प्रयागराज के मुट्ठीगंज में लाठी-डंडों व लोहे की रॉड से लैस होकर हमला करने के मामले का मुख्य आरोपी विशाल केसरवानी सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। सूत्रों के मुताबिक वह एक मौजूदा विधायक का करीबी है और इसी को लेकर मोहल्ले में दबंगई करते फिरता था। उधर मारपीट में घायल दोनों युवकों की हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें लेकर लखनऊ चले गए हैं। यह पूरा प्रकरण मुट्ठीगंज में 6 और 7 सितंबर को लगातार दो दिन हुए उपद्रव से संबंधित है। 6 सितंबर को रामभवन चौराहे पर आयोजित मटकीफोड़ प्रतियोगिता के दौरान विशाल केसरवानी व उसके साथियों ने दूसरे पक्ष से मारपीट की थी। अगले दिन फिर रात 9:30 बजे उसने अपने साथियों के साथ मिलकर दूसरे पक्ष पर लाठी-डंडों, लोहे की रॉड और ईंट-पत्थर से हमला किया। इसमें विशाल अग्रहरि और नितेश अग्रहरि गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। इनमें से एक का जबड़ा टूट गया है, जबकि दूसरे के हाथ-पैर व सिर में गंभीर चोट पहुंची है। पुलिस देर रात तक अन्य नामजद आरोपियों की तलाश में दबिश देती रही। 3 तस्वीर देखिए… लोहे की रॉड लेकर पहुंचे, देखते ही देखते एक-दूसरे पर हमला घटना रविवार रात 9:30 बजे के करीब हुई थी। यहां 15-20 युवक लाठी-डंडों और लोहे की रॉड लेकर रामभवन चौराहे पर पहुंचे और मोहल्ले में ही रहने वाले स्थानीय लड़कों को ललकारने लगे। इस पर दूसरी ओर से भी बड़ी संख्या में युवक जुट गए। इसके बाद दोनों पक्षों में गाली-गलौज शुरू हुई और फिर देखते ही देखते दोनों पक्ष एक-दूसरे पर टूट पड़े। दोनों पक्ष के युवकों ने एक दूसरे को लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। इससे भी मन नहीं भरा तो ईंट-पत्थर चलाने लगे। करीब 15 मिनट तक दोनों ओर से पथराव होता रहा। इस दौरान सड़क जंग का मैदान बनी रही। सरेआम हुई इस घटना से मोहल्ले में दहशत फैल गई और स्थानीय लोग भी घरों में दुबक गए। करीब 15 मिनट बाद मामला शांत हुआ तो मोहल्ले के ही विशाल और नितेश गंभीर रूप से जख्मी हाल में सड़क पर पड़े मिले थे। सूचना पर पुलिस पहुंची और फिर दोनों को निजी अस्पताल में ले जाया गया जहां गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती कर लिया था। थानाध्यक्ष मुट्ठीगंज मनोज कुमार सिंह ने बताया कि वीडियो फुटेज से मुख्य आरोपी विशाल केसरवानी को गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया गया है। उस पर पांच मुकदमे पहले से दर्ज हैं। 9 नामजद समेत 24 पर एफआईआर इस मामले में आयोजन कमेटी के सचिन कुमार अग्रहरि की तहरीर पर रविवार देर रात 9 नामजद समेत 24 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। तहरीर में उसने बताया, पांच सितंबर को रामभवन चौराहे पर जनमाष्टमी का कार्यक्रम कराया जा रहा था। वहीं पर कुछ अराजक लोग आकर कमेटी के सदस्यों के साथ मारपीट करने लगे तो कमेटी के सदस्यों ने किसी तरह मामला शांत कराया। 