बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं के 300 करोड़ रुपये दबाए:बिल में ब्याज की राशि एडजस्ट नहीं की, फ्यूल कॉस्ट के नाम पर 10% ज्यादा वसूल कर रहे

बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं के 300 करोड़ रुपये दबाए:बिल में ब्याज की राशि एडजस्ट नहीं की, फ्यूल कॉस्ट के नाम पर 10% ज्यादा वसूल कर रहे

बिजली विभाग ने प्रदेश के 3.73 करोड़ उपभोक्ताओं के 300 करोड़ रुपये दबाए हुए हैं। इस राशि को उपभोक्ताओं के बिल में एडजस्ट करना था, लेकिन अभी तक नहीं किया गया। जबकि नियामक आयोग की नोटिस के बावजूद फ्यूल कॉस्ट के नाम पर 10% ज्यादा रकम वसूल की जा रही है। बिजली विभाग के इस दोहरे मापदंड को लेकर उपभोक्ता परिषद ने सवाल उठाए हैं। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं की लगभग 4,616 करोड़ रुपये जमानत राशि के रूप में जमा है। मौजूदा 6.50 प्रतिशत बैंक दर जोड़ें तो ब्याज के रूप में 300 करोड़ रुपए बनते हैं। विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 47 और विद्युत वितरण संहिता-2005 की धारा 4.20 के अंतर्गत जमानत राशि पर हर वर्ष 1 अप्रैल को ब्याज देना उपभोक्ताओं का अधिकार है। बिलिंग सॉफ्टवेयर में बदलाव की मांग बिजली विभाग ने अब तक यह ब्याज नहीं दिया है। ब्याज की राशि को बिल में एडजस्ट करना था, लेकिन अभी तक बिजली कंपनियों के बिलिंग सॉफ्टवेयर में बदलाव नहीं किया गया। परिषद ने पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन एवं राज्य सरकार से तत्काल उपभोक्ताओं को ब्याज की राशि देने की मांग की है।

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