‘डॉक्टर साहब इसी सांप ने मेरे भाई को डंसा’:गोपालगंज में बड़े भाई को डंसा, छोटे ने पकड़ा;एंटी-वेनम इंजेक्शन देने के बाद रेफर

‘डॉक्टर साहब इसी सांप ने मेरे भाई को डंसा’:गोपालगंज में बड़े भाई को डंसा, छोटे ने पकड़ा;एंटी-वेनम इंजेक्शन देने के बाद रेफर

गोपालगंज सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सर्पदंश के शिकार एक किशोर के परिजन जहरीले सांप को डिब्बे में बंद कर अस्पताल पहुंच गए। डिब्बे के भीतर रेंगते हुए खतरनाक गेहुंवन सांप को देखकर वहां मौजूद मरीजों, उनके तीमारदारों और अस्पताल कर्मियों के होश उड़ गए। सांप काटने के बाद बिगड़ी तबीयत यह घटना कुचायकोट थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव की है। यहां 15 वर्षीय किशोर शिवम कुमार को एक जहरीले गेहुंवन सांप ने डंस लिया था। सांप के काटने के बाद शिवम की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। परिजन उसे तुरंत कुचायकोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद एंटी-वेनम इंजेक्शन दिया। हालांकि, हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस पूरी घटना के दौरान शिवम के छोटे भाई आदर्श ने असाधारण हिम्मत दिखाई। डॉक्टरों को सांप की सही पहचान बताने और उचित इलाज सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आदर्श ने अपनी जान जोखिम में डालकर उस जहरीले गेहुंवन सांप को पकड़ लिया। डिब्बे में सांप को लेकर अस्पताल पहुंचा उसने सांप को एक प्लास्टिक के डिब्बे में बंद किया और सीधे सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंच गया। उसने डॉक्टरों को डिब्बा दिखाते हुए बताया कि “डॉक्टर साहब, इसी सांप ने मेरे भाई को डंसा है।” फिलहाल, सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में किशोर शिवम का इलाज डॉक्टरों की देखरेख में जारी है। समय पर एंटी-वेनम मिलने के कारण उसकी हालत में सुधार हो रहा है। डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को पहले से बेहतर और खतरे से बाहर बताया है। गोपालगंज सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सर्पदंश के शिकार एक किशोर के परिजन जहरीले सांप को डिब्बे में बंद कर अस्पताल पहुंच गए। डिब्बे के भीतर रेंगते हुए खतरनाक गेहुंवन सांप को देखकर वहां मौजूद मरीजों, उनके तीमारदारों और अस्पताल कर्मियों के होश उड़ गए। सांप काटने के बाद बिगड़ी तबीयत यह घटना कुचायकोट थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव की है। यहां 15 वर्षीय किशोर शिवम कुमार को एक जहरीले गेहुंवन सांप ने डंस लिया था। सांप के काटने के बाद शिवम की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। परिजन उसे तुरंत कुचायकोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद एंटी-वेनम इंजेक्शन दिया। हालांकि, हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस पूरी घटना के दौरान शिवम के छोटे भाई आदर्श ने असाधारण हिम्मत दिखाई। डॉक्टरों को सांप की सही पहचान बताने और उचित इलाज सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आदर्श ने अपनी जान जोखिम में डालकर उस जहरीले गेहुंवन सांप को पकड़ लिया। डिब्बे में सांप को लेकर अस्पताल पहुंचा उसने सांप को एक प्लास्टिक के डिब्बे में बंद किया और सीधे सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंच गया। उसने डॉक्टरों को डिब्बा दिखाते हुए बताया कि “डॉक्टर साहब, इसी सांप ने मेरे भाई को डंसा है।” फिलहाल, सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में किशोर शिवम का इलाज डॉक्टरों की देखरेख में जारी है। समय पर एंटी-वेनम मिलने के कारण उसकी हालत में सुधार हो रहा है। डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को पहले से बेहतर और खतरे से बाहर बताया है।  

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