6 सितंबर की रात लगभग 9:30 बजे फिर से 20-25 लोग लाठी डंडा, धारदार औजार, लोहे की रॉड व असलहा लेकर आए और मारपीट करने लगे। इनमें ऋषि केसरवानी, श्रीराम जी केसरवानी (घोन्टू), हर्ष केसरवानी, लक्ष्य केसरवानी, राज कुमार केसरवानी (गुड्डू रावण), वंश केसरवानी, गोपाल केसरवानी, विशाल केसरवानी, उत्कर्ष केसरवानी व अन्य 15 लोग शामिल थे। मारपीट में नितेश अग्रहरि , विशाल अग्रहरि गंभीर रूप से चोटिल हुए और उन्हें ICU में भर्ती कराना पड़ा है। घटना में प्रदीप कुमार अग्रहरि, सेजल अग्रहरि, अनु अग्रहरि, नगीना अग्रहरि , साक्षी जायसवाल व अमिता अग्रहरि भी चोटिल हुए। वीडियो भी सामने आया सरेआम हुए इस तांडव का वीडियो भी सामने आया है। इसमें दाेनों गुट हाथों में लाठी-डंडे और लोहे की रॉड लेकर एक-दूसरे पर हमला करते नजर आ रहे हैं। कुछ देर बाद यही युवक ईंट-पत्थर चलाने लगते हैं। इस दौरान मौके से गुजरने वाले राहगीरों में अफरातफरी मचते भी दिखाई देती है। पहले भी हुआ था झगड़ा बताया जा रहा है रविवार को हुए खूनी संघर्ष की वजह एक दिन पहले इसी चौराहे पर हुआ विवाद रहा। शनिवार रात मटकी फोड़ प्रतियोगिता के दौरान यहां युवकों के दो गुट आपस में भिड़ गए और पुर उनमें जमकर मारपीट हुई थी। युवकों ने एक-दूसरे पर लात-घूंसे और थप्पड़ बरसाए। दोनों गुटों के बीच सड़क पर काफी देर तक मारपीट होती रही। इससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हजारों की भीड़ के बीच शुरू हुआ था विवाद
मटकी फोड़ प्रतियोगिता देखने के लिए आसपास के इलाके से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। देर रात कार्यक्रम चल ही रहा था, इसी दौरान युवकों के दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। पहले दोनों पक्षों में कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया था। दोनों गुटों के युवक एक-दूसरे पर टूट पड़े। किसी ने थप्पड़ मारे तो किसी ने लात-घूंसे चलाए। मारपीट के दौरान युवक एक-दूसरे को दौड़ाकर पीटते नजर आए। अचानक हुए इस बवाल से कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। लोग इधर-उधर हटने लगे और कुछ देर के लिए प्रतियोगिता भी प्रभावित हुई।
पुलिसकर्मियों के सामने करते रहे थे मारपीट
बवाल की सूचना मिलने पर मुट्ठीगंज पुलिस मौके पर पहुंची थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पुलिसकर्मियों के पहुंचने के बाद भी कुछ युवक मारपीट करते रहे। बताया जा रहा है कि विवाद में शामिल कुछ युवक नशे की हालत में थे। पुलिस ने स्थिति संभालने के बाद कुछ युवकों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। हालांकि, मामला थाने पहुंचने के बाद किसी भी पक्ष ने पुलिस को लिखित तहरीर नहीं दी। दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते की बात सामने आने के बाद पुलिस ने हिरासत में लिए गए युवकों को थाने से छोड़ दिया था। पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ी थी प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हालात इस कदर बेकाबू हुए कि पुलिसकर्मियों के पहुंचने के बाद भी दोनों गुट नहीं रुके। इस पर पहले उन्हें रोकने की कोशिश की गई। नहीं मानने पर पुलिसकर्मियों ने उपद्रव कर रहे युवकों की धुनाई शुरू कर दी। एक पुलिसकर्मी ने थप्पड़ बरसाए तो दूसरे ने लाठियां भांजकर उपद्रवियों को खदेड़ा। यह पूरी घटना कैमरे में भी कैद हुई।

