मधेपुरा के सिंहेश्वर धाम को एक विकसित धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रशासन ने अपनी पहल तेज कर दी है। जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन ने सिंहेश्वर में चल रही और प्रस्तावित विकास योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, पर्यटन विभाग के अधिकारियों और तकनीकी कर्मियों ने जिलाधिकारी को विभिन्न विकास योजनाओं के नक्शे, डिजाइन और प्रस्तावों की जानकारी दी। डीएम ने मंदिर परिसर, बाईपास मार्ग, पार्किंग क्षेत्र, शिवगंगा पोखर, प्रस्तावित धर्मशाला, मार्केट कॉम्प्लेक्स, फूड कोर्ट और मंडप निर्माण स्थल सहित अन्य विकास कार्यों का जायजा लिया। चैंबर और पाइपलाइन की मरम्मत के निर्देश जिलाधिकारी ने मंदिर के समीप स्थित अनुपयुक्त शौचालय को हटाने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और परिसर की स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। डीएम ने गर्भगृह से निकलने वाले पवित्र जल के सुचारु निकास के लिए पूर्व निर्मित चैंबर और पाइपलाइन की मरम्मत या आवश्यकतानुसार प्रतिस्थापन के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा। डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्किंग क्षेत्र का विस्तार इस प्रकार किया जाए, जिससे पारंपरिक मेला क्षेत्र प्रभावित न हो। यात्रियों और वाहन चालकों के लिए नए शौचालय बनाएं उन्होंने पार्किंग परिसर में यात्रियों और वाहन चालकों की सुविधा के लिए नए शौचालय बनाने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने फूड कोर्ट, धर्मशाला और मार्केट कॉम्प्लेक्स के निर्माण कार्यों में तेजी लाने, आवश्यक भूमि की घेराबंदी करने, विद्युत पोलों के स्थानांतरण और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिले शिवगंगा पोखर के सौंदर्यीकरण कार्य की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण तैयार करने के निर्देश दिए। प्रस्तावित प्रवेश द्वार, गोलंबर, बैरिकेडिंग पर शेड और अन्य जनसुविधा संबंधी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर करने को कहा। डीएम ने न्यास समिति की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि सिंहेश्वर को एक आधुनिक और विकसित धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा। इसका उद्देश्य यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मधेपुरा के सिंहेश्वर धाम को एक विकसित धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रशासन ने अपनी पहल तेज कर दी है। जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन ने सिंहेश्वर में चल रही और प्रस्तावित विकास योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, पर्यटन विभाग के अधिकारियों और तकनीकी कर्मियों ने जिलाधिकारी को विभिन्न विकास योजनाओं के नक्शे, डिजाइन और प्रस्तावों की जानकारी दी। डीएम ने मंदिर परिसर, बाईपास मार्ग, पार्किंग क्षेत्र, शिवगंगा पोखर, प्रस्तावित धर्मशाला, मार्केट कॉम्प्लेक्स, फूड कोर्ट और मंडप निर्माण स्थल सहित अन्य विकास कार्यों का जायजा लिया। चैंबर और पाइपलाइन की मरम्मत के निर्देश जिलाधिकारी ने मंदिर के समीप स्थित अनुपयुक्त शौचालय को हटाने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और परिसर की स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। डीएम ने गर्भगृह से निकलने वाले पवित्र जल के सुचारु निकास के लिए पूर्व निर्मित चैंबर और पाइपलाइन की मरम्मत या आवश्यकतानुसार प्रतिस्थापन के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा। डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्किंग क्षेत्र का विस्तार इस प्रकार किया जाए, जिससे पारंपरिक मेला क्षेत्र प्रभावित न हो। यात्रियों और वाहन चालकों के लिए नए शौचालय बनाएं उन्होंने पार्किंग परिसर में यात्रियों और वाहन चालकों की सुविधा के लिए नए शौचालय बनाने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने फूड कोर्ट, धर्मशाला और मार्केट कॉम्प्लेक्स के निर्माण कार्यों में तेजी लाने, आवश्यक भूमि की घेराबंदी करने, विद्युत पोलों के स्थानांतरण और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिले शिवगंगा पोखर के सौंदर्यीकरण कार्य की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण तैयार करने के निर्देश दिए। प्रस्तावित प्रवेश द्वार, गोलंबर, बैरिकेडिंग पर शेड और अन्य जनसुविधा संबंधी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर करने को कहा। डीएम ने न्यास समिति की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि सिंहेश्वर को एक आधुनिक और विकसित धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा। इसका उद्देश्य यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।


