ईरान (Iran) और अमेरिका (United States Of America) के बीच सीज़फायर चल रहा है, लेकिन अभी भी दोनों देशों के बीच शांति समझौता नहीं हुआ है। 8 अप्रैल को लागू हुआ सीज़फायर अभी भी जारी है, लेकिन तनाव भी बरकरार है और दोनों देशों के बीच समझौते की शर्तों पर सहमति नहीं बन रही है। गौरतलब है कि पिछले साल ईरान और इज़रायल (Israel) के बीच 12 दिन तक चले युद्ध के बाद से ही ईरानी सुरक्षाबलों और खुफिया एजेंसियों ने अपने देश में छिपे जासूसों के खिलाफ कार्रवाई तेज़ कर दी थी। समय-समय पर ईरान इन जासूसों को पकड़ता है और उन्हें सज़ा देता है। आज ईरान ने एक और जासूस के खिलाफ कार्रवाई की है।
मोसाद के लिए जासूसी करता पकड़ा गया एहसान अफराश्तेह
ईरान ने कुछ समय पहले एहसान अफराश्तेह (Ehsan Afrashteh) नाम के शख्स को गिरफ्तार किया था। उस पर इज़रायल की खुफिया एजेंसी मोसाद (Mossad) के लिए जासूसी करने का आरोप लगा था और आज सज़ा-ए-मौत दे दी गई है।
नेपाल में हुई थी ट्रेनिंग
जानकारी के अनुसार मोसाद ने अफराश्तेह को नेपाल में ट्रेनिंग दी थी। इसके बाद उसे ईरान भेज दिया गया था, जहाँ से वह खुफिया और संवेदनशील जानकारी इज़रायल तक पहुंचा रहा था।
जासूसों के खिलाफ ईरान की कार्रवाई जारी
जासूसों के खिलाफ ईरान की कार्रवाई जारी है। ईरान की जासूसी एजेंसियाँ और सुरक्षाबल पूरी तरह से एक्टिव हैं। पिछले साल जून से अब तक ईरान में सैकड़ों जासूसों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उनमें से कई जासूसों को तो मौत की सज़ा भी दी जा चुकी है। ईरान में जासूसी के आरोप में गिरफ्तार लोगों में दोहरी नागरिकता वाले लोग और विदेशी भी शामिल हैं जो सिर्फ इज़रायल के लिए नहीं, बल्कि अमेरिका के लिए भी जासूसी कर रहे थे और ईरान की खुफिया जानकारी लीक कर रहे थे। इज़रायल और अमेरिका की तरफ से ईरान के खिलाफ सिर्फ सैन्य मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि जासूसों के ज़रिए खुफिया युद्ध भी लड़ा जा रहा है, जिससे ईरान की खुफिया जानकारी का पता लगाया जा सके और उसे ईरान के ही खिलाफ इस्तेमाल करते हुए इसे कमज़ोर किया जा सके।


