रोहतास में हुए सड़क हादसे में भोजपुर के रहने वाले ट्रक ड्राइवर की मौत हो गई। इलाज के दौरान पटना के प्राइवेट अस्पताल में सोमवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान जगदीशपुर थाना क्षेत्र के भड़सरा गांव के रहने वाले 46 साल के आलमगीर मंसूरी के रूप में हुई है। मृतक के फुफेरे भाई मो. इसराफिल ने बताया कि आलमगीर झारखंड से ट्रक पर कोयला लोड कर उत्तराखंड के सितारगंज जा रहे थे। इसी दौरान रोहतास जिले के कुदरा थाना क्षेत्र के अमिर्था गांव के पास उनके ट्रक का टायर पंचर हो गया। आलमगीर ट्रक को सड़क किनारे खड़ा कर टायर बदल रहे थे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार से आए कंटेनर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। घायल आलमगीर ने पटना में तोड़ा दम कंटेनर की चपेट में आने के बाद आलमगीर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए भभुआ सदर अस्पताल ले जाया गया। सूचना पाकर परिजन भी वहां पहुंचे और उन्हें इलाज के लिए वाराणसी ले गए। लेकिन हालत में कोई सुधार न होने के कारण वे लोग उन्हें इलाज के लिए पटना स्थित निजी अस्पताल ले गए। पटना में 8 दिन चले इलाज के बाद आलमगीर ने दम तोड़ दिया। सूचना पाकर पुलिस सदर अस्पताल पहुंची और शव का पोस्टमार्टम करवाया। बताया जाता है कि मृतक अपने चार भाई, दो बहन बहन में चौथे स्थान पर थे। उनके परिवार में पत्नी महजिदन खातून, 3 बेटी (नेहा खातून, रोजीदन खातून, सहिदन खातून) और 2 बेटे मो. समीर एवं मो. खादिब मंसूरी है। रोहतास में हुए सड़क हादसे में भोजपुर के रहने वाले ट्रक ड्राइवर की मौत हो गई। इलाज के दौरान पटना के प्राइवेट अस्पताल में सोमवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान जगदीशपुर थाना क्षेत्र के भड़सरा गांव के रहने वाले 46 साल के आलमगीर मंसूरी के रूप में हुई है। मृतक के फुफेरे भाई मो. इसराफिल ने बताया कि आलमगीर झारखंड से ट्रक पर कोयला लोड कर उत्तराखंड के सितारगंज जा रहे थे। इसी दौरान रोहतास जिले के कुदरा थाना क्षेत्र के अमिर्था गांव के पास उनके ट्रक का टायर पंचर हो गया। आलमगीर ट्रक को सड़क किनारे खड़ा कर टायर बदल रहे थे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार से आए कंटेनर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। घायल आलमगीर ने पटना में तोड़ा दम कंटेनर की चपेट में आने के बाद आलमगीर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए भभुआ सदर अस्पताल ले जाया गया। सूचना पाकर परिजन भी वहां पहुंचे और उन्हें इलाज के लिए वाराणसी ले गए। लेकिन हालत में कोई सुधार न होने के कारण वे लोग उन्हें इलाज के लिए पटना स्थित निजी अस्पताल ले गए। पटना में 8 दिन चले इलाज के बाद आलमगीर ने दम तोड़ दिया। सूचना पाकर पुलिस सदर अस्पताल पहुंची और शव का पोस्टमार्टम करवाया। बताया जाता है कि मृतक अपने चार भाई, दो बहन बहन में चौथे स्थान पर थे। उनके परिवार में पत्नी महजिदन खातून, 3 बेटी (नेहा खातून, रोजीदन खातून, सहिदन खातून) और 2 बेटे मो. समीर एवं मो. खादिब मंसूरी है।


