नेपाल में 5 मार्च को होने वाले आम चुनाव के मद्देनजर भारत-नेपाल सीमा को सोमवार मध्य रात्रि से सील कर दिया गया है। यह प्रतिबंध 5 मार्च गुरुवार की मध्य रात्रि तक लागू रहेगा। मधुबनी जिले के जयनगर-जनकपुर रेल खंड पर चलने वाली नेपाली ट्रेन का परिचालन भी मंगलवार से गुरुवार तक तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। सीमा और रेल सेवा शुक्रवार को सामान्य स्थिति बहाल होने पर पूर्ववत खुलेंगे और नेपाली ट्रेन का परिचालन फिर से शुरू होगा। यह कदम नेपाल में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। सुरक्षा से जुड़ी तस्वीरें… सीमा पर पहले से ही अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही
भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी की 48वीं बटालियन के कमांडेंट गोविंद सिंह भंडारी ने मंगलवार को बताया कि सीमा पर पहले से ही अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने लोगों से प्रतिबंध अवधि के दौरान सीमा पार करने से बचने का आग्रह किया। हालांकि, गंभीर रूप से बीमार मरीजों, आवश्यक वस्तुओं और रोजगार या व्यापार के उद्देश्य से भारत में रहने वाले नेपाली मतदाताओं को सुरक्षा बलों की निगरानी में सीमा पार करने की अनुमति दी जा सकती है। सीमा से सटे जिलों में बस और निजी वाहनों से आवाजाही पर भी रोक लगाई गई है। पर्यटक यात्रा और व्यावसायिक गतिविधियों पर भी पाबंदी है। सीमावर्ती क्षेत्रों से होने वाले आयात-निर्यात कार्य भी अस्थायी रूप से बंद रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए
नेपाल निर्वाचन आयोग ने पड़ोसी राष्ट्र नेपाल में 5 मार्च को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से आम चुनाव (प्रतिनिधि सभा) संपन्न कराने के लिए पूरी तैयारियां कर ली हैं। आयोग ने तीन चरणों में होने वाले चुनाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए हैं, ताकि चुनाव के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी की समस्या सामने न आए। नेपाल के सभी 77 जिलों में कुल 3 लाख 38 हजार सुरक्षाकर्मियों को चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है, जिसमें 80 हजार नेपाली सेना के जवान शामिल हैं। देश के चुनावी इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की प्रतिनियुक्ति की गई है। नेपाल में पिछले साल सितंबर में हुई युवाओं की हिंसक क्रांति के बाद 5 मार्च को यह पहला राष्ट्रीय चुनाव होने जा रहा है। नेपाल में 5 मार्च को होने वाले आम चुनाव के मद्देनजर भारत-नेपाल सीमा को सोमवार मध्य रात्रि से सील कर दिया गया है। यह प्रतिबंध 5 मार्च गुरुवार की मध्य रात्रि तक लागू रहेगा। मधुबनी जिले के जयनगर-जनकपुर रेल खंड पर चलने वाली नेपाली ट्रेन का परिचालन भी मंगलवार से गुरुवार तक तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। सीमा और रेल सेवा शुक्रवार को सामान्य स्थिति बहाल होने पर पूर्ववत खुलेंगे और नेपाली ट्रेन का परिचालन फिर से शुरू होगा। यह कदम नेपाल में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। सुरक्षा से जुड़ी तस्वीरें… सीमा पर पहले से ही अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही
भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी की 48वीं बटालियन के कमांडेंट गोविंद सिंह भंडारी ने मंगलवार को बताया कि सीमा पर पहले से ही अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने लोगों से प्रतिबंध अवधि के दौरान सीमा पार करने से बचने का आग्रह किया। हालांकि, गंभीर रूप से बीमार मरीजों, आवश्यक वस्तुओं और रोजगार या व्यापार के उद्देश्य से भारत में रहने वाले नेपाली मतदाताओं को सुरक्षा बलों की निगरानी में सीमा पार करने की अनुमति दी जा सकती है। सीमा से सटे जिलों में बस और निजी वाहनों से आवाजाही पर भी रोक लगाई गई है। पर्यटक यात्रा और व्यावसायिक गतिविधियों पर भी पाबंदी है। सीमावर्ती क्षेत्रों से होने वाले आयात-निर्यात कार्य भी अस्थायी रूप से बंद रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए
नेपाल निर्वाचन आयोग ने पड़ोसी राष्ट्र नेपाल में 5 मार्च को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से आम चुनाव (प्रतिनिधि सभा) संपन्न कराने के लिए पूरी तैयारियां कर ली हैं। आयोग ने तीन चरणों में होने वाले चुनाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए हैं, ताकि चुनाव के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी की समस्या सामने न आए। नेपाल के सभी 77 जिलों में कुल 3 लाख 38 हजार सुरक्षाकर्मियों को चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है, जिसमें 80 हजार नेपाली सेना के जवान शामिल हैं। देश के चुनावी इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की प्रतिनियुक्ति की गई है। नेपाल में पिछले साल सितंबर में हुई युवाओं की हिंसक क्रांति के बाद 5 मार्च को यह पहला राष्ट्रीय चुनाव होने जा रहा है।


