विक्रमशिला पुल बंद होने पर, मुंगेर में लगा लंबा जाम:दूसरे दिन भी 3 KM तक ट्रकों की लगी कतार, उद्घाटन के बाद पहली बार इतना दबाव

विक्रमशिला पुल बंद होने पर, मुंगेर में लगा लंबा जाम:दूसरे दिन भी 3 KM तक ट्रकों की लगी कतार, उद्घाटन के बाद पहली बार इतना दबाव

भागलपुर में विक्रमशिला पुल रविवार देर रात ढह गया। इसके बाद सीमांचल जाने वाले वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद हो गया है। झारखंड और बंगाल से आने वाले सभी वाहनों को अब मुंगेर के श्री कृष्णा सेतु पथ से गुजारा जा रहा है। श्री कृष्णा सेतु पथ पर अचानक वाहनों का अत्यधिक दबाव बढ़ गया है। इसके चलते लगातार दूसरे दिन भी कई जगहों पर महाजाम की स्थिति बनी हुई है। लोगों को परेशानी से बचाने के लिए पुलिस प्रशासन ने वन-वे कर वाहनों का परिचालन शुरू किया है। 3 किलोमीटर लंबी वाहनों की लगी कतार मंगलवार सुबह से ही मुंगेर जिले के नौवागढ़ी बोचाही से लेकर बांक मोड़ तक, करीब तीन किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लगी है। इस जाम में 22 चक्का वाहनों के अलावा ट्रक और अन्य भारी वाहन फंसे हुए हैं। जाम लगने का एक मुख्य कारण रामनगर पेट्रोल पंप के पास चल रहा फ्लाईओवर निर्माण कार्य भी है। इस स्थान पर सड़क संकरी होने के कारण दोनों तरफ से एक साथ बड़े वाहनों के आवागमन से जाम की स्थिति बन रही है। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी बारी-बारी से वाहनों का परिचालन सुनिश्चित करा रहे हैं। क्षमता से दोगुना ट्रैफिक, ओवरलोडिंग भी बढ़ी। 20 घंटे में 15 हजार वाहनों का हुआ परिचालन जानकारी के अनुसार, सामान्य दिनों में इस पुल से 24 घंटे में लगभग पांच हजार वाहन गुजरते हैं, लेकिन पुल बंद होने के बाद सोमवार को महज 15-20 घंटे के भीतर करीब लगभग 15 हजार वाहनों का परिचालन हुआ। इसकी जानकारी टोल कर्मी आकाश कुमार ने दी।

यानी क्षमता से लगभग तीन गुना दबाव दर्ज किया गया। स्थिति और गंभीर तब हो रही है जब 55 टन क्षमता वाले इस पुल से 80 से 90 टन तक भार लेकर ट्रक और हाइवा वाहन गुजर रहे हैं। झारखंड के बड़हरवा, मिर्जाचौकी और पीरपैंती से आने वाले भारी वाहन गिट्टी समेत अन्य सामान ओवरलोड कर ला रहे हैं।

एनएचएआई की प्रोजेक्ट इंचार्ज नीतीश कुमार ने साफ कहा है कि निर्धारित सीमा से अधिक भार वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने बेगूसराय से पूर्णिया, सहरसा और कटिहार जाने वाले चालकों से खगड़िया होकर वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है।
उद्घाटन के बाद पहली बार इतना दबाव गौरतलब है कि श्री कृष्ण सेतु का उद्घाटन 11 फरवरी 2022 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया था। इस पुल का निर्माण मुख्य रूप से बिक्रमशिला सेतु पर दबाव कम करने के लिए किया गया था। लेकिन अब बिक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद पहली बार इस पुल पर इतना अधिक ट्रैफिक दबाव देखने को मिल रहा है। प्रशासन अलर्ट, लगातार गश्ती जारी यातायात थानाध्यक्ष ध्रुव कुमार ने बताया कि बढ़ते दबाव को देखते हुए बरियारपुर, नया रामनगर, मुफस्सिल और यातायात थाना की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। जाम से राहत दिलाने के लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया है। भागलपुर में विक्रमशिला पुल रविवार देर रात ढह गया। इसके बाद सीमांचल जाने वाले वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद हो गया है। झारखंड और बंगाल से आने वाले सभी वाहनों को अब मुंगेर के श्री कृष्णा सेतु पथ से गुजारा जा रहा है। श्री कृष्णा सेतु पथ पर अचानक वाहनों का अत्यधिक दबाव बढ़ गया है। इसके चलते लगातार दूसरे दिन भी कई जगहों पर महाजाम की स्थिति बनी हुई है। लोगों को परेशानी से बचाने के लिए पुलिस प्रशासन ने वन-वे कर वाहनों का परिचालन शुरू किया है। 3 किलोमीटर लंबी वाहनों की लगी कतार मंगलवार सुबह से ही मुंगेर जिले के नौवागढ़ी बोचाही से लेकर बांक मोड़ तक, करीब तीन किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लगी है। इस जाम में 22 चक्का वाहनों के अलावा ट्रक और अन्य भारी वाहन फंसे हुए हैं। जाम लगने का एक मुख्य कारण रामनगर पेट्रोल पंप के पास चल रहा फ्लाईओवर निर्माण कार्य भी है। इस स्थान पर सड़क संकरी होने के कारण दोनों तरफ से एक साथ बड़े वाहनों के आवागमन से जाम की स्थिति बन रही है। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी बारी-बारी से वाहनों का परिचालन सुनिश्चित करा रहे हैं। क्षमता से दोगुना ट्रैफिक, ओवरलोडिंग भी बढ़ी। 20 घंटे में 15 हजार वाहनों का हुआ परिचालन जानकारी के अनुसार, सामान्य दिनों में इस पुल से 24 घंटे में लगभग पांच हजार वाहन गुजरते हैं, लेकिन पुल बंद होने के बाद सोमवार को महज 15-20 घंटे के भीतर करीब लगभग 15 हजार वाहनों का परिचालन हुआ। इसकी जानकारी टोल कर्मी आकाश कुमार ने दी।

यानी क्षमता से लगभग तीन गुना दबाव दर्ज किया गया। स्थिति और गंभीर तब हो रही है जब 55 टन क्षमता वाले इस पुल से 80 से 90 टन तक भार लेकर ट्रक और हाइवा वाहन गुजर रहे हैं। झारखंड के बड़हरवा, मिर्जाचौकी और पीरपैंती से आने वाले भारी वाहन गिट्टी समेत अन्य सामान ओवरलोड कर ला रहे हैं।

एनएचएआई की प्रोजेक्ट इंचार्ज नीतीश कुमार ने साफ कहा है कि निर्धारित सीमा से अधिक भार वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने बेगूसराय से पूर्णिया, सहरसा और कटिहार जाने वाले चालकों से खगड़िया होकर वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है।
उद्घाटन के बाद पहली बार इतना दबाव गौरतलब है कि श्री कृष्ण सेतु का उद्घाटन 11 फरवरी 2022 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया था। इस पुल का निर्माण मुख्य रूप से बिक्रमशिला सेतु पर दबाव कम करने के लिए किया गया था। लेकिन अब बिक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद पहली बार इस पुल पर इतना अधिक ट्रैफिक दबाव देखने को मिल रहा है। प्रशासन अलर्ट, लगातार गश्ती जारी यातायात थानाध्यक्ष ध्रुव कुमार ने बताया कि बढ़ते दबाव को देखते हुए बरियारपुर, नया रामनगर, मुफस्सिल और यातायात थाना की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। जाम से राहत दिलाने के लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया है।  

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