सहरसा में महिला उद्यमिता और ग्रामीण स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत दीवारी पंचायत के दिवारी स्थान पर जिले के पहला’जीविका सुधा बिक्री केंद्र’ का उद्घाटन गुरुवार शाम जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने किया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, जीविका के अधिकारी, कर्मी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। यह पहल जीविका और कॉम्फेड (सुधा) के संयुक्त प्रयास का परिणाम है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। परिवार का खर्च चलाना होता था मुश्किल दीवारी पंचायत में लाभुक का चयन पारदर्शी तरीके से लॉटरी के माध्यम से किया गया। इसमें जीविका दीदी गुंजन देवी को चुना गया। उन्हें व्यवसाय के विस्तार और संचालन के लिए द्वितीय एवं तृतीय किस्त के रूप में कुल 60 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर उद्यमी गुंजन देवी ने अपने संघर्ष और नए सफर के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पहले वह खेतों में घास और भूसा काटने जैसी मजदूरी करती थीं, जिससे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल होता था। अब उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिला है। गुंजन देवी ने बताया कि केंद्र से होने वाली आमदनी का उपयोग वह अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में करेंगी। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की योजना जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) श्लोक कुमार ने बताया कि जिले की प्रत्येक पंचायत में जीविका सुधा बिक्री केंद्र खोलने की योजना है। दीवारी का यह केंद्र इस अभियान का पहला मॉडल है। इन केंद्रों से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और नियमित आय का अवसर मिलेगा। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को शुद्ध दूध और विभिन्न डेयरी उत्पाद स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध हो पाएंगे। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने बताया कि 135 पंचायत मे जीविका के माध्यम से केंद्र खोले जाएंगे जिसमे 122 केंद्र का स्थल चिन्हित है और गुरुवार को एक केंद्र का शुभारंम किया गया। जिससे महिलाओ को आत्मनिर्भर बनाने की योजना है। अधिकारियों ने कहा कि इस पहल से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ गांवों में स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। स्थानीय ग्रामीणों ने भी इसे महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। सहरसा में महिला उद्यमिता और ग्रामीण स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत दीवारी पंचायत के दिवारी स्थान पर जिले के पहला’जीविका सुधा बिक्री केंद्र’ का उद्घाटन गुरुवार शाम जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने किया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, जीविका के अधिकारी, कर्मी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। यह पहल जीविका और कॉम्फेड (सुधा) के संयुक्त प्रयास का परिणाम है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। परिवार का खर्च चलाना होता था मुश्किल दीवारी पंचायत में लाभुक का चयन पारदर्शी तरीके से लॉटरी के माध्यम से किया गया। इसमें जीविका दीदी गुंजन देवी को चुना गया। उन्हें व्यवसाय के विस्तार और संचालन के लिए द्वितीय एवं तृतीय किस्त के रूप में कुल 60 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर उद्यमी गुंजन देवी ने अपने संघर्ष और नए सफर के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पहले वह खेतों में घास और भूसा काटने जैसी मजदूरी करती थीं, जिससे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल होता था। अब उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिला है। गुंजन देवी ने बताया कि केंद्र से होने वाली आमदनी का उपयोग वह अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में करेंगी। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की योजना जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) श्लोक कुमार ने बताया कि जिले की प्रत्येक पंचायत में जीविका सुधा बिक्री केंद्र खोलने की योजना है। दीवारी का यह केंद्र इस अभियान का पहला मॉडल है। इन केंद्रों से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और नियमित आय का अवसर मिलेगा। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को शुद्ध दूध और विभिन्न डेयरी उत्पाद स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध हो पाएंगे। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने बताया कि 135 पंचायत मे जीविका के माध्यम से केंद्र खोले जाएंगे जिसमे 122 केंद्र का स्थल चिन्हित है और गुरुवार को एक केंद्र का शुभारंम किया गया। जिससे महिलाओ को आत्मनिर्भर बनाने की योजना है। अधिकारियों ने कहा कि इस पहल से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ गांवों में स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। स्थानीय ग्रामीणों ने भी इसे महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

