अररिया पुलिस ने कुर्साकांटा थाना क्षेत्र में फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की छापेमारी में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जबकि उनके कब्जे से फर्जी दस्तावेज बनाने का पूरा उपकरण बरामद हुआ। कुर्साकांटा थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुर्साकांटा बाड़ी टोला, वार्ड संख्या-05 स्थित मोहम्मद आरिफ के घर पर फर्जी आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुशील कुमार के निर्देशन में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सूचित कर एक छापेमारी दल का गठन किया गया। छापेमारी कर सामान बरामद इस दल का नेतृत्व कुर्साकांटा थाना प्रभारी पुलिस उप-निरीक्षक रोहित कुमार और अपर थानाध्यक्ष पुलिस उप-निरीक्षक अभिषेक नारायण ज्योति ने किया। छापेमारी के दौरान मोहम्मद आरिफ के घर से एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, एक आई स्कैनर मशीन और आधार कार्ड अपडेट किए गए स्लिप बरामद हुए। गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्तों की पहचान मोहम्मद आरिफ (37 वर्ष, पुत्र मो. आयूब, निवासी बाड़ी टोला वार्ड-05) और मोहम्मद आबिद (36 वर्ष, पुत्र कलरू उर्फ रुकमुद्दीन, निवासी कुर्साकांटा वार्ड-10) के रूप में हुई है। धोखाधड़ी-बैंक लोन का देते थे लालच पुलिस के अनुसार, यह गिरोह फर्जी आधार कार्ड बनाकर विभिन्न व्यक्तियों को उपलब्ध करा रहा था, जिनका उपयोग धोखाधड़ी, बैंक लोन, सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग और अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया जा सकता था। आधार कार्ड भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेज है और इसके फर्जी निर्माण से राष्ट्रीय सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो सकता है। इस मामले में कुर्साकांटा थाना कांड संख्या-83/26 दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस पूरे गिरोह की तलाश में जुटी हुई है और अन्य संदिग्धों के नाम भी सामने आने की संभावना है। छापेमारी दल में प्रभारी पुलिस उप-निरीक्षक विकास कुमार, सिपाही विपिन कुमार, BHG अनमोल कुमार विश्वास और महिला सिपाही प्रियंका कुमारी भी शामिल थीं। अररिया जिले में हाल के वर्षों में फर्जी दस्तावेज बनाने की घटनाओं में वृद्धि हुई है, जिसके चलते पुलिस ने सख्त निगरानी बढ़ा रखी है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। अररिया पुलिस ने कुर्साकांटा थाना क्षेत्र में फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की छापेमारी में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जबकि उनके कब्जे से फर्जी दस्तावेज बनाने का पूरा उपकरण बरामद हुआ। कुर्साकांटा थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुर्साकांटा बाड़ी टोला, वार्ड संख्या-05 स्थित मोहम्मद आरिफ के घर पर फर्जी आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुशील कुमार के निर्देशन में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सूचित कर एक छापेमारी दल का गठन किया गया। छापेमारी कर सामान बरामद इस दल का नेतृत्व कुर्साकांटा थाना प्रभारी पुलिस उप-निरीक्षक रोहित कुमार और अपर थानाध्यक्ष पुलिस उप-निरीक्षक अभिषेक नारायण ज्योति ने किया। छापेमारी के दौरान मोहम्मद आरिफ के घर से एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, एक आई स्कैनर मशीन और आधार कार्ड अपडेट किए गए स्लिप बरामद हुए। गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्तों की पहचान मोहम्मद आरिफ (37 वर्ष, पुत्र मो. आयूब, निवासी बाड़ी टोला वार्ड-05) और मोहम्मद आबिद (36 वर्ष, पुत्र कलरू उर्फ रुकमुद्दीन, निवासी कुर्साकांटा वार्ड-10) के रूप में हुई है। धोखाधड़ी-बैंक लोन का देते थे लालच पुलिस के अनुसार, यह गिरोह फर्जी आधार कार्ड बनाकर विभिन्न व्यक्तियों को उपलब्ध करा रहा था, जिनका उपयोग धोखाधड़ी, बैंक लोन, सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग और अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया जा सकता था। आधार कार्ड भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेज है और इसके फर्जी निर्माण से राष्ट्रीय सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो सकता है। इस मामले में कुर्साकांटा थाना कांड संख्या-83/26 दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस पूरे गिरोह की तलाश में जुटी हुई है और अन्य संदिग्धों के नाम भी सामने आने की संभावना है। छापेमारी दल में प्रभारी पुलिस उप-निरीक्षक विकास कुमार, सिपाही विपिन कुमार, BHG अनमोल कुमार विश्वास और महिला सिपाही प्रियंका कुमारी भी शामिल थीं। अररिया जिले में हाल के वर्षों में फर्जी दस्तावेज बनाने की घटनाओं में वृद्धि हुई है, जिसके चलते पुलिस ने सख्त निगरानी बढ़ा रखी है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।


