जिला जज बोले-पेड़-पौधे हमारे अस्तित्व के लिए जरूरी:गोपालगंज सिविल कोर्ट में पौधारोपण कार्यक्रम,पर्यावरण संरक्षण पर जोर

जिला जज बोले-पेड़-पौधे हमारे अस्तित्व के लिए जरूरी:गोपालगंज सिविल कोर्ट में पौधारोपण कार्यक्रम,पर्यावरण संरक्षण पर जोर

गोपालगंज सिविल कोर्ट के नए भवन परिसर में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक वृहद पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार की अध्यक्ष गीता गुप्ता ने की। इसमें न्यायिक अधिकारियों, वकीलों और न्यायालय के कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। पर्यावरण को हरा-भरा बनाने के संकल्प के साथ इस कार्यक्रम की शुरुआत हुई। परिसर में विभिन्न प्रकार के फलदार और छायादार पौधे लगाए गए। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गीता गुप्ता और वन प्रमंडल पदाधिकारी मेघा यादव ने संयुक्त रूप से पहला पौधा रोपा। प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय धीरेंद्र बहादुर सिंह और अन्य न्यायिक पदाधिकारियों ने भी पौधे लगाए। इसके बाद, पाँच-पाँच न्यायिक पदाधिकारियों के अलग-अलग समूहों ने पौधारोपण किया। जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष, सचिव और विद्वान अधिवक्ताओं ने भी संयुक्त रूप से पौधे लगाए। अंत में, जिला विधिक सेवा प्राधिकार और व्यवहार न्यायालय के कर्मचारियों ने भी पौधारोपण में हिस्सा लिया। प्रत्येक व्यक्ति को पौधे लगाने चाहिए इस अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गीता गुप्ता ने पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे हमारे जीवन और पर्यावरण के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। बढ़ते प्रदूषण को कम करने और प्रकृति में संतुलन बनाए रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए। जिला जज ने यह भी कहा कि यह हमारे अस्तित्व के लिए ज़रूरी है, ताकि पृथ्वी पर तापमान, प्रदूषण और गैसों का संतुलन बना रहे। इस कार्यक्रम ने न केवल कोर्ट परिसर को हरा-भरा बनाने का संदेश दिया, बल्कि समाज को पर्यावरण के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनने की प्रेरणा भी दी। गोपालगंज सिविल कोर्ट के नए भवन परिसर में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक वृहद पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार की अध्यक्ष गीता गुप्ता ने की। इसमें न्यायिक अधिकारियों, वकीलों और न्यायालय के कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। पर्यावरण को हरा-भरा बनाने के संकल्प के साथ इस कार्यक्रम की शुरुआत हुई। परिसर में विभिन्न प्रकार के फलदार और छायादार पौधे लगाए गए। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गीता गुप्ता और वन प्रमंडल पदाधिकारी मेघा यादव ने संयुक्त रूप से पहला पौधा रोपा। प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय धीरेंद्र बहादुर सिंह और अन्य न्यायिक पदाधिकारियों ने भी पौधे लगाए। इसके बाद, पाँच-पाँच न्यायिक पदाधिकारियों के अलग-अलग समूहों ने पौधारोपण किया। जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष, सचिव और विद्वान अधिवक्ताओं ने भी संयुक्त रूप से पौधे लगाए। अंत में, जिला विधिक सेवा प्राधिकार और व्यवहार न्यायालय के कर्मचारियों ने भी पौधारोपण में हिस्सा लिया। प्रत्येक व्यक्ति को पौधे लगाने चाहिए इस अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गीता गुप्ता ने पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे हमारे जीवन और पर्यावरण के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। बढ़ते प्रदूषण को कम करने और प्रकृति में संतुलन बनाए रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए। जिला जज ने यह भी कहा कि यह हमारे अस्तित्व के लिए ज़रूरी है, ताकि पृथ्वी पर तापमान, प्रदूषण और गैसों का संतुलन बना रहे। इस कार्यक्रम ने न केवल कोर्ट परिसर को हरा-भरा बनाने का संदेश दिया, बल्कि समाज को पर्यावरण के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनने की प्रेरणा भी दी।  

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