सहरसा में खुला डिस्टिक सोल्जर बोर्ड कार्यालय:कोसी प्रमंडल के पूर्व सैनिकों को अब नहीं जाना पड़ेगा भागलपुर

सहरसा में खुला डिस्टिक सोल्जर बोर्ड कार्यालय:कोसी प्रमंडल के पूर्व सैनिकों को अब नहीं जाना पड़ेगा भागलपुर

सहरसा में शुक्रवार को जिला सैनिक कल्याण कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया गया। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने फीता काटकर इस कार्यालय का शुभारंभ किया। यह कार्यालय कोसी प्रमंडल के पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को स्थानीय स्तर पर सुविधाएं प्रदान करेगा, जिससे उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भागलपुर नहीं जाना पड़ेगा। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, जिला प्रशासन के अधिकारी, सहरसा, सुपौल और मधेपुरा के भूतपूर्व सैनिक तथा उनके परिजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे। उद्घाटन के बाद जिलाधिकारी ने तिरंगा ध्वज फहराकर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने बताया कि अब तक सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिले के पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लगभग 150 किलोमीटर दूर भागलपुर जाना पड़ता था। सहरसा में कार्यालय खुलने से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। यह कार्यालय प्रमंडलीय स्तर पर कार्य करेगा और तीनों जिलों के लगभग 15 हजार पूर्व सैनिकों, शहीदों की वीरांगनाओं तथा आश्रितों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं कल्याणकारी सुविधाओं का लाभ दिलाने में मदद करेगा। जिलाधिकारी ने पूर्व सैनिकों के सम्मान और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई। डीएम दीपेश कुमार ने आश्वासन दिया कि यदि किसी पूर्व सैनिक, वीरांगना या आश्रित को कोई परेशानी होती है, तो जिला प्रशासन का दरवाजा उनके लिए 24 घंटे खुला रहेगा। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा करने वाले सैनिकों के लिए प्रशासन हर समय तत्पर है और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान प्राथमिकता होगी। जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी के रूप में नियुक्त कर्नल संजय कुमार सिंह ने बताया कि उनकी मूल पदस्थापना भागलपुर में है, जहां नौ जिलों का कार्यभार है। सहरसा में कार्यालय खुलने से कोसी प्रमंडल के तीनों जिलों के पूर्व सैनिकों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार द्वारा फिलहाल दो अधिकारियों की नियुक्ति की गई है और जिला प्रशासन के सहयोग से कार्यालय का संचालन शुरू कर दिया गया है। भविष्य में स्थायी भवन की व्यवस्था भी की जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से शाहिद सैनिकों की पत्नी को शाल देकर सम्मानित किया गया।

 सहरसा में शुक्रवार को जिला सैनिक कल्याण कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया गया। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने फीता काटकर इस कार्यालय का शुभारंभ किया। यह कार्यालय कोसी प्रमंडल के पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को स्थानीय स्तर पर सुविधाएं प्रदान करेगा, जिससे उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भागलपुर नहीं जाना पड़ेगा। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, जिला प्रशासन के अधिकारी, सहरसा, सुपौल और मधेपुरा के भूतपूर्व सैनिक तथा उनके परिजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे। उद्घाटन के बाद जिलाधिकारी ने तिरंगा ध्वज फहराकर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने बताया कि अब तक सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिले के पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लगभग 150 किलोमीटर दूर भागलपुर जाना पड़ता था। सहरसा में कार्यालय खुलने से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। यह कार्यालय प्रमंडलीय स्तर पर कार्य करेगा और तीनों जिलों के लगभग 15 हजार पूर्व सैनिकों, शहीदों की वीरांगनाओं तथा आश्रितों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं कल्याणकारी सुविधाओं का लाभ दिलाने में मदद करेगा। जिलाधिकारी ने पूर्व सैनिकों के सम्मान और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई। डीएम दीपेश कुमार ने आश्वासन दिया कि यदि किसी पूर्व सैनिक, वीरांगना या आश्रित को कोई परेशानी होती है, तो जिला प्रशासन का दरवाजा उनके लिए 24 घंटे खुला रहेगा। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा करने वाले सैनिकों के लिए प्रशासन हर समय तत्पर है और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान प्राथमिकता होगी। जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी के रूप में नियुक्त कर्नल संजय कुमार सिंह ने बताया कि उनकी मूल पदस्थापना भागलपुर में है, जहां नौ जिलों का कार्यभार है। सहरसा में कार्यालय खुलने से कोसी प्रमंडल के तीनों जिलों के पूर्व सैनिकों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार द्वारा फिलहाल दो अधिकारियों की नियुक्ति की गई है और जिला प्रशासन के सहयोग से कार्यालय का संचालन शुरू कर दिया गया है। भविष्य में स्थायी भवन की व्यवस्था भी की जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से शाहिद सैनिकों की पत्नी को शाल देकर सम्मानित किया गया।

  

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