ESDS Share Price 10th September 2026: शेयर बाजार में कुछ ही दिनों में पैसा कई गुना करने वाले स्टॉक्स अक्सर निवेशकों का ध्यान खींचते हैं। ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सोल्यूशंस का शेयर इन दिनों कुछ ऐसा ही कर रहा है। आईपीओ में 429 रुपये के भाव पर मिला यह शेयर महज 5 कारोबारी सत्रों में करीब 260% चढ़ चुका है। बुधवार को भी इसमें 10% का अपर सर्किट लगा था। गुरुवार दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर यह शेयर एनएसई पर 7.26 फीसदी की बढ़त के साथ 1543 रुपये पर ट्रेड करता दिखा।
कंपनी के शेयर ने 4 सितंबर को शेयर बाजार में एंट्री की थी। इसकी लिस्टिंग 757 रुपये पर हुई, यानी IPO कीमत से करीब 76% प्रीमियम पर। इसके बाद से शेयर ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार चार कारोबारी दिनों में अपर सर्किट लगाया है।

AI और डेटा सेंटर की बढ़ती मांग का फायदा
ईएसडीएस के शेयर में इस तेजी को भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च से जोड़कर देखा जा रहा है। एआई के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ज्यादा कंप्यूटिंग पावर, क्लाउड सेवाओं और GPU आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत बढ़ रही है। अनुमानों के मुताबिक, भारत का क्लाउड जीपीयू बाजार वित्त वर्ष 2030 तक हर साल करीब 50% की रफ्तार से बढ़ सकता है। इसी बीच ESDS को Sharon AI के साथ 1.25 अरब डॉलर का एआई इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इस सौदे ने कंपनी की कमाई को लेकर बाजार की उम्मीदें काफी बढ़ा दी हैं।
क्या करती है कंपनी?
ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सोल्यूशंस क्लाउड कंप्यूटिंग, मैनेज्ड सर्विसेज, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस के कारोबार में है। कंपनी भारत की उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल है जो GPU-as-a-Service यानी GPUaaS, क्लाउड, मैनेज्ड सर्विसेज, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस की पूरी सर्विस उपलब्ध कराती हैं।
भारत में डेटा सेंटर कैपेसिटी तेजी से बढ़ने की उम्मीद
कहानी सिर्फ ESDS तक सीमित नहीं है। भारत में डेटा सेंटर कारोबार के लिए आने वाले साल काफी अहम माने जा रहे हैं। 2025 में देश की ऑपरेशनल डेटा सेंटर क्षमता करीब 1.5 से 1.7 GW थी, जो 2030 तक लगभग 4 GW पहुंच सकती है। क्लाउड कंप्यूटिंग और AI से जुड़े काम बढ़ने के साथ डेटा सेंटर की मांग में भी तेजी आने की उम्मीद है। यही वजह है कि निवेशकों की नजर इस पूरे सेक्टर पर बनी हुई है।
लिस्टिंग के बाद आई भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम
ESDS के शेयर में लिस्टिंग के बाद ट्रेडिंग वॉल्यूम भी काफी ज्यादा रहा। 4 सितंबर को एनएसई पर करीब 1.58 करोड़ शेयरों का कारोबार हुआ। वहीं, 8 सितंबर को लगभग 1.28 करोड़ शेयरों की खरीद-बिक्री हुई। 8 सितंबर का कारोबार कंपनी के आईपीओ के बाद उपलब्ध कुल शेयरों का करीब 11% था। इसी दिन बीएसई पर करीब 4.43 लाख शेयर डिलीवरी के लिए दर्ज किए गए। यानी शेयर में सिर्फ भाव ही नहीं बढ़ रहा, बल्कि इसमें निवेशकों की सक्रियता भी काफी ज्यादा है।
ESDS के चेयरमैन ने क्या कहा?
ईएसडीएस सॉफ्टेवेयर सोल्यूशंस के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर पियूष सोमानी का मानना है कि भारत अगले 10 वर्षों में 30 से 40 GW तक नई डेटा सेंटर पावर कैपेसिटी जोड़ सकता है। उनके मुताबिक, देश में तेजी से बढ़ती बिजली उत्पादन क्षमता, रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सरकार की नीतियां इस बदलाव को सपोर्ट कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत में अभी करीब 1,545 MW डेटा सेंटर कैपेसिटी मौजूद है। ऐसे में आने वाले वर्षों में क्षमता में होने वाली बढ़ोतरी एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव साबित हो सकती है।
AI बदल रहा है डेटा सेंटर का पूरा खेल
नीति आयोग के टेक्नोलॉजी सर्विसेज रोडमैप के मुताबिक, भारत की डेटा सेंटर क्षमता अगले दशक में 6 से 7 GW तक बढ़ सकती है। रिपोर्ट में एआई से जुड़े काम बढ़ने के साथ जीपीयू से लैस डेटा सेंटर की जरूरत बढ़ने की भी बात कही गई है। ईवाई इंडिया के मुताबिक, AI की बढ़ती मांग ने डेटा सेंटर को सिर्फ टेक्नोलॉजी सपोर्ट देने वाला इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं रहने दिया है। अब यह रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर का हिस्सा बनता जा रहा है। बढ़ती कंप्यूटिंग जरूरत के साथ बिजली, जमीन और कनेक्टिविटी की मांग भी बढ़ेगी।


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