What is Doomjobbing: आज के डिजिटल युग में इंटरनेट पर घंटों समय बिताना आम बात हो गई है। सोशल मीडिया पर घंटों खराब खबरें या वीडियो देखने को डूमस्क्रॉलिंग कहा जाता है। हाल ही में करियर की दुनिया में एक नया शब्द चर्चा का विषय बना हुआ है जिसे डूमजॉबिंग कहा जा रहा है। आजकल युवा और कामकाजी लोग अपना ज्यादातर समय कई तरह के जॉब पोर्टल्स पर नई नौकरियां तलाशने और अप्लाई करने में बिता रहे हैं। यह सब देखने में प्रोग्रेस जैसे लगता है, लेकिन असल में यह आपके मेंटल पीस और करियर के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।
क्या है डूमजॉबिंग?
डूमजॉबिंग का मतलब होता है, बिना किसी टारगेट के लगातार नई जॉब्स के विज्ञापनों को देखना और उसके लिए अप्लाई करते रहना। यह एक तरह की मेंटल स्टेट है जहां इंसान सोचने लगता है कि वह अपने फ्यूचर के लिए कुछ बेहतर कर रहा है, जबकि वह केवल इनसिक्योरिटी और डर के कारण ऐसा कर रहा होता है।
- दिखावटी प्रोग्रेस: इंसान को महसूस होता है कि वह एक्टिव है, लेकिन असल में वह अपनी मौजूदा स्किल्स को सुधारने के बजाय केवल क्लिक करने में समय गंवा रहा होता है।
- डिससेटिसफैक्शन: लगातार दूसरें लोगों की अच्छी सैलरी और प्रोफाइल देखने से इंसान के मन में अपने काम को लेकर नफरत और असंतुष्टी पैदा होने लगती है।

क्यों बढ़ रहा है डूमजॉबिंग का चलन?
जानकारों के मुताबिक, इसके पीछे कई साइकोलॉजिकल कारण हैं। इकोनॉमिक अनसर्टेनिटी, छंटनी की खबरें और सोशल मीडिया पर दूसरों की सफलता की चकाचौंध युवाओं को इनसिक्योर महसूस कराती है। इन सभी से बचने के लिए वे हर दूसरी नौकरी पर अप्लाई करना शुरू कर देते हैं। उन्हें लगता है कि बैकअप प्लान तैयार रखना जरूरी है, लेकिन यह ‘बैकअप’ ही उनकी करंट परफोर्मेंस को खराब करने लगता है।
डूमजॉबिंग के 4 बड़े खतरे
- फोकस में कमी: जब आपका ध्यान लगातार नई नौकरियों पर होता है, तो आप अपने वर्तमान ऑफिस के काम पर फोकस नहीं कर पाते। इससे आपके काम की एफिशिएंसी घटती है।
- मेंटल स्ट्रेस और थकान: लगातार रिजेक्शन या जवाब न मिलने से कॉन्फिडेंस कम होने लगता है। दिन भर स्क्रीन पर नौकरियां ढूंढना ‘बर्नआउट’ का कारण बनता है।
- स्किल्स पर ध्यान न देना: डूमजॉबिंग करने वाले लोग अप्लाई तो बहुत करते हैं, लेकिन नई चीजें सीखने पर समय नहीं देते। बिना नई स्किल्स के पुरानी प्रोफाइल पर ही बार-बार अप्लाई करते रहने से कोई खास रिजल्ट नहीं मिलता।
- करियर स्टेबिलिटी पर असर: बार-बार जॉब बदलने से आपके करियर पर इसका नेगेटिव असर पड़ता है।
ऐसे बचें इस जाल से
- समय तय करें: जॉब पोर्टल्स देखने के लिए दिन का एक फिक्स समय तय करें, जैसे आधा या एक घंटा। पूरा दिन ब्राउजिंग न करें।
- क्वालिटी पर ध्यान दें: सौ जगह बिना सोचे-समझे अप्लाई करने से बेहतर है कि आप अपनी पसंद की पांच कंपनियों को चुनें और उनके हिसाब से अपनी प्रोफाइल तैयार करें।
- वर्तमान काम की कद्र करें: जब तक आप नई नौकरी जॉइन नहीं कर लेते, तब तक अपने वर्तमान काम को पूरी ईमानदारी से करें। यही एक्सपीरियंस आपके अगले इंटरव्यू में काम आएगा।
- नई स्किल्स सीखें: केवल जॉब्स ढूंढने के बजाय यह देखें कि मार्केट में किस चीज की मांग है और वह स्किल्स खुद में डेवलप करें।


