अम्बेडकरनगर में भाजपा को नया जिलाध्यक्ष मिलते ही संगठन के भीतर एक नई राजनीतिक तस्वीर भी उभरती दिखाई दे रही है। जिलाध्यक्ष पद पर दिलीप देव पटेल की ताजपोशी के दौरान जिस चेहरे की सबसे अधिक चर्चा रही, वह भाजपा नेता विवेक मौर्य हैं। लखनऊ में पार्टी मुख्यालय से लेकर अम्बेडकरनगर तक दोनों नेताओं की एक साथ मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। राजनीति में कई बार तस्वीरें और घटनाएं शब्दों से ज्यादा संदेश देती हैं। दिलीप देव पटेल के जिलाध्यक्ष बनने के बाद उनका स्वागत करने वालों की कमी नहीं थी, लेकिन लखनऊ से उन्हें अपनी गाड़ी से लेकर जिले तक पहुंचाने वाले विवेक मौर्य ने खुद को चर्चा के केंद्र में ला दिया। पार्टी सूत्रों की मानें तो जिलाध्यक्ष चयन के दौरान भी विवेक मौर्य लगातार सक्रिय रहे और लखनऊ में उनकी मौजूदगी रही। भाजपा संगठन में लंबे समय बाद ऐसा अवसर आया है जब जिले में दो युवा चेहरे एक साथ चर्चा के केंद्र में हैं। एक के हाथ में संगठन की कमान है तो दूसरा विधानसभा राजनीति में अपनी सक्रिय दावेदारी को लेकर जाना जाता है। ऐसे में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या आने वाले दिनों में संगठन और चुनावी राजनीति की नई धुरी इन्हीं दोनों नेताओं के इर्द-गिर्द घूमेगी। जानकारों का मानना है कि 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। फिलहाल यह सिर्फ तस्वीरों और घटनाओं की राजनीति है, लेकिन अम्बेडकरनगर भाजपा में इस नई। “केमिस्ट्री” ने कई पुराने समीकरणों की चर्चा जरूर तेज कर दी है।


