कटिहार में महानंदा नदी में कटाव की सूचना के बाद, जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने आजमनगर प्रखंड के कटाव प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने मानसून से पहले बाढ़ निरोधक कार्यों की प्रगति, तटबंधों की स्थिति और नदी किनारे चल रहे सुरक्षात्मक कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, जिला पदाधिकारी ने जल संसाधन विभाग द्वारा महानंदा नदी के किनारे कराए जा रहे बोल्डर पिचिंग, तटबंध मजबूत करने और स्पर निर्माण कार्यों को बारीकी से देखा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में क्षेत्र में कटाव की स्थिति नहीं है, लेकिन मानसून को देखते हुए संभावित खतरों से निपटने के लिए सभी बाढ़ निरोधक कार्यों को शत-प्रतिशत पूरा करना अनिवार्य है। गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं – DM डीएम ने लंबित कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा करने के लिए अतिरिक्त मजदूरों और मशीनों की तैनाती का निर्देश दिया। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया और स्पष्ट किया कि बाढ़ निरोधक कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जिला पदाधिकारी ने अंचलाधिकारी को संवेदनशील गांवों में नियमित रूप से बाढ़ चौपाल आयोजित कर स्थानीय लोगों को बाढ़ से बचाव और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया। आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश उन्होंने आपदा मित्रों की टीम को अलर्ट मोड में रखने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी सुनिश्चित करने को भी कहा। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए, डीएम ने सामुदायिक रसोई, मेडिकल कैंप और पशु चारे की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। कटिहार में महानंदा नदी में कटाव की सूचना के बाद, जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने आजमनगर प्रखंड के कटाव प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने मानसून से पहले बाढ़ निरोधक कार्यों की प्रगति, तटबंधों की स्थिति और नदी किनारे चल रहे सुरक्षात्मक कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, जिला पदाधिकारी ने जल संसाधन विभाग द्वारा महानंदा नदी के किनारे कराए जा रहे बोल्डर पिचिंग, तटबंध मजबूत करने और स्पर निर्माण कार्यों को बारीकी से देखा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में क्षेत्र में कटाव की स्थिति नहीं है, लेकिन मानसून को देखते हुए संभावित खतरों से निपटने के लिए सभी बाढ़ निरोधक कार्यों को शत-प्रतिशत पूरा करना अनिवार्य है। गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं – DM डीएम ने लंबित कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा करने के लिए अतिरिक्त मजदूरों और मशीनों की तैनाती का निर्देश दिया। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया और स्पष्ट किया कि बाढ़ निरोधक कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जिला पदाधिकारी ने अंचलाधिकारी को संवेदनशील गांवों में नियमित रूप से बाढ़ चौपाल आयोजित कर स्थानीय लोगों को बाढ़ से बचाव और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया। आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश उन्होंने आपदा मित्रों की टीम को अलर्ट मोड में रखने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी सुनिश्चित करने को भी कहा। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए, डीएम ने सामुदायिक रसोई, मेडिकल कैंप और पशु चारे की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

