Ahmedabad. भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआइआइ) के पूर्व अध्यक्ष किशोर खरात ने कहा कि उद्यमी देश के आर्थिक सैनिक हैं। वे हमारी अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखते हैं। आज भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, तो उसके पीछे इन आर्थिक सैनिकों का अहम योगदान है।
खरात सोमवार को ईडीआइआइ के 44वें स्थापना दिवस समारोह को मुख्य अतिथि पद से संबोधित कर रहे थे। इंडियन बैंक व आइडीबीआइ बैंक के प्रबंधन निदेश रहे खरात ने कहा कि उद्यमिता, औद्योगीकरण, आर्थिक विकास एवं वाणिज्यिक विकास के चलते देश ने आज का मौजूदा मुकाम पाया है। लेकिन कहीं न कहीं देश का विकास मेट्रो सिटी, शहरों तक केन्द्रित है। दूरस्थ गांवों का विकास भी होगा, तब हम सही मायने में विकसित देश बनेंगे।
खरात ने कहा कि गांवों का विकास आज भी नहीं अधूरा है, क्योंकि वहां के शिक्षित, प्रशक्षित लोग, अच्छी जीवनशैली के लिए गांवों को छोड़ बड़े शहरों में आ जाते हैं।उन्होंने कई उदाहरण देते हुए कहा कि व्यापार केवल शहरों में नहीं बल्कि कस्बों और गांवों में भी है। हमें सिर्फ उसे सही तरह से समझने की जरूरत है।
उद्यमियों को बताए सफलता के सात सी गुरु मंत्र
संस्थान से उद्यमिता के गुर सीखने वाले विद्यार्थियों को खरात ने सफलता के लिए जरूरी सात -सी- के गुरुमंत्र बताए। इसमें करेज-साहस, कैपिटल-धन, कैरेक्टर-सिद्धांतपूर्ण चरित्र, कंसिसटेंसी-प्रयासों में निरंतरता, चेंज-परिवर्तन की स्वीकार्यता, कम्युनिटी-समाज हित का ध्यान और कम्युनिकेशन-ग्राहकों से संवाद शामिल हैं। उन्होंने उद्यमी को सफलता के लिए पैसों की सुरक्षा, व्यापार के लिए पैसों की उपलब्धता बनाए रखना, फिजूल खर्च से दूर रहना, ग्राहकों और उद्यम के प्रति ईमानदार रहना तथा व्यापार में लाभ पर लगातार ध्यान देते रहने की सीख दी।
उद्यमिता का यह सबसे सही समय: शुक्ला
ईडीआइआइ के महानिदेशक सुनील शुक्ला ने कहा कि संस्थान ने 44 सालों में यह साबित कर दिया कि शिक्षा और प्रशिक्षण के बूते सफल उद्यमी तैयार किए जा सकते हैं। यही वजह है कि आज संस्थान न सिर्फ गुजरात बल्कि 13 राज्य सरकारों और विदेशों में भी उद्यमिता को बढ़ाने में जुटा है। आज उद्यमिता का सबसे सही समय है, क्योंकि खुद केन्द्र व राज्य सरकारें हर कदम पर मदद कर रही हैं।
समारोह में संस्थान के 55 पूर्व छात्रों की सफललता की कहानी और ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा समर्थित स्टार्ट-अप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम के 100 सफल लाभार्थियों की गाथा पर आधारित कॉफीटेबल बुक का विमोचन किया गया।


