शेखपुरा में संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने घाटकुसुभा प्रखंड के सहरा, बटौरा, कोयला, आलापुर, पानापुर और सुजलवापुर समेत दूरस्थ गांवों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ और जलजमाव से उत्पन्न जमीनी स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों को हरसंभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। राहत शिविर और जरूरी सामान की व्यवस्था के निर्देश डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जरूरत के अनुसार सुरक्षित स्थानों पर राहत शिविर शुरू करने और प्रभावित परिवारों को तत्काल पॉलीथिन शीट व खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने को कहा। आवागमन के लिए नावों की पर्याप्त व्यवस्था बाढ़ के कारण प्रभावित गांवों में आवागमन बाधित होने की स्थिति को देखते हुए अंचलाधिकारी को पर्याप्त संख्या में सरकारी और निजी नावों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। डीएम ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीम भी बुलाई जाएगी। मेडिकल कैंप में 24 घंटे डॉक्टरों की तैनाती बाढ़ के बाद बीमारियों के फैलने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया। प्रभावित इलाकों में मेडिकल कैंप लगाने, डॉक्टरों की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने और जीवन रक्षक दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था रखने को कहा गया। मवेशियों के लिए चारा और दवाओं की व्यवस्था पशुपालन विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त पशु चारा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही पशु चिकित्सकों की तैनाती और आवश्यक पशु औषधियों की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। पावर ग्रिड का भी किया निरीक्षण निरीक्षण के दौरान डीएम ने कोयला स्थित 33/11 केवी पावर ग्रिड का जायजा लिया। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति में भी बिजली आपूर्ति सुचारू रखने और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया। फसल क्षति का तत्काल आकलन कर रिपोर्ट देने का आदेश डीएम ने जिला कृषि पदाधिकारी को बाढ़ और जलजमाव से फसलों को हुए नुकसान का सही और तत्काल आकलन कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाया जा सके। वहीं, क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थिति का आकलन कर जल्द मरम्मत कराने को भी कहा गया। निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता लखींद्र पासवान, सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी, जिला कृषि पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता विद्युत राकेश कुमार समेत अन्य वरीय अधिकारी मौजूद रहे। शेखपुरा में संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने घाटकुसुभा प्रखंड के सहरा, बटौरा, कोयला, आलापुर, पानापुर और सुजलवापुर समेत दूरस्थ गांवों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ और जलजमाव से उत्पन्न जमीनी स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों को हरसंभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। राहत शिविर और जरूरी सामान की व्यवस्था के निर्देश डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जरूरत के अनुसार सुरक्षित स्थानों पर राहत शिविर शुरू करने और प्रभावित परिवारों को तत्काल पॉलीथिन शीट व खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने को कहा। आवागमन के लिए नावों की पर्याप्त व्यवस्था बाढ़ के कारण प्रभावित गांवों में आवागमन बाधित होने की स्थिति को देखते हुए अंचलाधिकारी को पर्याप्त संख्या में सरकारी और निजी नावों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। डीएम ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीम भी बुलाई जाएगी। मेडिकल कैंप में 24 घंटे डॉक्टरों की तैनाती बाढ़ के बाद बीमारियों के फैलने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया। प्रभावित इलाकों में मेडिकल कैंप लगाने, डॉक्टरों की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने और जीवन रक्षक दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था रखने को कहा गया। मवेशियों के लिए चारा और दवाओं की व्यवस्था पशुपालन विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त पशु चारा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही पशु चिकित्सकों की तैनाती और आवश्यक पशु औषधियों की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। पावर ग्रिड का भी किया निरीक्षण निरीक्षण के दौरान डीएम ने कोयला स्थित 33/11 केवी पावर ग्रिड का जायजा लिया। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति में भी बिजली आपूर्ति सुचारू रखने और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया। फसल क्षति का तत्काल आकलन कर रिपोर्ट देने का आदेश डीएम ने जिला कृषि पदाधिकारी को बाढ़ और जलजमाव से फसलों को हुए नुकसान का सही और तत्काल आकलन कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाया जा सके। वहीं, क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थिति का आकलन कर जल्द मरम्मत कराने को भी कहा गया। निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता लखींद्र पासवान, सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी, जिला कृषि पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता विद्युत राकेश कुमार समेत अन्य वरीय अधिकारी मौजूद रहे।

