को वकील बताता था, जबकि वह केवल 10वीं तक पढ़ा है और वकीलों की वेशभूषा में लोगों से मिलता-जुलता था। राजेंद्र ई-रिक्शा चालक है, जिसे प्लॉट का फर्जी मालिक बनाया गया। प्रेम के पक्ष मे बयान देने वाले सरबजीत के मामले मे भी द्वारकापुरी जांच कर रही है। अंधी महिला के नाम से रची गई साजिश, 20 हजार देकर लिए हस्ताक्षर जांच में सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब पुलिस शहनवाज बी तक पहुंची। वह दृष्टिहीन महिला है, जो बेहद खराब हालात में जीवन गुजार रही है। उसके बेटे ने बताया कि तबरेज नाम का युवक 20 हजार रुपए देकर कागजों पर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान ले गया था। महिला को यह तक पता नहीं था कि उसके नाम से प्लॉट के दस्तावेज तैयार कर लिए गए हैं। पुलिस ने उसे सरकारी गवाह बनाया है। मुख्य आरोपी फरार, अग्रिम जमानत खारिज पूछताछ में सामने आया कि तबरेज ही इस गिरोह को फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराता था। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। वह अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट पहुंचा, लेकिन आपत्ति के बाद उसकी याचिका खारिज हो गई। उसके साले नौशाद की भूमिका भी जांच के दायरे में है। कॉलोनी से जुड़े अन्य किरदार भी रडार पर पुलिस के अनुसार, इस साजिश में तबरेज के साले नौशाद सहित कॉलोनी से जुड़े कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

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